बिजली कम्पनियों की मनमानी लूट के खिलाफ प्रदर्शन

बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की अगुवाई में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा

रामगढ़ (राजस्थान), 24 जुलाई। कोरोना संकट के मद्देनजर बिजली की लूट रोकने व बकाया बिजली बिल माफ करने को लेकर हनुमानगढ़ के उपतहसील कार्यालय रामगढ़ के समक्ष बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन हुआ और मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम नयाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।

संघर्ष समिति ने बताया कि इस बार आये बिजली के बिलों में स्थाई शुल्क के नाम पर हजारों रुपए एक उपभोक्ता से वसूले जा रहे हैं जो कि सरासर लूट है, जबकि एक ओर राज्य के सियासी गलियारों में सरकार गिराने बचाने का खेल चल रहा है। विधायकों की खरीद फरोख्त चल रही है, उसी दरम्यान राज्य की आम मेहनतकश कोरोना के चलते बेरोजगारी की चपेट में है उसकी हक की आवाज कोई नहीं उठा रहा है।

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बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति की अगुवाई में मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में माँग की कि कोरोना महामारी संकट के चलते इलाके की आम जनता के बकाया बिजली बिल माफ किये जायें, स्थायी शुल्क के नाम पर हो रही लूट बन्द की जाए, प्रत्येक परिवार को हर माह 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए, घटिया व तेज गति से चलने वाले बिजली मीटर तुरंत बदले जाएं, बिजली अधिनियम( संशोधन) 2020 को खारिज किया जाए व बिजली सेवा का निजीकरण बन्द किया जाए।

संघर्ष समिति के सदस्य ने बताया कि यदि सरकार हमारी माँगों को नहीं मानती है तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को हनुमानगढ़ की बाकी तहसीलों व अन्य जिलों में भी लेकर जाएंगे व राज्य सरकार की नींद हराम कर देंगे।

विरोध प्रदर्शन में भरवाना, रामगढ़, खचवाना, नेठराना ग्रामीण शामिल हुए और सबने एक सुर में कहा कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाती हम बिजली बिल नहीं भरेंगे।

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