श्रमिक समस्याओं पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने डीएम को दिया ज्ञापन

जिलाधिकारी ने कमेटी बनाकर समाधान का दिया आश्वासन

रुद्रपुर, (उत्तराखंड), 18 सितम्बर। सिडकुल उधम सिंह नगर की मौजूदा श्रमिक समस्याओं के निस्तारण के संबंध में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में विभिन्न यूनियनों ने जिलाधिकारी महोदया से मुलाकात कर ज्ञापन दिया और समस्याओं के समाधान हेतु पहल लेने की माँग की।

जिलाधिकारी महोदया ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करके श्रमिकों की समस्त समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

ज्ञापन द्वारा भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड (माइक्रोमैक्स) के कोर्ट के आदेश के अनुसार 303 श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली कराने, वोल्टास के 9 श्रमिकों की कार्यबहाली सहित माँग पत्र का निस्तारण कराने, गुजरात अम्बुजा में श्रमिकों की कार्यबहाली सहित विवाद का समाधान कराने, एलजीबी के महामंत्री की गैरकानूनी गतेबंदी समाप्त करवाने, बजाज मोटर्स, नेस्ले, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीसीएच, करोलिया, इंट्रार्क, लुकास टीवीएस, पारले, हेन्कल, महिंद्रा सीआईई, मंत्री मेटल्स, राकेट रिद्धि सिद्धि, अमूल ऑटो आदि के माँग पत्रों व अन्य समस्याओं को उठाया गया।

ज्ञापन देने वाली यूनियनें-

आज जिलाधिकारी महोदया से मिलने और ज्ञापन देने वालों में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश चंद्र तिवारी, भगवती श्रमिक संगठन के नंदन सिंह बगड़वाल, एलजीबी वर्कर्स यूनियन के पूरन चंद पांडे, महिंद्रा कर्मकार यूनियन के कुलविंदर सिंह गिल, वोल्टास इंप्लाइज यूनियन के दिनेश चंद्र पंत, बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन के कुंवर सिंह कंडारी, बीसीएच मज़दूर संघ के महिपाल सिंह, इंट्रार्क, के पान मोहम्मद, नेस्ले कर्मचारी संगठन के सुरेंद्र कुमार, गुजरात अंबुजा के हरीश सिंह सतवाल, मज़दूर सहयोग केंद्र के ठाकुर सिंह आदि मौजूद थे।

मोर्चा ने की कमेटी गठन की माँग

मोर्चा द्वारा दिए गए ज्ञापन में लिखा है कि सिडकुल रुद्रपुर व सितारगंज की विभिन्न कंपनियों में लंबे समय से औद्योगिक विवाद कायम है, जिनका निस्तारण श्रमिक एवं औद्योगिक हित में बेहद जरूरी है।

पूर्व में भी विभिन्न कंपनियों की श्रमिक समस्याओं के संबंध में श्रीमान आयुक्त महोदय कुमाऊं क्षेत्र और श्रीमान जिलाधिकारी महोदय उधम सिंह नगर की पहल पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करके विभिन्न श्रमिक समस्याओं का निस्तारण हुआ था और क्षेत्र में औद्योगिक शांति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिकाएं प्रशासन द्वारा अदा की गई थी।

वर्तमान समय में विशेष रुप से कोविड-19 विश्वव्यापी महामारी के कारण कई कंपनियों की समस्याएं जटिल और गंभीर है, जिन्हें प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जाना न्यायहित में ज़रूरी है।

ज्ञापन में उठीं विभिन्न कम्पनियों की श्रमिक समस्याएँ

मोर्चा द्वारा कुछ कंपनियों की समस्याओं को प्रस्तुत किया गया-

1- भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड (माइक्रोमैक्स), सिडकुल, पंतनगर में 27 दिसंबर 2018 को 300 श्रमिकों की गैरकानूनी छँटनी हुई थी, जिस के संबंध में माननीय औद्योगिक न्यायाधिकरण, हल्द्वानी ने अपने अहम फैसले में श्रमिकों की छँटनी को गैरकानूनी करार दिया था और समस्त श्रमिकों की पूर्ण बकाया भुगतान के साथ सवेतन कार्यबहाली का निर्देश जारी किया था। इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल ने भी श्रमिक पक्ष में निर्देश जारी किए हैं।

