प्रतिबंधों के बीच देशभर में मज़दूरों ने जताया विरोध

मज़दूर अधिकारों पर बढ़ाते हमलों के ख़िलाफ़ 22 मई का अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन

श्रम क़ानूनों में मज़दूर विरोधी बदलाव, काम के घंटे बढ़ाने, प्रवासी मज़दूरों की बदहाल स्थिति आदि के खिलाफ कोरोना/लॉकडाउन के बावजूद आज देश के मज़दूर जमात का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन सफल रहा। देश के विभिन्न हिस्सों में धरना प्रदर्शन के साथ प्रधान मंत्री व श्रम मंत्री को विरोध स्वरुप ज्ञापन भेजे गए।

इस प्रदर्शन का आह्वान 10 केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने किया था, जिसका संघर्षशील मज़दूर संगठनों के साझा मंच मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) सहित तमाम यूनियनों ने समर्थन किया था। शारीरिक दूरी को बनते हुए मासा के घटक संगठनों ने सक्रियता पूर्वक इसे सफल बनाने में योगदान दिया।

इसबीच दिल्ली के राजघाट पर धरना दे रहे केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, इनमें 7 महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

देश के विभिन्न हिस्सों के कार्यक्रमों की कुछ झलकियाँ

उत्तराखंड

रुद्रपुर। मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) और उसके घटक मज़दूर सहयोग केंद्र एवं इंक़लाबी मज़दूर केंद्र और नेस्ले कर्मचारी संगठन, एलजीबी वर्कर्स यूनियन, रॉकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संघ, पारले मज़दूर संघ, भगवती श्रमिक संगठन व इंटरार्क यूनियन ने श्रम भवन में प्रदर्शन किया और प्रधान मंत्री व श्रम मंत्री को सहायक श्रमायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

17 माह से संघर्षरत भगवती-माइक्रोमैक्स के मज़दूरों ने धरना स्थल, कंपनी गेट (सिडकुल, पंतनगर) पर एक दिवसीय उपवास रखा।

इसके अतिरिक्त मज़दूर सहयोग केंद्र, महिंद्रा सीआईई श्रमिक संगठन, नेस्ले कर्मचारी संगठन, भगवती श्रमिक संगठन व टाटा मोटर्स लिमिटेड श्रमिक संघ ने प्रधानमंत्री व श्रम मंत्री को ईमेल द्वारा अलग-अलग ज्ञापन भेजे।

काशीपुर मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान के आह्वान पर इंकलाबी मजदूर केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र व रिचा श्रमिक संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा पन्त पार्क में सांकेतिक प्रदर्शन किया हुआ व तहसीलदार काशीपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री व केंद्रीय श्रम मंत्री को ज्ञापन प्रेषित हुआ।

पंतनगर। इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर द्वारा प्रधानमंत्री एवं श्रम मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन भेजा गया।

पंतनगर संयुक्त मोर्चा ने भी प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा।

रामनगर। तहसील प्रांगण में इंक़लाबी मज़दूर केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, समाजवादी लोक मंच, देव भूमि विकास मंच, तथा जागरूक नागरिक ने प्रदर्शन किया और ज्ञापन भेजा।

हरिद्वार। इंकलाबी मजदूर केंद्र, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन रानीपुर हरिद्वार, फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी, देवभूमि श्रमिक संगठन हिंदुस्तान यूनिलीवर, द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के नेतृत्व में एडीएम के माध्यम से प्रधान मंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

हरियाणा

गुडगाँव। स्थानीय लघु सचिवालय पर केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व मज़दूर संगठनों द्वारा संयुक्त प्रदर्शन हुआ। गुड़गांव DC ऑफिस के सामने भिन्न ट्रेड यूनियनों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल किया, जिसमें मासा के घटक संगठन मज़दूर सहयोग केंद्र व इंकलाबी मज़दूर केंद्र शामिल थे।

संयुक्त प्रदर्शनों में भागेदारी के साथ मज़दूर सहयोग केंद्र गुडगाँव-बवाल की ओर से प्रधानमंत्री व केन्द्रीय श्रम मंत्री को ईमेल द्वारा ज्ञापन भेजा गया।

कुरुक्षेत्र। स्थानीय बस अड्डा के पास ताज पार्क में मासा के घटक संगठन जन संघर्ष मंच हरियाणा, निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन, मनरेगा मजदूर यूनियन व अन्य कर्मचारी संगठन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और सीआईटीयू अपने-अपने बैनर तले संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया और ज्ञापन भेजा।

मनरेगा मजदूर यूनियन ने कुरुक्षेत्र जिला के विभिन्न गांव लोहार माजरा, ज्योतिसर, भैंसी माजरा के मनरेगा मजदूरों के कार्यस्थल पर ही शारीरिक दूरी का पालन करते हुए सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया।

