भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ बाल सत्याग्रह

गुजरात अम्बुजा के मज़दूरों का संघर्ष जारी, होली के बाद समाधान का मिला आश्वासन

हल्द्वानी (उत्तराखंड), 8 मार्च। आज गुजरात अंबुजा कंपनी सिडकुल सितारगंज में कार्यरत मजदूरों के छोटे छोटे बच्चे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के हल्द्वानी स्थित आवास पर तय कार्यक्रम के तहत निकले। जैसे ही बच्चे चोरगलिया पुलिस चौकी के पास पहुंचे तो पुलिस ने बस को रोक लिया। इससे बच्चे भडक उठे और बस से उतर कर पैदल ही मार्च करते हुऐ चल पडे। बच्चों के तेवर पुलिस ने बच्चों को बस में बिठा कर खेडा स्थित बेन्कट हाल में ले जाया गया। वहां बन्शीधर भगत के पुत्र एसडीएम व सीओ हल्द्वानी के साथ बच्चों से मिलने आये और ज्ञापन लिया, आश्वासन दिया की होली के तुरंत बाद समस्या का समाधान कर दिया जायेगा।

इस दौरान बच्चों का कहना था कि केन्द्र सरकार एवं नरेन्द्र मोदी जी का सर्व शिक्षा अभियान बेटी पढाओ बेटी बचाओ का नारा भी झूठा एवं जुमला ही प्रतीत हो रहा हैं। क्योंकि परिक्षाओं के समय हम बच्चों के स्कूल छुट रहे हैं। परिक्षाओं के समय में हमें बाल सत्याग्रह करने को विवश होना पड रहा है। मज़दूरों की अनगिनत शिकायतों के बावजूद भी श्रम विभाग, जिला प्रशासन एवं भाजपा सरकार कोई कार्यवाही नही कर रही है। बताया कि गुजरात अंबूजा के प्लांट हेड आर के गुप्ता का भी कहना हैं की में आरएसएस का आदमी हूं। भाजपा व आरएसएस को मोटा चन्दा देता हूं। सरकार व प्रासासन के रूख को देखते हुए आर के गुप्ता की बात सत्य प्रतीत हो रही हैं।

बच्चों का कहना था कि 20 फरवरी से महिलाएं रामलीला मैदान सितारगंज में अनशन पर बैठी हैं। 28 जनवरी से गुजरात अंबूजा के मजदूर सिडकुल सितारगंज में धरने पर हैं। परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः हम बच्चों को 28 फरवरी से भाजपा के सितारगंज विधायक के आवास के समक्ष बाल सत्याग्रह शुरू करना पडा। जो कि प्रति दिन जारी हैं।

बच्चों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पुत्र को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अपने वादे को पूरा कर होली के तुरंत बाद समस्या का समाधान न किया तो बच्चे पुनः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के हल्द्वानी स्थित आवास के समक्ष बाल सत्याग्रह करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी भाजपा अध्यक्ष की ही होगी। साथ ही बच्चों ने यह चेतावनी भी दी कि जरुरत पडने पर वो मुख्य मन्त्री त्रिवेन्द्र सिहं रावत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास/कार्यालय में बाल सत्याग्रह करने से पिछे नही हटेगें।

ज्ञात हो कि गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड के मज़दूर विभिन्न माँगों को लेकर 28 जनवरी से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। दमन झेलते हुए मज़दूर, महिलाओं व बच्चों के साथ पूरे जज्बे के साथ संघर्ष के मोर्चे पर डटे हुए हैं।

आज के बाल सत्याग्रह में दृष्टि सतवाल, चित्राशंसिहं सतवाल, पीयूष, आयुश, राधा, भावना, प्रिंश, गरीमा, कृष्णा, शिव कुमार, वैष्णवी, मन्नु, अनामिका, अनुष्का समेत बडी संख्या में बच्चे, महिलाएँ व मज़दूर शामिल थे।

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