रॉकेट इंडिया में मज़दूरों का सत्याग्रह आन्दोलन शुरू

कोरोना में लगातार उत्तपादन, मज़दूरों की वेतन वृद्धि पर हठधर्मिता

पंतनगर (उत्तराखंड)। रॉकेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सिडकुल, पंतनगर में माँगपत्र के समाधान पर प्रबंधन की हठधर्मिता के चलते रॉकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संघ के आह्वान पर मज़दूरों ने 2 अक्टूबर से सत्याग्रह आंदोलन का शंखनाद करते हुए काला फीता बांध कर वैधानिक आन्दोलन प्रारम्भ किया, जिसे चरणबद्ध तरीके से तेज करने की घोषणा की।

यूनियन के महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि यूनियन के माँग पत्र दिनांक 05 मार्च 2020 पर प्रबंधन द्वारा अब तक कोई निर्णय नही निकाला गया है, जिसके चलते श्रमिको में रोष का माहौल चल रहा हैं। प्रबन्धन की इस हठधर्मिता के चलते यूनियन सदस्यों/श्रमिकों द्वारा कंपनी के अंदर कार्य करते हुए सत्याग्रह अभियान के तहत प्रबंधन का वैधानिक रूप से विरोध किया जाएगा- जैसे कि वर्क टू रूल (नियमानुसार काम), चाय खाना बहिष्कार, काला फीता बांध कर कार्य, मौन ब्रत आदि।

यूनियन अध्यक्ष गोविन्द सिंह ने कहा कि पूरे कोरोना/लॉकडाउन में प्लांट चला, भयावह माहौल में भी मज़दूर लगातार काम करते रहे, लेकिन जब मज़दूरों को देने की बारी आई तो प्रबंधन संकट का रोना रोने लगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते कंपनी में अब तक लगभग 10 से 14 कर्मचारी कोरोना पोजेटिव आ चुके हैं और एक कर्मचारी की मृत्यु भी हो चुकी है, लेकिन प्रबंधन कर्मचारियों का उचित बीमा करने व मुआवजे आदि के सम्बन्ध में यूनियन के पत्रों का ज़वाब भी नहीं दे रहा है।

यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि प्रबंधन की हठधर्मिता बनी रही तो मज़दूरों को बड़े आन्दोलन की ओर बढ़ना पड़ेगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

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