इसी कड़ी में स्थानीय लेबर चौक सन्निहित सरोवर पर निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के जिला प्रधान चांदी राम,  कैशियर रामपाल और जन संघर्ष मंच हरियाणा (घटक मासा) के प्रांतीय सचिव सोमनाथ  के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।

गोहाना। मासा के घटक जन संघर्ष मंच हरियाणा व सीटू ने शहर के पांच प्रमुख स्थानों- अम्बेडकर चौक, समता चौक, शहीद चौक, शहीद भगत सिंह चौक व दीं बंधू छोटू राम चौक पर प्रदर्शन किया।

सोनीपत के गाँव कोहला में मनरेगा मज़दूरों द्वारा प्रदर्शन किया गया।

जींद जिला के गांव कंडेला व गाँव कलावा में मासा के घटक संगठन जन संघर्ष मंच हरियाणा ने विरोध प्रदर्शन हुआ।

मनारेगा मज़दूर यूनियन ने गुहला में प्रधानमंत्री व केंद्रीय श्रम मंत्री के नाम एस डी एम गुहला के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

कैथल। जन संघर्ष मंच हरियाणा, मज़दूर सहयोग केंद्र व सहयोगी संगठनों विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजा।

फरीदाबाद। इंकलाबी मजदूर केंद्र और औद्योगिक ठेका मजदूर यूनियन ने डीसी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजा।

राजस्थान

हनुमानगढ़, भादरा में मासा व मनारेगा मज़दूर यूनियन ने विरोध कार्यक्रम किए और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

पश्चिम बंगाल

बंगाल में चक्रवात अम्फान से भारी तबाही के बावजूद जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए। मासा के घटक स्ट्रगलिंग वर्कर्स कोआर्डिनेशन कमेटी (एसडब्लूसीसी) के नेतृत्व में मुर्शिदाबाद, कल्याणी (नदिया), व हावडा जिलों में प्रदर्शन हुए।

हावड़ा जिले के कनोरिया जूट मिल के सामने व फुलेस्वर कॉटन मिल गेट पर विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम हुआ।

दार्जलिंग में चाय बागान संघर्ष समिति (सीबीएसएस) ने सहयोग में विरोध प्रदर्शन किया।

हरिपुरा रानीगंज में आईएफटीयू (सर्वहारा) के नेतृत्व में मज़दूरों का विरोध प्रदर्शन हुआ और जुलूस निकला।

बिहार

रोहतास। मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान द्वारा समर्थित अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन के तहत ग्रामीण मज़दूर यूनियन, बिहार और इन्कलाबी निर्माण कामगार यूनियन, बिहार ने रोहतास जिले के करगहर,सासाराम, बिक्रमगंज और गोरारी प्रखंड के दर्जनों पंचायतों के पचासों गावों में बैनर, झंडा और तख्तियों पर नारा लिखकर ग्रामीण मज़दूरों ने प्रदर्शन किया।

गया आईएफटीयू (सर्वहारा) के नेतृत्व में गया के चेरकी में विरोध प्रदर्शन हुआ।

पटना के मजदूर चौक व बस्तियों में आईएफटीयू (सर्वहारा) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन।

उत्तर प्रदेश

बरेली। इंक़लाबी मज़दूर केंद्र द्वारा मज़दूर बस्ती बंशीनगला में सभा हुई व जुलूस निकाला गया। जिला अधिकारी बरेली द्वारा बिभिन्न मांगो का एक ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय को भेजा गया।

गाजीपुर। पिपनार में मज़दूर संगठनों के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में प्रदर्शन हुआ।

बलिया में इंक़लाबी मज़दूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन व ग्रामीण मज़दूर विरोध प्रदर्शन किया। इंक़लाबी मज़दूर केंद्र व ग्रामीण मज़दूर यूनियन ने बखरिया डीह (बलिया) में विरोध प्रदर्शन किया।

मऊ में इंक़लाबी मज़दूर केंद्र के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।

लखनऊ। मासा के घटक आल इण्डिया वर्कर्स काउंसिल व देश के श्रमिक आंदोलन से जुड़े लोगों ने ऑनलाइन बैठक करके विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए श्रमिक आंदोलन को कोरोना महामारी के दौर में आगे बढ़ाने की समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में बैंक यूनियन, परिवहन यूनियन, बीमा यूनियन, रक्षा कारखाना यूनियन, कोयला क्षेत्र यूनियन, चर्म उद्योग यूनियन और स्वतंत्र श्रमिक कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। साथ ही मेल द्वारा ज्ञापन भेजा।

दिल्ली

आईएफटीयू (सर्वहारा) की पहल पर दिल्ली में भारत विहार, मायापुरी, नांगलोई की मजदूर बस्तियों में विरोध प्रदर्शन हुआ और समर्थकों ने घर से पोस्टर प्रदर्शन कर समर्थन दिया।

