उत्तराखंड : संकटग्रस्त मज़दूरों को न्याय दो!

श्रमिक संयुक्त मोर्चा व विभिन्न यूनियनों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा ज्ञापन

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। औद्योगिक क्षेत्र पंतनगर/सितारगंज के संकटग्रस्त व संघर्षरत मज़दूरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु श्रमिक संयुक्त मोर्चा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उसी तर्ज पर महिंद्रा एंड महिंद्रा, नेस्ले, टाटा मोटर्स, महिंद्रा सीआईई, एडविक, पारले, वोल्टास, एलजीबी व भगवती आदि यूनियनों ने भी अलग-अलग ज्ञापन भेजे हैं।

भेजे गए ज्ञापन/पत्र द्वारा भगवती प्रोडक्ट्स, वोल्टास, गुजरात अम्बुजा, शिर्डी, एलजीबी में श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली; उधम सिंह नगर में नियमित उप श्रमाययुक्त की नियुक्ति कर समस्त लंबित श्रमिक समस्याओं का निस्तारण कराने व लॉकडाउन में श्रमिकों के काटे गए वेतन की अदायगी की माँग की गई है।

ज्ञापन श्रमिक संययुक्त मोर्चा के महा सचिव गणेश मेहरा द्वारा तो महिंद्रा कर्मकार यूनियन के महामंत्री कुलविंदर गिल, नेस्ले कर्मचारी संगठन के महामंत्री चन्द्र मोहन लखेड़ा, टाटा मोटर्स ली. श्रमिक संघ के अध्यक्ष दिनेश आर्या, महिंद्रा सीआईई श्रमिक संगठन के अध्यक्ष दर्शन लाल, एडविक कर्मचारी संगठन के महामंत्री राजू सिंह, वोल्टास इम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष मनोज कुमार, एलजीबी वर्कर्स यूनियन के महामंत्री पूरन चन्द्र पण्डे, भगवती श्रमिक संगठन के महासचिव दीपक सनवाल व पारले मज़दूर संघ के अध्यक्ष प्रमोद तिवारी द्वारा अलग-अलग भेजे गए हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के नाम पत्र-

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भेजे गए विभिन्न पत्रों/ज्ञापन में लिखा है कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल पंतनगर/सितारगंज की कई कंपनियों के मज़दूर दमन-उत्पीड़न के शिकार हैं और जिनका औद्योगिक विवाद श्रम विभाग में लंबित है। इसी दौरान कोविड-19 महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन हो गया। जिससे इन कंपनियों के मज़दूरों के संकट और भी ज्यादा गहरा गए, जिससे उनकी समस्याएं विकट हो गई और वह भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए।

भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड(माइक्रोमैक्स) सिडकुल पंतनगर के 303 श्रमिक 27 दिसंबर 2017 से गैरकानूनी छँटनी के शिकार बने थे। माननीय औद्योगिक न्यायाधिकरण, हल्द्वानी ने दिनांक 03/03/2020 के अपने आदेश द्वारा उक्त छँटनी को अवैध करार दिया। इसी बीच लॉकडाउन से मामला लंबित हो गया और उनके सामने समस्याएं और ज्यादा बढ़ गई। वेतन के अभाव में ये मज़दूर भुखमरी के शिकार हो रहे हैं।

सम्बंधित ख़बरधरना स्थल पर लॉकडाउन हैं माइक्रोमैक्स के संघर्षरत मज़दूर

वोल्टास लिमिटेड सिडकुल पंतनगर के 9 श्रमिक 25 सितम्बर, 2019 से गैरकानूनी गेट बंदी और वेतन बंदी के शिकार हैं। मामला श्रम विभाग में लंबित है, जहाँ इसे अवैध घोषित किया जा चुका है। लॉकडाउन के कारण मज़दूरों का संकट ज्यादा गहरा हो चुका है, और वेतन के अभाव में वे बेहाल हैं।

सम्बंधित ख़बरवोल्टास में 8 श्रमिकों की ग़ैरकानूनी छँटनी

गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड, सिडकुल सितारगंज के 208 मज़दूर पिछले 28 जनवरी 2020 से प्रबंधन के दमन-उत्पीड़न के शिकार हैं। उन्हें ना तो वेतन मिल रहा है ना ही उनकी कार्यबहाली हो रही है। ऐसे में 208 मज़दूर परिवारों का भविष्य संकटग्रस्त है और वे भुखमरी की स्थिति में पहुंच चुके हैं।

