हाथरस से बलरामपुर : दरिन्दिगी के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश फूटा

उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार में विरोध प्रदर्शन

हाथरस से लेकर बलरामपुर तक दलित लड़कियों के साथ बलात्कार व निर्मम हत्याओं के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश फूट पड़ा है। इस दौरान लोगों ने कहा कि रोज बढती बलात्कार और हत्या की घटनाओं, महिलाओं व दलितों पर बढ़ती हिंसा की ही ये घटनाएँ एक कड़ी हैं। उत्तरप्रदेश में बेलगाम लोमहर्षक घटनाओं के लिए निरंकुश योगी सरकार से इस्तीफे की भी माँग बुलंद हो रही है।

उत्तराखंड  

पुरुषवादी मानसिकता और उपभोक्तावादी संस्कृति का पुतला दहन

रुद्रपुर। इंट्रार्क मजदूर संगठन सिडकुल पंतनगर व किच्छा के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के हाथरस एवं बलरामपुर सहित तीन अन्य स्थानों पर हुए सामूहिक बलात्कार एवं हत्याओं की लोमहर्षक घटनाओं के विरोध में 1 अक्टूबर को अंबेडकर पार्क रूद्रपुर में विभिन्न यूनियनों एवं संगठनों द्वारा सामूहिक सभा की गई एवं पुरुष प्रधान बलात्कारी मानसिकता का पुतला दहन किया गया।

इस दौरान योगी सरकार व हाथरस के डीएम, एसडीएम, एएसपी को बर्खास्त करने एवं 29 सितंबर की घृणित घटनाक्रम में शामिल समस्त पुलिस वालों को दंडित करने की मांग की गई। इसी के साथ पुरुषवादी मानसिकता और उपभोक्तावादी संस्कृति के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान हुआ।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हाथरस का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि उत्तर प्रदेश के ही बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, बनारस में भी सामूहिक बलात्कार एवं हत्याओं की हृदयविदारक घटना घटित हुई। हाथरस के घटनाक्रम से स्पष्ट है कि महिलाओं के प्रति हो रहे उपरोक्त घटनाओं के प्रति शासन प्रशासन के संवेदनहीन होकर अत्याचार को बढ़ावा दे रहा है। अपराधियों पर छेड़खानी की घटना की पहली रिपोर्ट छेड़खानी की दर्ज हुई और गिरफ्तारी भी करीब 10 दिन बाद हुई।

वक्ताओं ने कहा कि 29 सितंबर को जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार आधी रात में करने से पूरी मानवता व देश का सिर शर्म से झुक गया है। जिस प्रकार की दरिंदगी बलात्कारियों द्वारा 14 सितंबर को मासूम गुड़िया के साथ में हुई, गई ठीक वही दरिंदगी शासन प्रशासन द्वारा मृत गुड़िया के अंतिम संस्कार के समय की गई। यह सब कुछ उत्तर प्रदेश सरकार की शह पर ही हुआ है इसकी सभी वक्ताओं ने कड़े शब्दों में निंदा की और संघर्ष करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में इंट्रार्क मजदूर संगठन सिडकुल पंतनगर के महासचिव सौरव कुमार, इंट्रार्क मजदूर संगठन के महामंत्री पान मोहम्मद, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश चंद, मजदूर सहयोग केंद्र के मुकुल, रॉकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संघ के धीरज जोशी, ऑटो लाइन यूनियन के महामंत्री सूरज चौहान, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की वंदना, समता सैनिक दल के गोपाल गौतम समेत दर्जनों श्रमिक शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन इंक़लाबी मज़दूर केंद्र के सचिव दिनेश द्वारा किया गया।

हरियाणा

कुरुक्षेत्र में आक्रोश प्रदर्शन

कुरुक्षेत्र। जन संघर्ष मंच हरियाणा की कुरुक्षेत्र-कैथल इकाई द्वारा हाथरस कांड के विरोध में थानेसर शहर में आक्रोश प्रदर्शन हुआ। प्रर्दशन अंबेडकर चौक से विश्वकर्मा चौक, पुरानी सब्जी मंडी होते हुए महाराणा प्रताप चौक से बाल्मीकि धर्मशाला में समाप्त हुआ। इस दौरान हाथरस, बलरामपुर व अन्य बलात्कर हत्याकांड के दरिंदों को कडी से कडी सजा देने, मुख्यमंत्री योगी के इस्तीफा देने सहित विभिन्न माँगें उठीं।

मंच की प्रांतीय महासचिव सुदेश कुमारी व जिला सचिव चंद्र रेखा ने कहा कि हाथरस कांड एक बहुत ही घिनौना और बीभत्स कुकृत्य है। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस ने f.i.r. तक दर्ज करने में कोताही बरती। इतना ही नहीं दरिंदगी की हदें योगी सरकार की तब और ज्यादा सामने आई जब दलित बेटी के शव को परिवार जनों को देखने तक नहीं दिया गया ना ही घर ले जाने दिया और रात के 2:30 बजे पुलिस ने जबरदस्ती शव को जला दिया। इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है।

इसके बाद बलरामपुर में भी इसी तरह दलित बेटी के साथ रेप और हत्या की गई उसकी कमर की हड्डियां तोड़ दी गई और इसी तरह सबूत मिटाने के लिए आधी रात को इस बेटी का भी पुलिस द्वारा शव जला दिया गया। पुलिस द्वारा यह सबूत मिटाने के लिए योगी सरकार पुलिस और गुंडों की मिलीभगत से किया गया है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