2- वोल्टास लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर में यूनियन अध्यक्ष व महामंत्री सहित 9 श्रमिकों की गैरकानूनी गेटबंदी विगत 1 वर्ष से जारी है, वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है और मांग पत्र का विवाद दिसंबर, 2017 से बरकरार है। इस संबंध में श्रीमान श्रम अधिकारियों द्वारा श्रमिकों की कथित लेऑफ को गैर कानूनी घोषित किया जा चुका है फिर भी श्रमिकों को न्याय नहीं मिल रहा है।

3- गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, सितारगंज में विगत 8 महीने से औद्योगिक विवाद कायम है और श्रीमान अपर जिलाधिकारी महोदय और श्रीमान सहायक श्रम आयुक्त महोदय की मध्यक्षता में सहमति बनने के बावजूद अभी भी 115 श्रमिकों की गैरकानूनी गेटबंदी जारी है।

4- एलजी बालाकृष्णन एंड ब्रास लिमिटेड, सिडकुल पंतनगर के महामंत्री पूरन चंद पांडे की 20 मई 2020 से गैरकानूनी गेट बंदी बरकरार है। कंपनी में सन 2012 से जब से यूनियन बनी है, श्रमिकों का उत्पीड़न शोषण लगातार जारी है और अनुचित श्रम व्यवहार हो रहा है।

5- बजाज मोटर्स, सिडकुल, पंतनगर में यूनियन बनाने के रंजिश में प्रबन्धन द्वारा यूनियन के अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष व प्रचार मंत्री को बर्खास्त कर दिया गया है, सयुक्त मंत्री व कोषाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है और कई श्रमिकों को निकाला जा चुका है। बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन के मांग पत्र पर भी औद्योगिक विवाद कायम है व कोई वार्ता नहीं हो रही है।

6- नेस्ले इण्डिया लिमिटेड, पंतनगर में चार श्रमिकों की गैर कानूनी वेतन कटौती आदि का विवाद पिछले करीब 2 साल से लंबित है और यूनियनों के माँग पत्र व प्रबंधन द्वारा श्रम क़ानूनों के उल्लंघन का मामला श्रम विभाग में 10 माह से लंबित है।

7- महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, लालपुर में लंबे समय से लंबित गंभीर समस्याएं कायम हैं, जिनमें यूनियन अध्यक्ष व पूर्व कोषाध्यक्ष की गैरकानूनी बर्खास्तगी, वर्ष 2017-18 व 2018-19 के बोनस/एक्सग्रेशिया का विवाद, श्रमिकों के वेतन व बोनस से यूनियन के नाम से गैरकानूनी कटौती, व महिंद्रा कर्मकार यूनियन के माँग पत्र का विवाद आदि लम्बे समय से श्रम विभाग में लंबित है।

8- बीoसीoएचo इलैo लिo पंतनगर में यूनियन ने प्रबंधन व श्रम विभाग को श्रमिकों के उत्पीड़न एवं अन्य समस्याओं के सम्बंध में पत्र दिया है और माँग पत्र का विवाद भी लंबित है।

9- करोलिया लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड मै ठेकेदारी के 8 साल पुराने श्रमिको को निकाला जा रहा है जो कि अनुचित है।

10- इसके साथ ही अन्य कम्पनियों जैसे इंट्रार्क. पंतनगर व किच्छा; लुकास टीवीएस. पंतनगर; पारले पंतनगर व सितारगंज; हेन्कल एडिसिब्स टेक्नोलोजी, सिडकुल, पंतनगर; महिंद्रा सीआईई, पंतनगर; मंत्री मेटल्स; राकेट रिद्धि सिद्धि, पंतनगर आदि कम्पनियों में भी माँग पत्र व यूनियन बनाने पर श्रमिक उत्पीड़न की समस्याएँ बनी हुई हैं।

11- कोविड-19 विश्वब्यापी महामारी के दौर में संक्रमण के खतरे बरकरार हैं लेकिन कई कम्पनियों में संक्रमित मज़दूरों के उचित अवकाश, वेतन कटौती व उचित चिकित्सा का आभाव आदि गंभीर समस्या बनी हुई है।

मोर्चा की माँग पर समाधान का आश्वासन

मोर्चे ने माँग की कि निजी स्तर पर आप पहल लेकर उपरोक्त श्रमिक समस्याओं का न्यायोचित समाधान निकालने की कृपा करें। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर श्रमिक संयुक्त मोर्चा से नियमित अंतराल पर वार्ता का आयोजन हो, ताकि जिले में स्वस्थ्य औद्योगिक माहौल बनाने में मोर्चा के प्रयासों को बल मिले।

जिसपर जिलाधिकारी महोदया ने जल्द कमेटी गठित कर समाधान का आश्वासन दिया।

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