नेस्ले यूनियनों ने साझी एकता और मजबूत की

नेस्ले मज़दूर संघ और नेस्ले कर्मचारी संगठन ने अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ संयुक्त बैठक कर शोषण के ख़िलाफ़ एकजुट संघर्ष का किया आह्वान

पंतनगर (उत्तराखंड)। नेस्ले इण्डिया लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर में प्रबंधन की शोषणकारी नीतियो के ख़िलाफ़ प्रतिष्ठान की दोनों यूनियनों नेस्ले मज़दूर संघ और नेस्ले कर्मचारी संगठन ने साझे तौर पर अपने यूनियनों के पुराने व वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करके अपनी मजबूत एकता का प्रदर्शन किया और संघर्ष तेज करने का ऐलान किया।

बैठक में उपस्थित दोनों यूनियनों के पूर्व और वर्तमान प्रतिनिधियों ने कारखाने में चल रही समस्याओं पर चर्चा की और एकमत से यह निर्णय लिया कि यदि प्रबंधन ने शीघ्र अति शीघ्र अपना तानाशाहीपूर्ण रुख नही बदला तो कंपनी के सभी श्रमिक मिल कर कोई बड़ा और ठोस कदम उठाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पिछले दो सालों से नेस्ले प्रबंधन ने मज़दूरों का दमन तेज कर दिया है। आरोप पत्र, चेतावनी पत्र आदि देने, वेतन कटौती, ग्रेड रोकने आदि उत्पीडन के हथियार बन गए हैं। ऐसे में कम्पनी की दोनों यूनियनों ने अपनी एकजुटता बनाई, नेस्ले श्रमिक संयुक्त मोर्चा का गठन किया और नए वेतन समझौते के लिए साझा माँग पत्र दिया। इससे प्रबंधन में बौखलाहट बढ़ गई।

यूनियन नेताओं ने बताया कि श्रमिक उत्पीडन के तौर पर प्रबंधन ने सारे श्रमिकों के ऊपर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे तक लगा दिए, जबकि सीसीटीवी कैमरे का मुद्दा यूनियनों के माँग पत्र के साथ प्रबंधन की व्यावसायिक आवश्यकताओं का विवादित विन्दु है, जिसके तहत दोनों पक्षों की सहमति से निर्धारित स्थानों पर लगाया जाना चाहिए था।

नेताओं ने बताया कि प्रबंधन ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस अवकाश के दिन चोरी से इसे अंजाम दिया और श्रमिकों को भड़काने का प्रयास किया, लेकिन यूनियनों की सूझ-बूझ से स्थिति नियंत्रित रही। प्रबंधन जानबूझकर तरह-तरह से माँगपत्र को उलझा रहा है, ऐसे में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बैठक में व्यापक रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में दोनों यूनियनों के पूर्व अध्यक्ष राजदीप बठला, दीपक अल्मिया, दीपेंद्र भट्ट आदि वरिष्ठ पदाधिकारियो के साथ वर्तमान पदाधिकारी राजेंद्र गुस्साई, सोहन लाल, सुरेन्द्र मेहरा, चंद्रमोहन लखेड़ा, धनवीर, मुकेश पाण्डे आदि सहित दोनों यूनियनों के कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

भूली-बिसरी ख़बरे