गुजरात अम्बुजा मज़दूरों के न्यायहित में हल्द्वानी में धरना

श्रमायुक्त के मार्फ़त श्रम मंत्री को ज्ञापन, कार्यबहाली की माँग बुलंद

गुजरात अंबुजा कंपनी सिडकुल सितारगंज में जारी गैर कानूनी कृत्यों एवं श्रमिक शोषण के विरोध में आज दिनांक 22 सितंबर 2020 को श्रमिक संयुक्त मोर्चा, ऊधम सिंह नगर व उससे जुड़े दर्जनों यूनियनों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा बुद्ध पार्क, हल्द्वानी में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। श्रम आयुक्त उत्तराखंड के द्वारा श्रम मंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित कर श्रमिकों की कार्यबहाली आदि की माँग की गई।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गुजरात अंबुजा कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रम अधिकारियों संग सांठगांठ कर श्रमिकों को उस गैर कानूनी समझौता दिनांक 6 जुलाई 2020 को थोपने की साजिश रची जा रही है जो कि कभी संपन्न ही ना हुआ था। स्थानीय विधायक सौरभ बहुगुणा की श्रमिक नेता कैलाश पांडे से व्हाट्सएप पर हुए वार्तालाप में 10 जुलाई 2020 को कहा कि वह समझौता कराने में असमर्थ हैं।

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इसके पश्चात भी सहायक श्रम आयुक्त द्वारा श्रमिकों को समझौता पंजीकरण को उपस्थित ना होने पर एकतरफा रूप से उसे पंजीकृत कराने की चेतावनी दी गई है। सहायक श्रम आयुक्त के समक्ष उपस्थित हुए करीब 12 श्रमिकों को नौकरी से निकाल दिया गया है। शिकायत करने के पश्चात भी सहायक श्रम आयुक्त कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं जोकि अत्यंत चिंताजनक है।

कंपनी प्रबंधन श्रम अधिकारियों संग मिलकर श्रमिकों की यूनियन का पंजीकरण निरस्त करने की साजिश रच रहे हैं। ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार द्वारा ऐसे तथ्यों को छुपाने का झूठा आरोप लगाकर नोटिस जारी किया गया है कि जिनकी यूनियन पंजीकरण से पूर्व सहायक संघ निरीक्षक द्वारा दो बार एवं लेबर इंस्पेक्टर द्वारा एक बार बारीकी से जांच पड़ताल कर प्रबंधन की आपत्ति को खारिज कर यूनियन पंजीकरण करने के पक्ष में अपनी जांच आख्या प्रस्तुत की गई।

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आज उन्हीं बिंदु/तथ्यों को छिपाने का झूठा आरोप लगाकर ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार द्वारा स्पष्टीकरण देने व यूनियन का पंजीकरण निरस्त करने की धमकी दी जा रही है। जोकि अति निंदनीय है।

अब तक सवा सौ मजदूरों की गेट बंदी हो चुकी है और श्रम विभाग सुनवाई नहीं कर रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन व श्रम अधिकारियों के उपरोक्त रुख से सिडकुल सितारगंज व पंतनगर में श्रमिक असंतोष पनप रहा है, प्रबंधन व श्रम अधिकारी जानबूझकर औद्योगिक अशांति का वातावरण उत्पन्न कर रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो यह असंतोष कभी भी सड़कों पर फूट सकता है। सभी ने एक स्वर में आंदोलन तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में श्रम आयुक्त उत्तराखंड के द्वारा श्रम मंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित कर श्रमिकों की कार्यबहाली कराने, गैर कानूनी समझौते को निरस्त कराने, यूनियन निरस्त करने की साजिश पर रोक लगाने एवं सहायक श्रम आयुक्त व लेबर इंस्पेक्टर को दंडित करने की मांग की गई।

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ज्ञापन प्रेषित करने व धरना देने वालों में श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी राकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संगठन से धीरज जोशी, नैस्ले कर्मचारी संगठन से महेंद्र सिंह, इंट्रार्क मजदूर संगठन पंतनगर से सौरव कुमार, इंट्रार्क मजदूर संगठन किच्छा से पान मोहम्मद, मज़दूर सहयोग केंद्र से मुकुल, ब्रिटानिया श्रमिक संघ से गुंजन जोशी, समता सैनिक दल से गोपाल सिंह गौतम, ऑटो लाइन इंप्लाइज यूनियन से राजेंद्र प्रसाद, ब्रिटानिया कर्मकार यूनियन से पूरन सिंह, बजाज मोटर्स कर्मचारी यूनियन से चंदन सिंह मेवाड़ी, मंत्री मेटल वर्कर यूनियन से शंकर राम, वोल्टास एंप्लाइज यूनियन के मनोज कुमार, याज़ाकि वर्कर यूनियन से महावीर, इंकलाबी मज़दूर केंद्र से दिनेश चंद्र, ठेका मज़दूर कल्याण समिति से अभिलाख सिंह, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन से प्रेम प्रसाद आर्या, भगवती श्रमिक संगठन से दीपक,  प्रगतिशील भोजनमाता संगठन से नीता व रजनी, गुजरात अम्बुजा कर्मकार यूनियन से जनार्दन पोखरिया, परिवर्तनकामी छात्र संगठन से महेंद्र सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।

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