केन्या के मेरु काउंटी में हेल्थकेयर श्रमिक 5 फरवरी आंदोलन पर

अनियमित वेतन भुगतान और कर्मचारियों की कमी से परेशान है यूनियन

केन्या के मेरू काउंटी में स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा दी गई 21-दिवसीय हड़ताल का नोटिस 5 फरवरी को समाप्त होने वाला है। यदि तब तक उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता है, तो सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशयन और फार्मासिस्ट सभी अपना काम बंद कर देंगे।

उनकी मुख्य शिकायत यह है कि मेरु काउंटी सरकार ने पिछले साल नवंबर और दिसंबर के महीने के उनके वेतन का भुगतान नहीं किया है। जो कुल 38 मिलियन शिलिंग (भारतीय रुपए में लगभग 26 मिलियन) की राशि है। भुगतान में इस देरी के कारण, कई श्रमिक जिन्होंने अपने काम के लिए जो ऋण लिए है उसे चुका नहीं पा रहे है, इसके अलावा भी अपने कई अन्य प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असफल हो रहे हैं।

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इसके अलावा, वे कर्मचारियों की भारी कमी से भी परेशान हैं। जिस पर यूनियनों का मानना है कि ऐसा जानबूझकर काउंटी की सरकार द्वारा किया जाता है ताकि कम लोगों को वेतन देना पड़े। कीनिया यूनियन ऑफ क्लिनिकल ऑफिसर्स के मेरु काउंटी सचिव मोशे बैयेनिया (Moses Baiyenia) के अनुसार, स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए 300 अधिक क्लिनिकल ऑफिसर्स और 1,500 अधिक नर्सों की आवश्यकता होती है।

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डेली नेशन ने बताया कि वर्तमान में काउंटी में केवल 135 डॉक्टर हैं, जिनमें से कम से कम 40 डॉक्टर प्रबंधकीय कामों या अन्य गतिविधियों में व्यस्त होते हैं। केन्या मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एंड दंत चिकित्सक संघ (KMPDU) के मेरु शाखा सचिव टिमोथी नजेरू (Timothy Njeru)का कहना है कि मेरु टीचिंग और रेफरल अस्पताल में 80 चिकित्सा चिकित्सकों को तैनात किया जाना चाहिए। यहां उन्होंने कहा, “हमारे पास एक ऑन्कोलॉजी सेंटर है और केवल एक ऑन्कोलॉजिस्ट है। पर्याप्त रूप से संचालन के लिए, हमें 180 से 230 के बीच विशेषज्ञों की आवश्यकता है। ”  श्रमिक लंबे समय तक काम करने के बावजूद खराब कामकाजी परिस्थितियों और पदोन्नति नहीं मिलने के बारे में भी शिकायत कर रहे हैं।

साभार : पीपुल्स डिस्पैच

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