मज़दूर महापंचायत में शोषण के ख़िलाफ़ उठी आवाज़

सिडकुल संयुक्त मोर्चा सितारगंज ने हल्ला बोल कार्यक्रम का किया ऐलान

सितारगंज (उत्तराखंड), 9 फरवरी। आज सिडकुल संयुक्त मोर्चा सितारगंज के तत्वावधान में एल्डिको सिडकुल सितारगंज (उधमसिंह नगर) के मुख्य प्रवेश द्वार पर चल रहे गुजरात अम्बुजा के धरना स्थल में मजदूर महापंचायत का सफल आयोजन हुआ। तत्पश्चात मजदूरों, महिला साथियों व बाल सिपाहियों ने विशाल रैली निकाली। रैली पूरे सिडकुल में गुजरते हुए सिडकुल पुलिस चौकी पहुंची और चौकी इंचार्ज के माध्यम से श्रम मंत्री उत्तराखंड सरकार और केंद्रीय श्रम मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन प्रेषित हुआ।

ज्ञापन के माध्यम से मोर्चा ने चेतावनी दी कि दो सप्ताह के भीतर गुजरात अम्बुजा, शिरडी, बजाज मोटर्स, एमकौर समेत सिडकुल सितारगंज व पंतनगर की कंपनियों में चल रहे औद्योगिक विवादों पर सुनवाई कर श्रमिकों की समस्याओं का हल न होने पर संयुक्त मोर्चे द्वारा सिडकुल सितारगंज में आम औद्योगिक हड़ताल की जायेगी, जिसके लिये शासन प्रशासन जिम्मेदार होंगे।

महापंचायत ने 12 फ़रवरी को श्रम भवन रुद्रपुर में हल्ला बोल कार्यक्रम का ऐलान किया।

ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड सितारगंज के प्रबंधकों के एएसआई के मासिक वेतन से संबंधित विभागों में जमा करने के स्थान पर स्वयं ही हड़प ली गई और धोखाधड़ी की गई है और श्रमिकों को महज 200-300 रुपए का ही बोनस दिया, जो बोनस एक्ट के खुला उल्लंघन है। सितारगंज की गुजरात अंबुजा समेत दर्जनों कंपनियों के मांग पत्र पर सुनवाई नहीं की जाती है। शिरडी, गुजरात अंबुजा, बजाज मोटर्स, ऑटो लाइन, ऑटोटेक, पारले जी, वोल्टास, एमकोर, भगवती प्रोडक्ट (माइक्रोमैक्स) समेत अनेक कंपनियों के मज़दूरों की द्वेष भावना के तहत गैर कानूनी गेट बंदी, छँटनी कर दी गई है।

संयुक्त मोर्चा द्वारा उपरोक्त गैरकानूनी कृतियों पर रोक लगाने हेतु श्रम विभाग व शासन प्रशासन के समक्ष अनगिनत बार लिखित शिकायत की गई है, परंतु पीड़ितों को न्याय देने के स्थान पर प्रशासन व पुलिस द्वारा पीड़ित श्रमिकों पर ही झूठे मुकदमे लगा कर दमन किया जा रहा है और मालिकों के उपरोक्त गैरकानूनी कृत्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। गुजरात अंबुजा के मजदूरों पर झूठे मुकदमे लगाकर दमन करना इसका ताजा उदाहरण है। इससे मजदूरों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

महापंचायत में संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह देवता द्वारा सिडकुल प्रबंधन एवं प्रशासन को चेताया कि सिडकुल में श्रमिक शोषण उत्पीड़न काफी बढ़ गया है। न्याय देने की जगह उल्टे मजदूरों पर ही मुकदमे लगा दिए गए।

वक्ताओं ने कहा कि पारले जी, गुजरात अंबुजा, बजाज मोटर्स, शिरडी, भगवती प्रोडक्ट माइक्रोमैक्स आदि कई कंपनियों के मांग पत्र लंबित है और कोई सुनवाई नहीं हो रही है। श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा शिकायत करने पर उन्हीं का गेट बंद कर दिया जाता है।

कैलाश पण्डे ने कहा कि प्रबंधन द्वारा भ्रष्टाचार फैलाया जा रहा है। जबकि प्रबंधन की एक शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। जबकि श्रमिकों की शिकायतों पर सालों साल कोई कार्रवाई नहीं होती है।

मजदूर महापंचायत में रुद्रपुर व पंतनगर से माइक्रोमैक्स, वोल्टास, औटोटेक, यजाकि ,ठेका मजदूर कल्याण समिति, इंकलाबी मजदूर केंद्र आदि के नेतृत्व में मज़दूरों ने भागेदारी की। सिडकुल सितारगंज के गुजरात अम्बुजा के मजदूर व महिलाओं, बाल सिपाहियों के साथ साथ रैकिट , हेंज, पंजाब वेबल्स, पारले जी, एमकौर, itdl, सैटको यूनियनों व सिडकुल संयुक्त मोर्चे के साथियों समेत सैकड़ो मज़दूरों ने कार्यक्रम में जोशो खरोश के साथ भागेदारी की।

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