कोरोना वायरस से ख़ौफ़ के बीच ‘हंता वायरस’

क्या है हंता वायरस, क्या हैं लक्षण, कैसे करता है संक्रमित?

कोरोना वायरस के बाद हंता वायरस से मौत का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए वायरस की वजह से बीते 23 मार्च को चीन के हुनान प्रान्त में एक शख्स की मौत हो गई है। पीड़ित शख्स काम के लिए बस से शाडोंग प्रांत जा रहा था। ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, हंता वायरस से संक्रमित शख्स जिस बस में सवार था, उसमें सवार 32 लोगों की जांच की गई है।

हंता वायरस का यह मामला ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया वुहान से निकले कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है। कोरोना वायरस से अब तक 16 हजार 500 लोगों की मौत हो गई है। यही नहीं अब तक दुनिया के 382,824 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना वायरस की व्‍यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह वायरस अब 196 देशों में फैल चुका है।

कहाँ से हुई हंता वायरस की शुरुआत?

हंता वायरस का पहला मामला चीन से नहीं है। पहली बार इस वायरस के संक्रमण का मामला मई 1993 में दक्षिण पश्चिमी अमेरिका से आया था। ये चार कोनों- एरिजोना, न्यू मेक्सिको, कोलोराडो और उटाह का क्षेत्र था। न्यू मेक्सिको में इस वायरस से एक युवा शख्स और उसकी मंगेतर की मौत हुई थी। सीडीसी ने अपनी रिपोर्ट में कनाडा, अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, पनामा, पैरागुए और उरागुए से भी इस तरह के मामले आने की पुष्टि की है।

चूहों से फैलता है हंता वायरस

सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, हंता वायरस चूहों से फैलता है। अगर कोई इंसान चूहों के मल-मूत्र या लार को छूने के बाद अपने चेहरे पर हाथ लगाता है तो हंता से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है।

हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का वक़्त लग सकता है।

हंता वायरस के लक्षण क्या हैं?

अगर कोई व्यक्ति हंता संक्रमित है तो उसे बुखार, दर्द, सर्दी, बदन दर्द, उल्टी जैसी दिक़्क़तें हो सकती हैं। हंता संक्रमित व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भरने और सांस लेने में तकलीफ़ भी हो सकती है।

क्या इसका इलाज है?

जनवरी 2019 में हंता से संक्रमित नौ लोगों की पेटागोनिया में मौत हो गई थी। इसके बाद पर्यटकों को आगाह भी किया गया था। तब के एक अनुमान के मुताबिक़, हंता वायरस से संक्रमित लोगों के 60 मामले सामने आए थे, जिनमें 50 को क्वारंटीन रखा गया था।

CDC की मानें तो हंता वायरस में मृत्युदर 38 फ़ीसदी होती है और इस बीमारी का कोई ‘विशिष्ट इलाज’ नहीं है।

भूली-बिसरी ख़बरे