कोरोना/लॉकडाउन के बीच नए अंदाज़ में मना मई दिवस

छोटे-छोटे रूप में इलाकों में और सोशल मिडिया पर आयोजनों की रही धूम

संकट का हर दौर नयी राह दिखाता है। इस बार मई दिवस कोरोना/लॉकडाउन के कारण संकटपूर्ण स्थिति में था, लेकिन जगह-जगह मज़दूरों का यह ऐतिहासिक त्यौहार नए संकल्पों के साथ मना। शारीरिक दूरी को बनाते हुए घरों, बस्तियों, कार्यस्थलों से आवाज़ बुलंद हुई, तो वहीँ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसे सोशल मिडिया पर मई दिवस छाया रहा।

ज्ञात हो कि देश के विभिन्न जुझारू मज़दूर संगठनों के साझा मंच मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) ने निर्णय लिया था कि इस मौके सभी मज़दूर-मेहनतकश साथी जो जहाँ हों, वहीं लाल झंडा, पोस्टर, मज़दूरों की माँगों व नारों के साथ शिकागो के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि पेश करें! मज़दूर दिवस में अपनी उपस्थिति दर्ज करें! सरकार की मज़दूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करें!

देश के अन्य संगठनों-यूनियनों-संघों ने भी अपने-अपने स्थानों से मई दिवस मानाने का निर्णय लिया और कार्यक्रम आयोजित किये।

इस अवसर पर कोरोना संकट का बोझ मज़दूरों पर डालने के ख़िलाफ़, मज़दूरों की चाहत के अनुरूप घर वापसी या काम वापसी का जनवादी अधिकार देने, लंबे संघर्षों के दौरान हासिल मज़दूरों के अधिकारों पर डकैती बंद करने, अध्यादेश द्वारा श्रमिक विरोधी 3 श्रम कोड पारित करने का प्रयास को रोकने, काम के घंटे बढ़ाने का विरोध, कोरोना/लॉकडाउन के बहाने उद्योगों में बेगारी, वेतन व महँगाई भत्ते में कटौती, छँटनी बंद करने, सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने, संघर्षरत माइक्रोमैक्स, वोल्टास, गुजरात अम्बुजा, शिरडी आदि के मज़दूरों को न्याय देने, अन्यायपूर्ण दमन के प्रतिरोध, आदि माँगों के साथ मज़दूरों को बांटने की हर कोशिश का विरोध करने व  मज़दूर एकता मज़बूत करने का आह्वान हुआ!

उत्तराखंड

रुद्रपुर में पिछले 16 महीने से संघर्षरत भगवती-माइक्रोमैक्स के मज़दूर कम्पनी गेट स्थित अपने धरना स्थल पर मई दिवस पर संकल्प मज़बूत किया। ज्ञात हो कि कोरोना महामारी के बीच छंटनी ग़ैरक़ानूनी के ख़िलाफ़ माइक्रोमैक्स के मज़दूर धरना स्थल पर ही लॉकडाउन हैं।

ग़ैरक़ानूनी गेटबंदी के ख़िलाफ़ विगत 7 महीने से संघर्षरत वोल्टास के मज़दूर अपने घर से ही मई दिवस में भागीदरी निभाई। नेस्ले कर्मचारी संगठन के साथियों ने कम्पनी गेट अपने झंडा स्थल पर मई दिवस पर अपनी माँगें आगे कीं।

मज़दूर सहयोग केंद्र ने भदईपुरा में मई दिवस आयोजन किया। इसमें पुराने मज़दूर नेता अमर सिंह ने मई दिवस के संघर्ष, आज के हालत पर बातें रखते हुए बताया कि कैसे कोरोना महामारी के बहाने मज़दूर अधिकारों को छीनने, काम के घंटे 12 से 16 तक बढ़ाने, मज़दूरों को बंधुआ बनाने के साथ साम्प्रदायिक रूप से बांटने का खतरनाक खेल जारी है। पूँजीपतियों के कर्ज माफ़ हो रहे हैं और मज़दूरों के नौकरी व वेतन को छिना जा रहा है।

गुजरात अम्बुजा, सितारगंज के संघर्षरत साथियों ने, फ़ूड श्रमिक यूनियन, आइटीसी, हरिद्वार, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, इंकलाबी मजदूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, प्रगतिशील भोजन माता संगठन, ठेका मज़दूर कल्याण समिति, पंतनगर आदि ने भी मई दिवस शहीदों को श्रद्धांजलि दी और श्रमिक विरोधी नीतिओं का विरोध किया।

इंक़लाबी मज़दूर केंद्र ने लाइव कार्यक्रम आयोजित किए।

हरियाणा

संग्रामी मज़दूर यूनियन ने कपास हेडा में कार्यक्रम किया और 8 घंटे काम, विधेयक दवार श्रम संहिताएँ लाने के विरोध के साथ 8 घंटे काम, प्रवासी मज़दूरों के हक़ आदि की माँग बुलंद की। मज़दूर सहयोग गुडगाँव ने प्रतीकात्मक रूप से विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

