आईटीसी एक यूनियन की रिपोर्ट पर दूसरी यूनियन की आपत्ति

एक कठिन दौर में मज़दूर यूनियनों के लिए एकता प्रधान होनी चाहिए

पिछले दिनों ‘मेहनतकश’ पर ‘कोरोना आपदा : लॉक डाउन बनाम कंपनियों में उत्पादन’ शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। यह रिपोर्ट कोरोना की महामारी के बीच आवश्यक सेवा के नाम पर मज़दूरों पर सुरक्षा व संभावित अनहोनी के लिए बगैर किसी गारंटी काम करवाने पर थी, जो आईटीसी हरिद्वार की यूनियनों की मज़दूरों से अपील पर आधारित थी। अभी उसी प्लांट की एक दूसरी यूनियन ने उक्त अपील पर विशेष रूप से उसमे प्रकाशित कुछ फोटो पर आरोप लगते हुए आपत्ति दी है।

बता दें कि आईटीसी हरिद्वार में तीन प्लांट हैं, जिसमें 6 यूनियनें हैं। कुछ यूनियनों ने मिलकर संयुक्त मोर्चा भी बनाया है। यह अच्छी पहल रही है, लेकिन कई यूनियनों का होना मज़दूर आबादी को बांटता है, जिसका लाभ मालिक को मिलता है। कई बार आपसी विवाद भी दुश्मनाना बनने लगते हैं। कई बार बेवजह प्रतिद्वंदिता भी बढ़ती है। इससे भी नुकसान मज़दूरों का ही होता है। इसलिए एकता बनाने का प्रयास प्राथमिकता में होना चाहिए।

कर्मचारी कल्याण यूनियन ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा जारी कुछ तस्वीरों के साथ कुछ लोगों ने छेड़-छाड़ करके ‘मेहनतकश’ को भेजा है। ऐसे में, इस नए विवाद में दूसरी यूनियन का पक्ष रखना उचित है।

कर्मचारी कल्याण यूनियन पैकेजिंग एन्ड प्रिंटिंग का पक्ष

आज जब संपूर्ण विश्व नावेल कोरोना कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में उत्तराखंड राज्य व केंद्र सरकार द्वारा पहले 1 दिन और फिर 21 दिन के लॉक डाउन की घोषणा की, जो दिहाड़ी मजदूरों एवं आवश्यक सेवाओं में लगे मजदूरों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। एक तरफ जहाँ आवश्यक सेवाओं में लगे मजदूर अपनी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की गारंटी को लेकर संघर्ष कर रहे है, वहीँ दूसरी और सरकार के तुगलकी फरमानों एवं कम्पनी प्रबंधन के डर के कारण आवश्यक सेवाओं में ड्यूटी जाने को मजदूर मजबूर है।

हरिद्वार में भी आईटीसी लि., सिडकुल, हरिद्वार में शुरुआती दौर से ही मज़दूर अपने संघर्षो के दम पर बस, खाने की सुविधा से लेकर सुरक्षा इंतजामो के लिए कम्पनी प्रबन्धन से जूझते रहे और यूनियन तथा अपनी यूनिटी के दम पर काफी हद तक इसमें सफल भी रहे।

शुरुआत में कम्पनी गये मजदूरों ने एक फोटो के माध्यम से समाज को एक मैसेज भी दिया, जिस पर अंग्रेजी में लिखा हुआ था-

“I STAYED AT WORK FOR YOU, YOU STAY AT HOME FOR US”

लेकिन कुछ तत्वों ने जिन्हें आवश्यक सेवाओं में लगे मजदूरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व मजदूरों के सामाजिक दायित्व को बताते हुए उनके लिए संघर्ष करना था, उनके द्वारा ही जो मजदूरों के स्लोगन थे उनके साथ छेड़छाड़ की गयी तथा आवश्यक सेवाओं में लगे मजदूरों का भद्दा मजाक बनाया जो किसी भी प्रकार से न्यायोचित नहीं है।

मूल चित्र (दाएं) व नारा बदला हुआ चित्र (बाएँ)

कर्मचारी कल्याण यूनियन पैकेजिंग एन्ड प्रिंटिंग के अध्यक्ष एवं महामंत्री का स्पष्ट कहना है कि हमें आवश्यक सेवाओं में लगे मजदूरों का मजाक बनाने के बजाय उन मजदूरों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए संघर्ष करना चाहिये तथा मज़दूर वर्ग का एका कायम करना चाहिये।

मूल चित्र (दाएं) व नारा बदला हुआ चित्र (बाएँ)

जिन साथियों के स्लोगन के साथ छेड़छाड़ हुई है, वह पैकेजिंग एंड प्रिंटिंग प्लांट के साथ ही कर्मचारी कल्याण यूनियन के सदस्य हैं। कर्मचारी कल्याण यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि यूनियन अपने सदस्यों के मान-सम्मान एवं उनकी सभी जरूरतों के लिए संकल्पित है तथा अपने सदस्यों के साथ हुये इस अपमानजनक व्यवहार को बर्दाश नहीं करेगी।

यूनियन के महामंत्री ने कहा कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा आई टी सी लि0, जिसमें पैकेजिंग एंड प्रिंटिंग मज़दूर संघ, प्रिंटिंग यूनिट, कल्याण श्रमिक संघ, फ़ूड यूनिट एवं मज़दूर एकता संघ, पर्सनल केयर यूनिट शामिल है के द्वारा अपने ही साथियो का इस प्रकार से मजाक बनाना एवं गलत प्रचार करना बहुत ही शर्मनाक कृत्य है।

कर्मचारी कल्याण यूनियन पैकेजिंग एन्ड प्रिंटिंग, आईटीसी, हरिद्वार द्वारा प्रेषित

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