गुडगाँव : होंडा स्कूटर में 24200 रुपए का 4 साल का समझौता

36 ठेका श्रमिक कंपनी कैजुअल/ट्रेनी होंगे, बर्ख़ास्त श्रमिकों पर वार्ता जारी

गुडगाँव। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर, मानेसर प्लांट में लंबे संघर्ष के बाद बीते 16 अगस्त को 24200 रुपए का 4 साल का समझौता संपन्न हो गया है। 50 में से 36 ठेका श्रमिकों को कंपनी कैजुअल/ट्रेनी पर लेने और 2 बर्ख़ास्त श्रमिकों पर वार्ता जारी रहने पर सहमति बनी। समझौता 1 अगस्त, 2018 से लागू होगा।

ज्ञात हो कि वर्ष 2018 से यूनियन के माँगपत्र पर तमाम उतार-चढ़ाव और कई दौर की वार्ताएं हुईं। इस दौरान ठेका मज़दूरों का लम्बा संघर्ष भी चला। तत्कालीन 6 यूनियन नेता/ स्थाई मज़दूर निलंबित व बर्ख़ास्त भी हुए। इस बीच आम चुनाव से नयी टीम गठित हुई और अंतत 16 अगस्त को 4 वर्ष के लिए समझौता संपन्न हो गया।

समझौते के मुख्य बिंदु-

  • ₹24200 का वेतन समझौता 4 वर्ष के लिए है, जिसमें पहले साल 60% और दूसरे व तीसरे साल 20% की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। समझौता 01.08.2018 से लागू माना जाएगा।
  • लंबित ओवर टाइम ₹4000 प्रति वर्ष सर्विस के हिसाब से होगा। ओवरटाइम ग्रास का डबल मिलेगा।
  • रात्रि पाली भत्ता ₹60 से बढ़ाकर ₹75 प्रति पाली हुई है।
  • लोंग सर्विस अवॉर्ड 20 साल पूरा होने पर ₹20000 मिलेगा।
  • ट्रांसपोर्ट में 55 किलोमीटर के ऊपर स्लैब बनेगा।

ठेका कैजुअल का मुद्दा-

50 में से 36 कैजुअल को दिनांक 01.09.2020 से बतौर कंपनी कैजुअल ले लिया जाएगा, जिनकी कंपनी कैजुअल की अवधि 1 वर्ष रहेगी। इसके बाद उन्हें बतौर ट्रेनिंग कर दिया जाएगा। बाकी शेष के लिए प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि बीते साल पांच नवंबर को होंडा के ढाई हज़ार कैजुअल/ठेका मज़दूरों का एक बड़ा आंदोलन हुआ था, जो क़रीब पांच महीने चलने के बाद एक कमज़ोर समझौते से समाप्त हुआ था।

मंदी के बहाने चार नवंबर 2019 को जब सामूहिक रूप से होंडा कैजुअल मज़दूरों की गेटबंदी का नोटिस जारी हुआ तो ए और बी शिफ़्ट के मज़दूर प्लांट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। 14 दिन बाद ये मज़दूर बाहर आए और कंपनी के सामने मैदान में धरना आगे बढ़ा था। इस दौरान कंपनी के स्थाई मज़दूरों की यूनियन साथ खड़ी रही।

यूनियन अध्यक्ष सहित 6 मज़दूर हुए थे निलंबित

माँगपत्र पर जारी विवाद और ठेका मज़दूरों के आन्दोलन में सक्रियता के कारण यूनियन के तत्कालीन प्रधान सुरेश गौड़ सहित छह स्थाई मज़दूरों को प्रबंधन ने निलंबित कर दिया था।

संघर्ष के दौरान बर्ख़ास्त 2 श्रमिकों का मामला अभी लंबित है और इस समझौते के तहत सकारात्मक हल निकाले जाने का आश्वासन मिला है।

यूनियन चुनाव अब 2 साल में होगा

यूनियन के विधान में संशोधन करके यूनियन का कार्यकाल 1 साल से बढ़ाकर 2 साल करने की भी जानकारी मज़दूरों को यूनियन द्वारा दी गई है।

यूनियन ने कहा- हालत के अनुरूप समझौता

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया एम्पलाइज यूनियन, गुडगांव द्वारा जारी पत्र में अंकित किया गया है कि कोरोना महामारी में जब देश और दुनिया में आर्थिक मंदी की वजह से नौकरी जाना और वेतन कम होना जैसी गंभीर घटनाएं हो रही हैं, उस समय एक सम्मानजनक समझौता होना होंडा यूनियन के लिए गौरव की बात है। हालात को देखते हुए यह समझौता संपन्न किया गया।