सम्बंधित ख़बरशोषण के खिलाफ गुजरात अंबुजा के मज़दूर हड़ताल पर

शिरडी इंडस्ट्रीज लिमिटेडसिडकुल पंतनगर के मज़दूर गैरकानूनी छँटनी, ले ऑफ व बर्खास्तगी के शिकार हैं। 20 जनवरी 2020 से 90 मज़दूरों को अवैध ले ऑफ दे कर बैठाया गया है और तब से मज़दूरों के दमन शोषण का दौर लगातार जारी है। लॉकडाउन की स्थिति ने संकट को और गहरा कर दिया है।

सम्बंधित ख़बरशिरडी में गैरकानूनी गेटबंदी के खिलाफ श्रम भवन पर धरना शुरू

एल जी बालाकृष्णन एंड ब्रास लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर के यूनियन महामंत्री श्री पूरन चन्द्र पाण्डे का प्रबंधन ने इसलिए गेट बंद कर दिया क्योंकि कंपनी द्वारा अप्रैल माह के वेतन में गैरकानूनी कटौती की शिकायत उन्होंने यूनियन की ओर से श्रम अधिकारी महोदय को की थी। यह भी अवगत हों कि कंपनी में सन 2012 से जब से यूनियन बनी है, दमन का क्रम लगातार जारी है।

सम्बंधित ख़बरएलजीबी यूनियन के महामंत्री की गैरकानूनी गेटबंदी

यूनियन के अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह की गैरकानूनी बर्खास्तगी 2015 में माननीय श्रम न्यायालय काशीपुर द्वारा अवैध घोषित किए जाने, माननीय उच्च न्यायालय और माननीय उच्चतम न्यायालय से भी प्रबन्धन की याचिकाएं खारिज होने के बावजूद उनको तरह-तरह से उत्पीड़ित किया जा रहा है और उनको वेतन व सुविधाएं भी पूरी नहीं दी जा रही हैं।

इसके अलावा कई कंपनियों में विभिन्न समस्याओं को लेकर औद्योगिक विवाद कायम है, लेकिन आपदा के कारण लंबित हैं। जबकि इसी दौरान महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद जिला ऊधम सिंह नगर में उप श्रमायुक्त का पद खाली हो गया।

लॉकडाउन के दौरान सबको वेतन देने के निर्देश के बावजूद कई कंपनियां मज़दूरों के वेतन में तरह-तरह से कटौतियां कर रही हैं।

मोर्चा, व विभिन्न यूनियनों द्वारा की गई माँग-

  1. भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर के समस्त 303 श्रमिकों की माननीय औद्योगिक न्यायाधिकरण के निर्देशानुसार सवेतन कार्यबहाली कराएं!
  2. वोल्टास लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर के 9 श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली कराएं!
  3. गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड, सिडकुल, सितारगंज के औद्योगिक विवाद के समाधान के साथ समस्त 208 श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली कराएं!
  4. शिरडी इंडस्ट्रीज के समस्त श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली सहित सभी प्रकार की छँटनी-ले ऑफ पर रोक लगवाएं!
  5. एल जी बालाकृष्णन एंड ब्रास लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर में यूनियन महामंत्री श्री पूरन चन्द्र पाण्डे की सवेतन कार्यबहाली के साथ-साथ माननीय श्रम न्यायालय के आदेश के आलोक में श्री विरेंद्र सिंह को समस्त सुविधाओं को दिलाने के निर्देश दें!
  6. जिला ऊधम सिंह नगर में नियमित उप श्रमायुक्त की नियुक्ति के साथ श्रम विभाग में लंबित श्रमिक समस्याओं का यथाशीघ्र निस्तारण कराएं!
  7. सिडकुल क्षेत्र में अलग-अलग कंपनियों में लॉकडाउन के दौरान काटे गए समस्त वेतन का भुगतान करने का निर्देश दें!

भूली-बिसरी ख़बरे