मज़दूर नेता कैलाश भट्ट के पुलिस उत्पीड़न की कड़ी निंदा

इंक़लाबी मज़दूर केंद्र के अध्यक्ष के साथ दमनात्मक कार्यवाही रोकने की माँग

विभिन्न संगठनों ने इंक़लाबी मज़दूर केंद्र के अध्यक्ष कैलाश चन्द्र भट्ट के साथ उत्तराखंड पुलिस द्वारा उत्पीड़न को निंदनीय कृत्य बताया है। मज़दूर सहयोग केंद्र ने उत्तराखंड पुलिस की इस दमनात्मक कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा की है, जबकि इंक़लाबी मज़दूर केंद्र ने राज्य के पुलिस प्रमुख को ज्ञापन भेजकर विरोध जताया है।

मज़दूर सहयोग केंद्र ने जारी बयान में कॉमरेड कैलाश भट्ट के जब्त मोबाइल फोन को अविलम्ब वापस करने व उनका उत्पीड़न बन्द करने की माँग की है। साथ ही सभी ट्रेड यूनियनों, मज़दूर संगठनों, नागरिक अधिकार संगठनों और इंसाफ़ पसंद नागरिकों से अपील की है कि वे इस दमनात्मक कार्यवाही का विरोध करें!

उत्तराखंड के डीजीपी को आईएमके द्वारा प्रेषित ज्ञापन

इंक़लाबी मज़दूर केंद्र द्वारा उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक को एक ज्ञापन भेजा गया है, जिसमे लिखा है कि, दिनांक 9 अप्रैल, 2020 को कोतवाली रुद्रपुर (उत्तराखंड) के उप निरीक्षक द्वारा साथी कैलाश चंद्र को पूछताछ के बहाने कोतवाली रुद्रपुर में बुलाकर पुलिस उप निरीक्षक द्वारा उनसे लगभग डेढ़ घंटे पूछताछ करने के बहाने उनका मानसिक उत्पीडन किया गया।

ज्ञापन में लिखा है कि उत्तराखंड पुलिस के मुखिया होने के नाते अन्य राज्य के पुलिस प्रमुख/वरिष्ठ अधिकारियों की भांति ही आपको आगे बढ़कर उत्तराखंड में पुलिस को सही सोच पर खड़ा कर यह स्थापित करना चाहिए कि मजदूरों एवं अन्य आम जनता को मुर्गा बनाने एवं उनके साथ मारपीट करने की घटनाएं एक सभ्य राष्ट्र एवं समाज में शर्मनाक कृत्य है। मजदूरों एवं आम जनता की गरिमा एवं स्वाभिमान का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में लिखा है कि उप निरीक्षक ने पंतनगर विश्वविद्यालय कर्मी श्री अभिलाष सिंह द्वारा ऑल यूनियन सिडकुल ग्रुप में डाली गई पोस्ट पर पुलिस द्वारा लगाए गए राजद्रोह के मुकदमे के संदर्भ में जानकारी माँगी, जबकि पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को 19 बिंदुओं पर आधारित ज्ञापन प्रेषित कर स्पष्ट किया जा चुका है कि उनके ऊपर लगाए गए राजद्रोह का मुकदमा भारतीय संविधान एवं भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर राजद्रोह के मुकदमों के मामलों में दिए गए निर्णयों की खुली अवमानना है।

ज्ञापन में बताया गया है कि साथी कैलाश को उपनिरीक्षक पुलिस द्वारा मज़दूरों को मुर्गा बनाने की उस पोस्ट के संबंध में आलोचनात्मक राय प्रकट करने को कहा गया जिसपर साथी अभिलाख ने पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार की आलोचना करते हुए पोस्ट लिखी थी। साथी कैलाश ने पुलिस के मज़दूरों के प्रति उक्त व्यवहार की आलोचना की और उसे अमानवीय बताया। इस संबंध में उन्होंने पुलिस के डी.जी.पी. के उस बयान का संदर्भ दिया जिसमें उन्होंने मज़दूरों को मुर्गा बनाने को गलत ठहराया था।

ज्ञापन में लिखा है कि उपरोक्त प्रकरण से स्पष्ट है कि पुलिस द्वेषपूर्ण भावना के तहत इंकलाबी मजदूर केंद्र के अध्यक्ष एवं अन्य दूसरे हितैषियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं पर राजद्रोह के मामले में झूठा मुकदमा दर्ज कर उत्पीड़न करने की साजिश रच रही है।

उपरोक्त प्रकरण में हस्तक्षेप करना अति आवश्यक बताते हुए लिखा है कि उत्तराखंड पुलिस मजदूरों व आम जनता को मुर्गा बनाने और मारपीट करने की घटनाओं को शर्मनाक एवं गलत माने, ऐसी घटनाएं किसी सभ्य राष्ट्र में सहन नहीं की जा सकती, उन्हें प्रोत्साहित न किया जाए। मजदूरों एवं आम जनता की गरिमा एवं आत्मसम्मान का सम्मान किया जाए। लॉकडाउन तोड़ने वालों से मानवीय एवं कानून सम्मत तौर-तरीके से निपटा जाए।  इंकलाबी मजदूर केंद्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश भट्ट समेत समस्त कार्यकर्ताओं का द्वेष भावना के तहत उत्पीड़न न किया जाए।

यह जनतांत्रिक अधिकारों पर खुला हमला है

दरअसल, पुलिस द्वारा कैलाश भट्ट पर दबाव बनाने के लिए उनसे उल्टे-सीधे सवाल पूछना, उनपर मज़दूरों को भड़काने और मज़दूरों से पैसा खाने का आरोप लगाना, कथित जाँच के बहाने उनका मोबाइल जब्त करना जनवादी अधिकारों का सीधा हनन है।

उत्तराखंड पुलिस द्वारा ठीक इसी तरह की प्रक्रिया आईएमके के साथी अभिलाख के साथ अपनायी गयी थी, जिन्हें पहले जाँच के बहाने बुलाया गया और उनका मोबाइल जब्त कर कर लिया गया था और अगले दिन फिर जाँच के बहाने बुलाकर उनपर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिसिया कार्यवाही का यह तरीका अमानवीय व संविधान विरोधी कृत्य है।

कोतवाली रुद्रपुर के उपनिरीक्षक की उपरोक्त कार्यवाही मज़दूर वर्ग के उत्पीड़न के खिलाफ उठती आवाज़ों को दबाने की एक दमनात्मक कार्यवाही है। पुलिस की यह कार्यवाही सत्ताधारियों के इशारे पर उनकी  मज़दूर विरोधी, जन विरोधी नीतियों व व्यवहार के खिलाफ जनता के बीच पनपते विरोध और असंतोष के स्वरों को कुचलना है।

यह आने वाले दमनात्मक दौर का संकेत है।

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