होंडा स्कूटर ठेका मजदूरों का समझौता सम्पन्न

लंबे संघर्ष के बाद हुए इस समझौते के तहत मजदूरों को मिला मुआवज़ा

गुड़गांव। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया मानेसर कारखाने के ठेका मजदूरों का 4 माह से जारी संघर्ष 3 मार्च को समझौते के साथ समाप्त हो गया। समझौते के तहत छँटनी मुआवजा व बकाया राशि के आलावा 23 हजार रुपए मुआवजे के तौर पर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में कम्पनी में ठेका मज़दूरों की भर्ती पुराने ठेका मज़दूरों से ही वरिष्ठता क्रम से लेने का भी समझौता हुआ। इस प्रकार महज मुआवज़े के एक जुझारू आन्दोलन समाप्त हो गया।

ठेका मज़दूरों के समझौते के बावजूद, यूनियन के पूर्व प्रधान सहित 6 निलंबित मज़दूरों की कार्यबहाली व स्थाई मज़दूरों के वेतन समझौते का विवाद जारी है।

ज्ञात हो कि 4 नवम्बर 2019 को होंडा प्रबंधन ने पिछले 7-8 साल या उससे ज्यादा समय से कंपनी में काम कर रहे 650 ठेका मज़दूरों का अचानक गेट बंद कर दिया था। 5 नवम्बर से ये मज़दूर कंपनी गेट के बाहर और बाकि ठेका मज़दूर कंपनी के अन्दर उत्पादन बंद करके धरने पर बैठ गए थे। मंदी के बहाने अन्यायपूर्ण छँटनी के खि़लाफ लगभग 2500 मज़दूरों ने आईएमटी मानेसर में धरना जारी रखा। काफी मुश्किलों के वावजूद लगातार 15 दिन कंपनी के अन्दर बैठने के बाद 19 नवम्बर को प्रशासन और श्रम विभाग के आश्वासन पर सभी मज़दूर बाहर आये और तबसे कंपनी के बाहर धरना जारी रखा था।

समझौते से क्या मिला?

उप श्रम आयुक्त की मध्यक्षता में यूनियन और ठेकेदार के साथ समझौते के तहत-

  • 2111 ठेका श्रमिकों को उनका नवंबर 2019 माह के बकाया वेतन, छुट्टियों का पैसा, ग्रेच्युटी, बोनस, छँटनी मुआवजा के बराबर राशि व तीन माह का नोटिस पे के अलावा हर साल की नौकरी पर प्रतिवर्ष ₹23000 एक्सग्रेशिया की एक राशि प्रदान की जाएगी।
  • कुल 2458 ठेका श्रमिकों में से 347 ठेका श्रमिक जो अपना हिसाब पूर्व में चुकता कर चुके हैं, उन्हें शेष राशि ₹8000 प्रति वर्ष की नौकरी के हिसाब से मिलेगा।
  • यह भी तय हुआ कि भविष्य में संस्था के अंदर ठेका श्रमिकों की आवश्यकता पड़ती है तो इन्हीं पुराने 2458 श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • समझौते के तहत समस्त श्रमिक अपने-अपने ठेकेदारों से मिलकर अपना त्यागपत्र ठेकेदार को देखकर पूर्ण चुकता हिसाब प्राप्त करेंगे।
  • कंपनी नियोक्ता होंडा मोटरसाइकिल स्कूटर इंडिया के खिलाफ दायर सभी प्रकार की शिकायत, पत्राचार विवाद आदि इस समझौते के तहत समाप्त माने जाएंगे।
  • यह भी तय हुआ कि कंपनी प्रबंधन द्वारा सिविल न्यायालय में दायर न्यायालय की अवहेलना के लिए दर्ज केस वापस होंगे।

समझौते में उप श्रम आयुक्त सर्कल-2 गुरुग्राम के साथ होंडा यूनियन के प्रधान अशोक यादव, पूर्व प्रधान सुरेश गौड़, राम निवास, संदीप गुज्जर आदि यूनियन पदाधिकारी, ठेका श्रमिक प्रतिनिधि राधेश्याम, संदीप कुमार, अतुल कुमार त्रिपाठी, सोमनाथ, कर्मपाल सिंह, रूपेश, ईश्वर सिंह, सत्यव्रत, मोनू चौहान ठेकेदार के सी इंटरप्राइजेज व सुकमा इंटरप्राइजेज की ओर से राममेहर मान, कमल इंटरप्राइजेज की तरफ से समुन्द्र सिंह चौहान आदि ने हस्ताक्षर किए।

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