MP में मनरेगा घोटाला : जॉब कार्ड व मज़दूरी में फर्जीवाड़ा

जॉब कार्ड में दीपिका पादुकोण, जिसे चुकाई मजदूरी उसे पता ही नहीं

भोपाल: मध्‍य प्रदेश में खरगोन जिले की एक ग्राम पंचायत में फ़िल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण सहित अन्य हीरोइनों की तस्वीरें रोजगार गारंटी जॉब कार्ड पर लगाकर पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया. ऑनलाइन जॉब कार्ड पर ग्रामीण महिला-पुरुषों की तस्वीर की जगह पर एक्ट्रेस की तस्वीरें लगाई गईं. यहीं नहीं, इन जॉब कार्ड्स पर मजदूरी की राशि भी जारी कर दी है. कई ग्रामीणों को यह तक नहीं पता कि उनके नाम से राशि भी जारी हुई, वे काम पर कभी गए ही नहीं.

खरगौन के एक गांव के 30 साल के सोनू शांतिलाल के नाम के आगे दीपिका पादुकोण की तस्वीर लगी हुई है. जॉब कार्ड के मुताबिक, शांतिलाल ने मनरेगा में पूनमचंद के खेत के पास नाला बनाया है, भुगतान भी हुआ है. इस गांव में ऐसे 1-2 नहीं, 11 हितग्राही हैं जो सेलिब्रिटी हैं. यह और बात है कि कई जॉब कार्डधारियों को पता ही नहीं कि उनके नाम से कब राशि निकल गई और उसपर फिल्म अभिनेत्रियों की तस्वीर लगी हैं.

गांव के मनोज दुबे के पास तो 50 एकड़ जमीन है, उन्होंने ना कभी जॉब कार्ड बनवाया, ना कभी मजदूरी की. लेकिन फिर भी उनके नाम से जॉब कार्ड बने हैं. गांव के अन्य निवासी सोनू की भी यही कहानी है. उन्होंने बताया, ‘सर पता नहीं कैसे बना लिया, हमने कभी नहीं दिया. ये पूरा पैनल है अधिकारी तक मिले हैं. मेरी पत्नी की जगह दीपिका की फोटो लगा दी.’

जिला पंचायत के सीईओ गौरव बैनल का मामले पर कहना है, ‘यह मामला अभी संज्ञान में आया है, जिसमें 11 जॉब कार्ड की जानकारी उपलब्ध है. इसमें तथाकथित सेलिब्रिटीज की तस्वीरें लगी हैं और पिछले कुछ दिनों में राशि निकाली गई है और मस्टररोल भरे गए हैं. जांच कर पता लगाया जाएगा कि किस तरह जॉब कार्ड जारी किए गए हैं, वो सही है या नहीं और उन जॉब कार्ड पर ये तस्वीरें कैसे लगी हैं. जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.’

वैसे यह वही जनपद पंचायत झिरन्या है, जिसने मनरेगा के तहत शत-प्रतिशत मजदूरी भुगतान करने में देश में पहला नाम कमाया था. राज्य सरकार का दावा है कि इस साल मनरेगा में उसने तीन गुना काम दिया, वैसे लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट में पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने बताया कि 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में करीब 782 करोड़ रुपए के मनरेगा मजदूरी का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है, आधी रकम अकेले बंगाल की है, वहीं मध्य प्रदेश ने मजदूरों को लगभग 60 करोड़ नहीं दिए हैं.

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