बिजली निजीकरण के ख़िलाफ़ मध्य प्रदेश में भी संघर्ष का ऐलान

मध्य प्रदेश विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा का गठन

मंगठार. केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रदेशों की वितरण कंपनियों का निजीकरण की योजना बनाई जा रही है। जिसके विरोध के लिए मध्य प्रदेश विद्युत निजीकरण विरोधी संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश की वितरण कंपनियों के निजीकरण के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम मध्य प्रदेश के समस्त पावर हाउस मुख्यालयों पर विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। जिसके तारतम्य में संजय गांधी ताप विद्युत गृह परियोजना में प्रशासनिक भवन के सामने संयुक्त मोर्चा एवं मप्र विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने एकत्रित होकर विद्युत निजीकरण का विरोध करते हुए मुख्य अभियंता एच के संकुले को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा ।

जनता यूनियन की तरफ से एस पी गुर्जर ने बताया सरकार द्वारा जारी मसौदे पर विचार कर अपने सुझाव देने के लिए समय ना दिया जाना तानाशाही पूर्ण रवैया है। जिसका विरोध अत्यंत आवश्यक है इस संयुक्त ज्ञापन के माध्यम से स्टैंडर्ड बिड डॉक्यूमेंट को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई। मांग पूरी ना होने की स्थिति में संयुक्त मोर्चा द्वारा विरोध स्वरूप समस्त प्रदेश में आंदोलनात्मक गतिविधियां प्रारंभ करते हुए कार्य बहिष्कार एवं हड़ताल जैसे कठोर निर्णय लिए जा सकते हैं। जिससे आम जन को समस्या का सामना करना पड़ेगा।

ज्ञापन सौंपते समय प्रहलाद सिंह, बी पी सिंह, गणेश राव माथनकर, श्री चौकसे, रवि निगम, तुलाराम चौरे, देवेन्द्र धाकड़, अरविंद शर्मा, पंकज गजभि, अमित सिंह, हर्षवर्धन कोट सहित सैकड़ों अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।

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