जनसंघर्ष मंच, हरियाणा की ओर से फेसबुक लाइव शो हुआ। जन संघर्ष मंच हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष कामरेड फूल सिंह, मंच की महासचिव कामरेड सुदेश कुमारी, निर्माणकार्य मज़दूर मिस्त्री यूनियन के प्रधान कॉमरेड करनैल सिंह, मनरेगा मज़दूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कॉमरेड पाल सिंह ने शिकागो के शहीदों को अपना इन्कलाब सलाम पेश करते हुए लाइव मजदूरों को संबोधित किया। इसके आलावा शहीद भगत सिंह दिशा संस्थान में और घरों में पोस्टर के साथ प्रदर्शन हुए।

राजस्थान

राजस्थान औद्योगिक क्षेत्र नीमराना के ग्लोब्स स्प्रिट कंपनी के 400 ठेका श्रमिकों ने वेतन के लिए मई दिवस के दिन कम्पनी गेट पर प्रदर्शन किया।

बिहार

लॉकडाउन के बावजूद ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार ने मज़दूर दिवस के मौके पर रोहतास जिले के करगहर,काराकाट, बिक्रमगंज और सासाराम प्रखंड के कल्याणपुर, खरारी, डुमरा सेंदुआर, काराकाट, सकल, किरहीं ,गम्हरिया साराडीह सोनबर्षा बुढ़वल और बेलाढ़ी पंचायत के कई गांवों में मनरेगा में कार्यरत मजदूरों ने कार्यस्थलों पर सभा कर मई दिवस मनाया।

उत्तर प्रदेश

लखनऊ। नागरिक परिषद, लखनऊ की पहल पर अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मोबाइल कान्फ्रेंस स्मृति सभा आयोजित हुआ। अध्यक्षता वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक रामकिशोर व मार्क्सवादी मजदूर नेता केके शुक्ला ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम में वीरेंद्र त्रिपाठी, एआईडब्लूसी के अध्यक्ष ओ पी सिन्हा, एआईयूटीयूसी वालेन्द्र कटियार, अमलतास सचिव अजय शर्मा, सीबी सिंह, डा. राम प्रताप, डा.नरेश कुमार, सी एम शुक्ला, अशोक आर्या, सुरेंद्र कुमार, महेश देवा, बृजेश कुमार, जय प्रकाश, देवेंद्र वर्मा, शिवाजी ने भागेदारी निभाई।

आईएमके व क्रालोस ने बलिया में कार्यक्रम किया। आईएमके की ओर से बरेली में भी आयोजन हुए।

बंगाल

स्ट्रगलिंग वर्कर्स कोऑरडीनेशन कमेटी (एसडब्लूसीसी) पश्चिम बंगाल की ओर से स्थानीय मज़दूर बस्तियो में और सोशल मिडिया से आवाज़ बुलंद हुई। एसडब्लूसीसी ने कोलकाता की झुग्गी बस्तियो में छोटे-छोटे कार्यक्रम किये।

उड़ीसा

टीयूसीआई की पहल पर विभिन्न कार्यक्रमों के साथ एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, इसके तहत संगठित क्षेत्र के मज़दूरों के एकदिन के वेतन से सहयोग जुटाकर असंगठित क्षेत्र के घरेलू कामगारों, सफाई कर्मियो, टेलरिंग आदि का काम करने वाले श्रमिकों को देने का काम शुरू हुआ।

महाराष्ट्र

टीयूसीआई की पहल पर छोटे पैमाने के विविध आयोजन हुए, टीयूसीआई के महा सचिव कॉमरेड संजय सिंघवी ने लाइव संबोधन किया।

कर्नाटक

कर्नाटका जन शक्ति के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में और सोशल मिडिया द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर आयोजन हुए और माँगें बुलंद हुईं। टीयूसीआई कर्नाटका की ओर से भी मई दिवस आयोजन किया गया।

तेलंगाना-आन्ध्र प्रदेश

आईएफटीयू द्वारा तेलंगाना व आन्ध्र प्रदेश के विभिन्न इलाकों में घरों व सोशल मिडिया के माध्यम से मई दिवस का परचम उठाया। येल्लांदु, कुथागुदेना आदि में विभिन्न छोटे आयोजन हुए। आईएफटीयू के महासचिव कॉमरेड मुख़्तार पाशा ने सोशल मिडिया के माध्यम से संबोधन रखा।

तामिलनाडु

सोशलिस्ट वर्कर्स सेंटर, तमिलनाडु की ओर से मज़दूरों के बीच और सोशल मिडिया से कार्यक्रम हुए।

पंजाब

इंक़लाबी केंद्र, पंजाब व मासा की ओर से लुधियाना में मई दिवस पर विविध कार्यक्रम हुए।

अन्य संगठनो-यूनियनों द्वारा भी कई कार्यक्रम आयोजित हुए!

पंजाब में टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन, लुधियाना के कार्यालय पर अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के शहीदों को श्रधांजलि अर्पित की गई। कारखाना मज़दूर यूनियन, लुधियाना द्वारा शहीद भगत सिंह पुस्तकालय पर अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस मनाया गया। मज़दूर वर्ग का क्रांतिकारी लाल परचम फहरा कर, अंतरराष्ट्रीय गान व गगनभेदी नारों के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखा गया।

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