गुजरात अंबुजा मज़दूर संघर्ष : अब होगा बाल सत्याग्रह

फाइल फोटो

अन्याय के ख़िलाफ़ 5 माह से संघर्षरत हैं गुजरात अंबुजा के मज़दूर

सितारगंज (उत्तराखंड)। कोरोना/लॉकडाउन के बीच संघर्षरत गुजरात अंबुजा के मज़दूर आन्दोलन को नयी गति देने जा रहे हैं। प्रबंधन की ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों, पर्यावरण को तबाह करने आदि के ख़िलाफ़ 30 जून से स्थानीय विधायक के आवास पर श्रमिकों के बच्चे ‘बाल सत्याग्रह’ करेंगे।

ज्ञात हो कि गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, सिडकुल, सितारगंज के 208 मज़दूर पिछले 5 महीने से संघर्षरत हैं। कंपनी में बढ़ते उत्पीड़न, शोषण, दमन और मांग पत्र के समाधान आदि के लिए मज़दूरों ने बीते 28 जनवरी से वैधानिक हड़ताल प्रारंभ की थी। लेकिन इसी दौरान कोरोना लॉकडाउन के कारण मज़दूरों की न्यायपूर्ण माँगें  भी लॉकडाउन हो गईं।

प्रबंधन को, प्रशासन को, सरकार को, सब को एक मौका मिल गया, एक बहाना मिल गया और सभी मज़दूरों की बेबसी का लाभ उठाने लगे।

जबकि कंपनी अप्रशिक्षित मजदूरों से उत्पादन भी शुरू करवाइए चुकी है। अति प्रशिक्षित और कुशल कर्मकार वाले कारखाने को अप्रशिक्षित मज़दूरों से चलवाने जैसे गैरकानूनी कार्य पर यूनियन द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।

बच्चे करेंगे बाल सत्याग्रह

बीते 26 जून को श्रमिक परिवार के बच्चों द्वारा जिलाधिकारी व स्थानीय विधायक को भेजे गए पत्र में साफ़ रूप से यह उल्लेख है कि कंपनी को संविदाकरो के माध्यम से लोडिंग अनलोडिंग जैसे कार्यों के लिए ही केवल लाइसेंस प्राप्त है। इसके बावजूद वह उत्पादन का कार्य करा रही है।

पत्र में यह भी लिखा है कंपनी द्वारा स्टार्च के उत्पादन से भारी मात्रा में पानी प्रदूषित हो रहा है, जिसपर  प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी नोटिस जारी की थी, लेकिन कंपनी के ऊपर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई।

ऐसे में प्रबंधन के गैरकानूनी कृत्यों पर कार्रवाई तथा पर्यावरण के खतरे को बचाने के लिए 30 जून से स्थानीय विधायक के आवास पर बाल सत्याग्रह प्रारंभ किया जाएगा।

बच्चों द्वारा उठाई गई माँगें

श्रमिकों के बच्चों की ओर से भेजे गए पत्र में माँग की गई है कि-

  1. समस्त 208 कुशल व प्रशिक्षित श्रमिकों की तत्काल कार्यबहाली कराई जाए;
  2. कंपनी में जारी समस्त गैरकानूनी कृत्यों पर रोक लगाकर आसन्न मानवीय त्रासदी एवं पर्यावरण के विनाश पर रोक लगाई जाए;
  3. पर्यावरण व मानवता के विनाश के लिए कंपनी मालिक, प्रबंधन व ठेकेदारों को दंडित किया जाए;
  4. अपने लाइसेंसों का दुरुपयोग कर रहे ठेकेदारों के लाइसेंस को तत्काल रद्द किया जाए;
  5. उत्तराखंड के मूल निवासियों को कंपनी में 70 फ़ीसदी रोजगार देने के आदेश को तत्काल लागू किया जाए;
  6. हमें न्याय नहीं दे सकते तो इच्छा मृत्यु प्रदान की जाए;
  7. सितारगंज क्षेत्र के जल व वायु को दूषित करने वाली गुजरात अंबुजा कंपनी के मालिक को दंडित किया जाए;
  8. सितारगंज क्षेत्र को विशाखापट्टनम, भरूच और रायबरेली की भांति लाशों के ढेर में बदलने की साजिश रचने वाले गुजरात अंबुजा के मालिक व प्रबंधन को दंडित किया जाए।

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