आंगनवाड़ी वर्कर्स ने किया राज्य मंत्री का घेराव व प्रदर्शन

मंगलवार तक मानदेय देने का आश्वासन, पूरा ना होने पर आन्दोलन तेज करने की दी चेतावनी

कैथल, (हरियाणा) 19 सितम्बर। आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा के स्थानीय आवास पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पूर्व हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मचारी महिलाएं स्थानीय जवाहर पार्क में इकट्ठा हुई और सभा की।

आज के धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता राज्य प्रधान कुंज भट्ट ने की तथा मंच संचालन महासचिव अनुपमा ने किया। सभा के बाद जवाहर पार्क से मंत्री कमलेश ढांडा के आवास तक जोरदार प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन से मंत्री डर गयी और आवास से पहले ही पुलिस की सहायता से प्रदर्शन रोक दिया गया। बाद में मंत्री ने यूनियन के एक प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया। जहाँ उन्हें ज्ञापन दिया गया।

मंत्री से हुई बात के बाद महासचिव अनुपमा ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि प्रदेश के कई ब्लॉक ऐसे हैं जहाँ पिछले पांच महीनों से उन्हें मानदेय नहीं दिया गया। 2018 में खट्टर सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियनों से समझौता किया था किंतु उसे लागू नहीं किया और भी कई समस्याएं हैं जिन्हें यूनियन ज्ञापन के जरिये मंत्री कमलेश ढांडा के पास भेज चुकी है। मजबूर होकर यूनियन को कोरोना संकट को देखते हुए सांकेतिक धरना शुरू करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि मंत्री ने आज आश्वासन दिया है कि मंगलवार तक पिछले महीनों का मानदेय आंगनबाड़ी कर्मचारियों के खाते में डाल दिया जाएगा और बाकी माँगों पर बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा धरना तब तक जारी रहेगा जब तक हमारा मानदेय हमें नहीं दिया जाता और हमारी अन्य माँगों पर विभाग की उच्च अधिकारियों से बातचीत करवा कर हल नहीं निकाला जाता।

यूनियन की राज्य प्रधान कुंज भट्ट ने कहा कि खट्टर व मोदी सरकार ने पहले भी घोषणा की थी व समझौता करके उसे लागू नहीं किया है। मोदी सरकार ने सितम्बर 2018 में मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी परंतु बढ़ा हुआ मानदेय आज तक नहीं मिला। खट्टर सरकार द्वारा हमारे साथ किया समझौता लागू नहीं किया परंतु अब यह नहीं चलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए परंतु आज तक हमें न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया गया। यूनियन माँग करती है कि उन्हें श्रमिक का दर्जा दिया जाए और महंगाई को देखते हुए आंगनबाड़ी वर्कर को तीस हजार रुपये तथा हेल्पर को 25 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। रिटायर होने पर एकमुश्त राशि व न्यूनतम 15 हजार रुपये पेंशन मिलनी चाहिए। उन्होंने खट्टर सरकार व मंत्री कमलेश ढांडा को चेतावनी दी कि यदि मंगलवार तक मंत्री अपना वायदा पूरा नहीं करती है तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए जन संघर्ष मंच हरियाणा के राज्य प्रधान कामरेड फूल सिंह व सचिव कामरेड सोमनाथ ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों की माँगों को न्यायसंगत ठहराते हुए कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार मज़दूर कर्मचारियों के खिलाफ एक पर एक कदम उठा रही है और पूँजीपतियों के हितों को पूरा करने में लगी हुई है। जनता के पक्ष में उठी आवाज का गला घोंट रही है। उन्होंने कहा कि मंच एकजुट होकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों साथ देगा।

धरना प्रदर्शन को कमला दयौरा जिला प्रधान कैथल, मनप्रीत कौर सिरसा, मूर्ति बिजरानियां भिवानी, परमजीत कौर कुरुक्षेत्र, उर्मिला व अंग्रेजो यमुनानगर, प्रदीप कौर व स्नेह शर्मा अंबाला, दयावंती जींद, मजदूर सहयोग केंद्र गुड़गांव के प्रधान रामनिवास, मनरेगा मजदूर यूनियन से जोगिंदर सिंह, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन से कुलदीप ने भी संबोधित किया।

आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर यूनियन की माँगें-

  • जिला कैथल के ब्लाक कैथल व पूण्डरी सहित प्रदेश के सभी जिलों का पिछले महीनों के बकाया मानदेय का जल्द से जल्द दिया जाए। मानदेय प्रत्येक मास की 7 तारीख को दिया जाना अनिवार्य किया जाए। भारत सरकार द्वारा सितम्बर 2018 में आंगनबाड़ी वर्कर के मानदेय में ₹1500 व हेल्पर के मानदेय में ₹750 की गई थी। घोषणा के मुताबिक बढ़ा हुआ मानदेय तुरंत उनके खातों में डाला जाए।
  • मौजूदा कोरोना संकट के दौरान अपनी जान हथेली पर रखकर काम कर रहीं आंगनबाड़ी महिलाकर्मियों को  सुरक्षा किट और बीमा कवर प्रदान किया जाए।
  • वितरित किये जाने वाले खाद्य पदार्थों, राशन की मात्रा व गुणवत्ता बढ़ाई जाए और प्रत्येक महिला या बच्चे को दिये जाने वाले राशन की अलग अलग पैकिंग दी जाए ताकि वितरित करने में आसानी और सुरक्षित हो।
  • सैंटरों का बकाया किराया, फलैक्सी फंड आदि समय पर दिया जाए। मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को पूर्ण केंद्र का दर्जा देकर उसमें हेल्पर की नियुक्ति की जाए।
  • अतिरिक्त केंद्र का चार्ज संभालने वाली वर्कर को अतिरिक्त कार्य करने के लिए मानदेय का 50% राशि अतिरिक्त दी जाए।
  • आनलाईन रिपोर्ट भेजने की ट्रेनिंग दी जाए और मोबाइल पर रिपोर्ट भेजने का खर्च दिया जाए।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अन्य विभागों के साथ मिलकर मिलाजुला काम करती हैं इसलिए जीपीएस को लागू करना गलत है इस पर दोबारा विचार किया जाए।
  • यदि सरकार या अधिकारी आंगनबाड़ी महिलाकर्मियों से उनके काम के अलावा कोई भी अन्य काम या किसी भी अन्य विभाग का कार्य उनसे करवाना चाहते हैं तो इसके लिखित आदेश तथा अतिरिक्त मेहनताना दिया जाए।
  • दिनांक 10 मार्च 2018 को आंगनबाड़ी कर्मी यूनियनों के साथ हरियाणा सरकार के हुए समझौते के अनुसार उन्हें श्रमिक का दर्जा देकर न्यूनतम वेतन वर्कर को ₹30000 व हेल्पर को ₹25000, ईएसआई व पीएफ सुविधा दी जाए। मेडिकल अवकाश का प्रावधान किया जाए, रिटायरमेंट के बाद न्यूनतम ₹15000 मासिक पेंशन तथा एकमुश्त राशि दी जाए।
  • फरवरी व मार्च मास 2018 में हुए आंदोलन की अवधि का मानदेय दिया जाए।
  • सुपरवाइजर के सभी पद वर्कर्स की सीधी भर्ती से भरे जाएं, प्ले वे स्कूलों में आंगनवाड़ी वर्कर्स को प्रमोट किया जाए।
  • खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर की सप्लाई विभाग द्वारा की जाए। 30 पैसे प्रति लाभार्थी के हिसाब से जो राशि दी जाती है वह काफी कम है।

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