कोरोना/लॉकडाउन के बीच संकटग्रस्त वीबीएल मज़दूरों की आवाज़ सुनो!

पेप्सिको के इस प्लांट के मज़दूर 15 माह से बाहर, नेता काम पर…

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। कोरोना/लॉकडाउन के बीच छोटी-छोटी जगहों पर मज़दूरों के संकट का कहीं जिक्र तक नहीं है। ऐसा ही मामला उत्तराखंड के बाजपुर स्थित वीबीएल वेबरेज के मज़दूरों का है, जो पंद्रह माह से नौकरी से बाहर हैं, ना वेतन है, ना बोनस का भुगतान, ऊपर से लॉकडाउन ने संकट और बढ़ा दिया है।  पेप्सिको के इस प्लांट में यूनियन नेता तो काम कर रहे हैं, लेकिन मज़दूर बेरोजगार भटक रहे हैं।

दरअसल पेप्सिको का यह प्लांट, जो 2015 से वीबीएल वेबरेज बन गया, सब्सिडी व अन्य सरकारी रियायतों का लाभ उठाकर 2017 से पलायन करने की दिशा में है। कंपनी 20 साल से काम करने वाले मज़दूरों को राज्य से बाहर भेजने लगी। वे स्वतः नौकरी छोड़ कर चले जाएँ, इसलिए उनकी तमाम सुविधाओं में कटौतियां कीं। जबकि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम, उपांतरित उत्तराखंड व मॉडल स्थाई आदेश के तहत राज्य से बाहर श्रमिक की सहमति के बगैर स्थानांतरण नहीं हो सकता।

18 श्रमिकों ने इसका विरोध किया, एएलसी, डीएलसी की वार्ताएं चलीं और मामला श्रम न्यायलय संदर्भित हो गया। इस बीच कम्पनी ने श्रमिकों का 15 माह से वेतन भी रोक दिए, बकाया बोनस भी नहीं दिया, ताकि मज़दूर टूट जाएँ। यूनियन नेता भी अपनी नौकरी बचाने में लग गए।

वीबीएल वेबरेज के मज़दूरों द्वारा भेजी गई अपील-

निवदेन इस प्रकार है कि हम 18 कर्मचारी वीबीएल बाजपुर मै लगभग 20 वर्षों से कार्य करते आ रहे थे कि हमारा स्थानांतरण राज्य के बाहर अन्य राज्यो में कर दिया गया, हमारी सुविधाओं मै परिवर्तन किया गया जिस कारण हमने स्थानांतरण लेने में असहमती जताई। हम 18 कर्मचारियों को जनवरी 2019 से लगभग कोई वेतन अथवा कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है तथा हम लोगों का पिछले साल का बोनस तक नहीं दिया है। इससे हम सबकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है।

दुखद बात यह भी है कि हमारी कंपनी ने 11 यूनीयन नेताओं को बाजपुर प्लांट में सारी सुविधाओं के साथ रखा है उनको वेतन, बोनस भोजन इत्याद सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। हमारे नेतागण कहते है कि कंपनी की इच्छा है किसको रखेंगे। हम लोगो ने इन 11नेताओं से ये भी कहा कि आप हमारा मामला कम से कम सोशल मीडिया मैं डाले मगर उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया।

कंपनी ने हम 18 श्रमिकों को 15 माह से बाहर कर हमारे बोनस की पिछले साल की धनराशि भी रोक रखी है। कोरोना संकट लॉकडाउन के इस दौर में हमारे सामने संकट और विकट हो गया है।

एक अहम मुद्दा ये भी है कि बाजपुर प्लांट मैं कोई मशीने नही है फिर ये 11 कर्मचारी क्या करने जाते है वो भी जनरल शिफ्ट मैं?

हमारा मामला बडी मसक्कत के बाद काशीपुर लेबर कोर्ट मे गया है।

अतः आप से निवेदन है की आप सोशल मीडिया के माध्यम से हमारी मदद करें।

-समस्त कर्मचारीगण, वरुण बेवरेज, बाजपुर प्लांट, उधम सिंह नगर, (उत्तराखंड)

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