दिल्ली : दो फैक्ट्रियों में लगी आग, बार-बार की घटनाओं पर उठे सवाल

जहाँगीरपुरी में 2 केमिकल फैक्ट्रियों में लगी आग, 15 गाड़ियों ने बुझाया

दिल्ली के जीटी-करनाल रोड जहांगीरपुरी में पीवीसी पाइप और केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लग गई। दमकल की 15 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं। मजदूरों की जान इतनी सस्ती है कि लगातार फैक्ट्रियों में लगने वाले आग को काबु करने के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं होते हैं। यहां तक की मजदूरों या उनके परिवार वालों को ढंग का मुआवजा तक नसीब नहीं होता है।

जहांगीरपुरी इलाके जीटीके डिपो के पास स्थित दो फैक्ट्री में शनिवार आग लग गई। इनमें भूतल व पहली मंजिल पर आग लगी हुई है। आग में एक व्यक्ति के घायल होने की ख़बर है। दिल्ली में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन सवाल यह है की ये आग लग क्यों रही है?

दिल्ली में बीते दिनों कई फैक्ट्रियों में आग लग रही है, जिसमें कई मज़दूरों ने अपनी जान भी गँवा दी है। ये घटनाए सरकारी तंत्र पर सवाल खड़ा करती है, इन घटनाओं का कौन जिम्मेदार ? अब तक इन सभी घटनाओ में किस पर कठोर करवाई हुई ?  शायद किसी पर नहीं कुछ लोगों पर कार्रवाई हुई तो उसे बस खानापूर्ति कह सकते हैं।

इस तरह की घटनाएं प्रशासन और फैक्ट्री मालिकों के मिलीभगत से होती हैं। चंद पैसे बचने के लिए फैक्ट्री मालिक मज़दूरों की जान से खेलते हैं। दिल्ली की अधिकतर फैक्ट्रियों में मज़दूरों की सुरक्षा के नाम पर बड़ा शून्य होता है।

मज़दूर संगठनों ने समय समय पर कई बार इस बातों के लेकर कहा है कि “ऐसी घटनाएं प्रशासन कि लापरवाही से होती हैं। भ्रष्ट अधिकारी जिनकी जिम्मेदारी है कि वो फैक्ट्री का दौरा करें और नियमों का लागू कराएं लेकिन अधिकारी भ्रष्ट हैं और अक्सर नियमों के उल्लंघन को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।”

न्यूजक्लिक से साभार

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