मोदी सरकार ने प्रचार पर रोज खर्च किए दो करोड़ रुपए

1 साल में मीडिया में बांटा 714 करोड़ -आरटीआई में हुआ खुलासा

नई दिल्ली |नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल अपने प्रचार पर रोजाना करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए। आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार मोदी सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में अखबारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और होर्डिंग्स आदि में विज्ञापनों के माध्यम से करदाताओं के लगभग 713.20 करोड़ रुपये खर्च किए।

सरकार की तरफ से यह राशि खुद के प्रचार पर खर्च की गई। मुंबई के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट जतिन देसाई ने आरटीआई के तहत इस संबंध में जानकारी मांगी थी। इस आरटीआई के जवाब में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ब्यूरो ऑफ आउटरिच एंड कम्यूनिकेशन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 2019-2020 के बीच विज्ञापनों पर औसतन प्रति दिन 1.95 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

मालूम हो कि पिछले वित्त के दौरान ही लोकसभा चुनाव के साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी संपन्न हुए थे। 713 करोड़ रुपये में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर Rs.317.05 करोड़, प्रिंट मीडिया पर 295.05 करोड़ रुपये और आउटडोर मीडिया के जरिये 101.10 करोड़ रुपये विज्ञापन खर्च शामिल था।

हालांकि आरटीआई के तहत यह नहीं बताया कि मोदी सरकार की तरफ से विदेशी मीडिया में प्रचार पर कितनी राशि खर्च की गई। इससे पहले जून 2019 में, मुंबई के रहने वाले अनिल गलगली की तरफ से दायर एक अन्य आरटीआई के जवाब में, मंत्रालय ने बताया था कि उसने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, आउटडोर मीडिया और प्रिंट प्रचार पर करदाताओं के पैसे के 3,767.2651 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

वहीं, इसके एक साल पहले, मई 2018 में, मंत्रालय द्वारा गलगली के एक और आरटीआई के जवाब से मोदी सरकार की तरफ से विज्ञापन पर खर्च की जानकारी सामने आई थी। इसमें बताया गया था कि मोदी सरकार ने जून 2014 में भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के बाद से मीडिया पर विज्ञापन और प्रचार पर 4,343.26 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

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