योगी का एसडीएम, जनता को लाठियों से पीटा

कोरोना काल : प्रशासन व पुलिस को निर्लज्जता की खुली छूट

बलिया में गुरुवार को पुलिस के साथ सड़क पर उतरे एसडीएम अशोक चौधरी का कहर कारोबारियों के साथ ही आम लोगों पर टूट पड़ा। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के नाम पर तहसील में आए लोगों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया। तहसील के बाहर स्थित दुकानों पर मौजूद कारोबारियों को भी दुकानों से निकाल निकाल कर पीटा। इस दौरान एसडीएम तो लाठियो से पीटते ही रहे उनके साथ मौजूद पुलिस वालों ने भी लाठियां बरसाईं। कई दुकानदारों को इससे चोट आई। एक का तो हाथ ही फट गया।

बिल्थरारोड तहसील के पास गुरुवार को एसडीएम ने सोशल डिस्टेसिंग व मास्क का प्रयोग नहीं करने वालों के खिलाफ अचानक अभियान शुरु कर दिया। उन्होंने तहसील में मौजूद लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरु कर दिया। इसके बाद भगदड़ मच गयी। लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस व होमगार्ड के जवानों के साथ तहसील परिसर में लोगों की पिटाई करने के बाद वह बाजार की ओर चल पड़े।

सड़क से गुजरते समय बाइक सवार लोगों पर लाठी बरसाई। इसके बाद वह चौकिया मोड़ पर पहुंचे जहां अपनी किराने की दुकान पर मौजूद रजत चौरसिया को दुकान से बाहर खींचकर पिटाई करने लगे। एसडीएम की पिटाई से उसका एक हाथ फट गया और खून बहने लगा। भाई को बचाने व एसडीएम के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचे आशुतोष चौरसिया को भी उपजिलाधिकारी ने लाठियों से पीटा और जवानों के साथ उभांव थाना भेज दिया।

एक दुकानदार ने मास्क लगा रखा था, जबकि दूसरे ने अपने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। यही नहीं, वायरल वीडियो में एक युवक मास्क लगाए खड़ा है। उसे भी एसडीएम दौड़ाकर लाठियों से पीटते दिख रहे हैं। लोगों का कहना है कि सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करने व मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना व महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का प्रविधान है। ऐसे में एसडीएम द्वारा लोगों को लाठियों से पीटना पूरी तरह से गलत है।

तहसील परिसर, सड़क पर तथा बाजार में एसडीएम बिल्थरारोड अशोक चौधरी द्वारा लोगों को लाठियों से पिटाई को लेकर व्यापारियों में गुस्सा है। मामले को तूल पकड़ने की भी सम्भावना है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल होते ही उपजिलाधिकारी की यह कार्यशैली कटघरें में खड़ी हो गयी। इस मामले से व्यापार मंडल, अधिवक्ता व अन्य लोगों में नाराजगी है। वह इस प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के लिये आंदोलन करने की तैयारी में हैं।

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