मज़दूरों-महिलाओं का रुद्रपुर के श्रम भवन पर प्रदर्शन

सिडकुल संयुक्त मोर्चा सितारगंज के नेतृत्व में गुजरात अंबुजा सहित कई यूनियनों के मज़दूरों व महिलाओं ने जताया आक्रोश

रुद्रपुर। सिडकुल सितारगंज व पंतनगर में श्रमिकों की गैरकानूनी गेटबंदी, छंटनी, मांग पत्रों पर सुनवाई न होने, पुलिस द्वारा श्रमिकों व महिलाओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करने, श्रमिकों की तहरीर पर कार्रवाई न करने आदि को लेकर श्रमिकों ने श्रम भवन पर जोरदार प्रदर्शन किया। दमन बंद ना होने व न्यायपूर्ण माँगों का समाधान ना होने पर 20 फरवरी से सितारगंज के विधायक के आवास पर महिलाओं द्वारा अनशन शुरू करने का ऐलान किया।

धरना प्रदर्शन में सिडकुल संयुक्त मोर्चा सितारगंज, गुजरात अंबुजा यूनियन, बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन, शिरडी श्रमिक संगठन, ऑटोटेक श्रमिक संगठन सहित तमाम यूनियनों व संगठनों ने शिरकत की। इसके साथ ही श्रमिकों ने उप श्रमायुक्त को ज्ञापन दिया।

श्रम भवन पर आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि गुजरात अंबुजा, बजाज मोटर्स, शिरडी, ऑटोटेक, इंटरार्क, वोल्टास आदि कंपनियों में प्रबंधकों  द्वारा यूनियन के नेताओं व सदस्यों की गैरकानूनी गेटबंदी कर उत्पीडऩ किया जा रहा है। बजाज मोटर्स प्रबंधन की झूठी तहीर पर यूनियन के सदस्यों, मज़दूरों व महिलाओं पर मुकदमा दर्ज करने वाली पुलिस गुजरात अंबुजा कंपनी के श्रमिकों के पीएफ व ईएसआई के मद में करोड़ों रुपये का गबन करने वाले कंपनी मालिक व प्रबंधकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

वक्ताओं ने कहा कि शिरडी कंपनी में पंजीकृत समझौते का उल्लंघन कर मजदूरों की छंटनी व ले ऑफ देने का गैरकानूनी कृत्य किया जा रहा है। ऑटोटेक कंपनी में श्रमिकों की गेटबंदी कर दी गई, जबकि उनका दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने बोनस एक्ट लागू करने व न्यूनतम वेतन देने की मांग की थी। गुजरात अंबुजा में श्रमिकों को सिर्फ दो सौ से तीन सौ रुपये तक ही बोनस दिया गया, जबकि बोनस एक्ट में न्यूनतम सात हजार रुपये बोनस देने का प्रावधान है। श्रमिकों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जाता। वक्ताओं ने कहा कि 58 साल से अधिक उम्र के मजदूरों से खतरनाक मशीनों पर कार्य करवाया जा रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि पारले, गुजरात अंबुजा, बजाज मोटर्स, ऑटोटेक, इंटरार्क, वोल्टास समेत अनगिनत कंपनियों में श्रमिकों के मांगपत्रों पर सुनवाई नहीं की जा रही है। एमकौर, एरा, माइक्रोमैक्स के मजदूर गैरकानूनी छंटनी व बंदी के शिकार हैं। श्रम विभाग व जिला प्रशासन से अनेक बार शिकायत की जा चुकी है, परंतु श्रमिकों को न्याय नहीं मिल पा रही है।

श्रमिकों ने ऐलान किया कि 20 फरवरी से सितारगंज के विधायक के आवास पर महिलाएं अनशन शुरू करेंगी। सिडकुल पंतनगर व सितारगंज में आर पार का संघर्ष शुरू किया जाएगा।

प्रदर्शन में सुरेंद्र सिंह देउपा, कैलाश चंद्र पांडे, चंदन सिंह मेवाड़ी, मनोज जोशी, दलजीत सिंह, दिनेश चंद्र, जर्नादन पोखरिया, सरिता देवी, ललित बहुगुणा, वीर बहादुर, देवत्त, सुरेंद्र देउपा, गोविंद सिंह, रजनी पांडे, सौरव पटेल, देवेंद्र राणा, छोटे लाल, कृष्णा नंद, सौमित्रा देवी आदि मौजूद थे।

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