निजीकरण का विरोध : 26 को बिजलीकर्मी भी हड़ताल पर

26 नवम्बर को होगी देशव्यापी आम हड़ताल

मूंदी । केंद्र सरकार द्वारा सरकारी क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रीसिटी एम्प्लाइज तथा अन्य केंद्रीय श्रम संगठनों द्वारा 26 नवंबर को एक दिवसीय देशव्यापी कलमबंद हड़ताल का आव्हान किया गया है।

मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के शाखा सचिव मुकेश माल्या ने बताया कि निजीकरण और सात सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी एक दिवसीय पूर्ण कलमबंद हड़ताल प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश में भी विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के नेतृत्व में हड़ताल में शामिल होंगे। इससे देश और प्रदेश में विद्युत प्रबंधन कार्य प्रभावित होगा। यदि कर्मचारी संगठनों की मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही विद्युत प्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार रहेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

– विद्युत अमेडमेट बिल 2020 तथा स्टेंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट को वापस लिया जाए।

– उड़ीसा सहित समस्त केंद्र शासित राज्यों में निजीकरण को तुरंत रोका जाए।

– राज्यों में कार्यरत सभी फ्रेंचाइजिस को तत्काल बंद किया जाए।

– केरल और हरियाणा राज्यों के समान एक बोर्ड बनाया जाए।

– समस्त कर्मचारियों, अधिकारियों तथा इंजीनियर्स के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए।

– तेलंगाना राज्य के समान समस्त संविदा, ठेका तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

– सभी विद्युत मंडलों तथा उनकी उप कंपनियों में रिक्त नियमित पदों को शीघ्र भरा जाए।

नईदुनिया से साभार

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