हर रोज दलित महिलाओं व बच्चियों पर यौन हिंसा बढती जा रही है।

मंच के प्रांतीय प्रधान फूल सिंह व जिला प्रधान संसार चन्द्र ने हाथरस बलरामपुर व अन्य बच्चियों के साथ हुई बलात्कार व हत्या की दर्दनाक घटनाओं की कड़ी निंदा की और सीएम योगी के इस्तीफे की माँग की। कहा कि इस जुल्मों सितम से दलित मजदूर वर्ग की मुक्ति शहीदे-आजम भगतसिंह के दिखाये रास्ते से हो सकती है।

प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से माँग-

  • हाथरस, बलरामपुर व अन्य बलात्कर हत्याकांड के दरिंदों को कडी से कडी सजा दी जाए।
  • बलात्कार पीड़ित महिला की मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट उसके परिजनों को तुरंत दी जाए।
  • हाथरस , बलरामपुर बलात्कर हत्याकाण्डों की शिकार दलित लड़कियों के शवों को जलाने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए व उनपर कानूनी कार्यवाई की जाए।
  • मुख्यमंत्री योगी तुरन्त इस्तीफा दे।
  • पीड़िताओं के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा, नौकरी व सुरक्षित आवास उपलब्ध कराओ।
  • निर्भय फण्ड का इस्तेमाल महिलाओं की सुरक्षा व हिंसा की शिकार महिलाओं के पुनर्वास के लिये हो।

आक्रोश प्रदर्शन में मंच के राज्य सचिव सोमनाथ, जिला उप प्रधान ऊषा कुमारी, जोगिंदर सिंह, प्रवीण, सुनेहरा सिंह, मेवा राम, सतीश, संतोष, मीत, पूजा, नेहा, कोमल, मनदीप, वन्दना, सीमा, मनीषा, विकास, शिल्पी, पवन, सूनील, संतोष रिटायर्ड सुपरवाइजर, मुन्नी, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के कुलदीप, चांदी राम, राम चंद्र, देवी दयाल, आवाज मंच के मलखान सिंह, निर्मला बंजारण व अन्य साथी एवं मनरेगा मजदूर यूनियन के साथियों ने भी शिरकत की।

गुडगाँव में सामूहिक विरोध प्रदर्शन

गुडगाँव। हाथरस में ऊंची जाति के दबंगों द्वारा दलित युवती की सामूहिक बलात्कार और हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों का गुड़गांव में संयुक्त विरोध प्रदर्शन।

बेलेसोनिका इम्पलाइज यूनियन का आह्वान

मानेसर (गुडगाँव)। बेलेसोनिका इम्पलाइज यूनियन ने अहवान किया कि हाथरस (उत्तर प्रदेश) की सामूहिक बलात्कार पीड़िता युवती को न्याय दिलाने व बलात्कार के दोषियों के साथ-साथ पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करो।

दिल्ली

विरोध में शाहबाद डेरी में प्रदर्शन और सभा

दिल्ली। पछास, इमके और प्रमएके के साथियों द्वारा बस्ती में जुलूस निकालकर महाराणा प्रताप चौक पर सभा की गई।

सभा में प्रियंका ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा झूठी और भ्रामक खबरें फैलाकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। जितनी तेजी प्रशासन ने उसकी लाश को जलाने में दिखाई अगर उससे कम प्रयास भी किया गया होता तो शायद युवती को बचाया जा सकता था।

सलमान ने कहा कि वो चाहे चिन्मयानंद का मामला हो या फिर कुलदीप सेंगर का, योगी सरकार हमेशा ही बलात्कारियों के साथ खड़ी रही है। पूरा मामला दिखाता है कि जातिय हिंसा आज भी हमारे समाज में मौजूद है। इसलिए महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों के साथ-साथ जाति व्यवस्था के खिलाफ भी अपनी आवाज उठानी होगी। साथ ही योगी सरकार जैसी फासीवादी सरकार को भी अपनी एकता से जवाब देना होगा।

उत्तरप्रदेश

मउ में प्रदर्शन

मऊ (हरपुर) में इंकलाबी मज़दूर केंद्र, ग्रामीण मज़दूर यूनियन व भीमसेना ने संयुक्त रूप से मनीषा के बलात्कारियों और हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

बलात्कारी हत्यारों को सजा दो!

बरेली। हाथरस में दलित युवती मनीषा के साथ हुई अमानवीय घटना (बलात्कार व हत्या) के विरोध में कई संगठनों ने प्रदर्शन, ज्ञापन और कैंडल मार्च निकाला। परिवर्तनकामी छात्र संगठन, इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक आधिकार संगठन, प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच संगठनों ने भी अपनी भागीदारी की।

बिहार

स्त्री मुक्ति संगठन ‘विमुक्त’ द्वारा विरोध प्रदर्शन

पटना 29 सितंबर को विमुक्ता (स्त्री मुक्ति संगठन) इफ़्टू (सर्वहारा) द्वारा एक दलित युवती के साथ हाथरस (यूपी) में हुए जघन्य बलात्कार व हत्या और महिलाओं पर बढ़ती हिंसा और अपराध के विरुद्ध आक्रोश प्रदर्शन हुआ।

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