इंक़लाबी मज़दूर केंद्र, मज़दूर एकता समिति, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, घरेलू कामगार महिला संगठन व परिवर्तनकामी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने मज़दूर बस्ती शाहबाद डेरी में जुलूस निकाला और जगह जगह सभाएं कीं।

तमिलनाडु

चेंगलपट्टू में मासा के घटक ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ़ इंडिया (टीयूसीआई) के नेतृत्व में विभिन्न यूनियनों और मज़दूरों ने प्रदर्शन किया।

चेन्नई। मासा के घटक सोशलिस्ट वर्कर्स सेंटर के नेतृत्व में विभिन्न प्रदर्शन आयोजित हुए।

ओड़िसा

भुवनेश्वर। मासा के घटक ट्रेड यूनियन सेंटर ऑफ़ इंडिया (टीयूसीआई) के नेतृत्व में ओड़िसा में घरई कामगार यूनियन सहित विभिन्न यूनियनों और मज़दूरों ने प्रदर्शन किया।

अनमोल बिस्किट वर्कर्स यूनियन ने प्रदर्शन पर विरोध जताया।

तेलंगाना

आईएफटीयू के नेतृत्व में विभिन्न प्रदर्शन आयोजित हुए। मनुगुरु में म्युनिसिपल ठेका मज़दूरों ने प्रदर्शन किया।

कर्नाटका

मासा के घटक कर्नाटका श्रमिक शक्ति (केएसएस) ने राज्य के 25 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किये और प्रशासनिक अधिकारीयों के माध्यम से ज्ञापन भेजे।

संयुक्त मंच का आह्वान, नेताओं की गिरफ़्तारी

10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच में जो दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन शामिल है उसमे इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, ऐक्टू, सेवा, टीयूसीसी, एआईयूटीयूसी, एलपीएफ और यूटीयूसी हैं। इन सभी ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय नेताओ ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत दिल्ली के राजघाट पर एक दिन की भूख हड़ताल का आह्वान किया था।

protest

दिल्ली के राजघाट पर एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे सभी मज़दूर नेताओं को राजघाट से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में सीटू महासचिव तपन सेन अध्यक्ष हेमलता, सचिव ऐ.आर.सिंधु और अमिताव गुहा, इंटक के नेता अशोक सिंह, एटक के विद्या सागर गिरी, हिन्द मज़दूर सभा के एच.एस. सिद्धू, , ऐक्टू के राजीव डिमरी और सेवा की नेता लता समेत बड़ी संख्या में अन्य नेता शामिल थे।

इसके साथ ही देश के अन्य हिस्सों से भी प्रतिबंधों के बावजूद शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए प्रदर्शन की खबरें हैं।

भेजे गए ज्ञापन की मांगें-

  • 1.लॉकडाउन के पूरे काल में सभी मजदूरों को पूरा वेतन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए!
  • 2.काम के घंटों (कार्यदिवस) में बढ़ोतरी के साथ श्रम कानूनों में सभी मजदूर-विरोधी बदलावों को रद्द करो!
  • 3.घर लौटने को इच्छुक सभी प्रवासी मजदूरों को घर पहुँचने में सहायता के साथ उनके पुनर्वास व रोज़गार की व्यवस्था की जाए!
  • 4.असंगठित क्षेत्र व स्वरोजगार से जुड़े सभी मजदूरों, जिन्हें लॉकडाउन के काल में वेतन नहीं मिला है, को ₹10,000 राहत राशि दिया जाए!
  • 5.मनरेगा मजदूरी में वृद्धि की जाए, प्रत्येक ग्रामीण मजदूर को 200 दिन के काम की गारंटी दो और काम सारा साल चलाया जाए!
  • 6.जीडीपी का कम से कम 5% सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा पर खर्च किया जाए और ‘सार्वभौमिक स्वास्थ्य व्यवस्था’ व ‘सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा’ को लागू किया जाए!
  • 7.निजीकरण, निगमीकरण, ठेकाप्रथा और अन्य नवउदारवादी नीतियों पर अविलंब रोक लगाई जाए!
  • 8.‘आरोग्य सेतु’ ऐप के अनिवार्य किये जाने वाले पारित व प्रस्तावित आर्डरों को रद्द किया जाए!
  • 9.आम मेहनतकश आबादी को लूट कर केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों की सहायता करने वाले केंद्रीय सरकार के “पैकेज” को रद्द कर आम गरीब व मेहनतकश जनता के हितों पर केंद्रित पैकेज दिया जाए!
  • 10. ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के भगवती (माइक्रोमैक्स), वोल्टास, गुजरात अम्बुज, शिरडी, एलजीबी सहित मज़दूरों के सभी लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए! सभी मज़दूरों की सवेतन कार्य बहाली हो!

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#EndMigrantCrisis
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