लंबे संघर्ष के बाद एलजीबी में समझौता सम्पन्न

वर्ष 2017 से 4 साल का 6 हजार ग्रास में बृद्धि, 15 दिन में मिलेगा एरियर, दोनों श्रमिकों की कार्यबहाली और सभी श्रमिकों के आरोप पत्र निरस्त

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। करीब पौने तीन साल के लम्बे संघर्ष के बाद एलजी बालाकृष्णन एंड ब्रास लिमिटेड में उप श्रमायुक्त की मध्यस्तता में प्रबंधन व यूनियन के बीच समझौता संपन्न हो गया। 1 अप्रैल, 2017 से चार साल के इस समझौते के तहत अन्य सुविधाओ में बृद्धि के साथ वेतन बृद्धि ग्रास में होगी। समझौता रुद्रपुर प्लांट में भी लागू होगा। कार्यबहाली के बाद दोनों श्रमिक 15 दिन ट्रेनिंग पर कोयम्बटूर जाएँगे।

ज्ञात हो कि एलजीबी वर्कर्स यूनियन ने 30 जनवरी 2017 को अपना माँग पत्र दिया था। इसपर प्रबंधन की हठधर्मिता के साथ दमन का रुख बना हुआ था। उसने करीब डेढ़ दर्जन मज़दूरों पर कथित आरोप पत्रों द्वारा जाँच के बहाने दबाव बनाया हुआ था।

इस बीच यूनियन के अध्यक्ष की गैरकानूनी बर्खास्तगी का मुक़दमा सुप्रीम कोर्ट से भी हार जाने के बाद से एलजीबी प्रबंधन की बौखलाहट और बढ़ गई थी। उसने यूनियन के कोषाध्यक्ष ललित बोरा व संगठन मंत्री गोविंद सिंह की 11 नवंबर से गैरकानूनी गेटबंदी कर दी थी।

कम्पनी के ऊधम सिंह नगर में दो प्लांट पंतनगर व रुद्रपुर  हैं, दोनों प्लांटों में उसने यूनियन तोड़ने की गरज से तरह-तरह से दमन तेज कर दिया था। प्रबन्धन शुरू से दूसरे प्लांट में यूनियन की मान्यता व समझौता लागू ना करने की जिद में था।

ऐसे में यह समझौता टलता रहा और कई दौर की वार्ताओं के बाद वेतन आदि पर सहमति के बावरूद डेढ़ साल पूर्व माँग पत्र का विवाद श्रम न्यायालय चला गया था। यूनियन का संघर्ष जारी रहा और अन्ततः इस समझौते से जीत मिली।

समझौते के मुख्य बिंदु-

★ समझौता की अवधि 1-4-17 से 31-3-21 तक होगी। वेतन बृद्धि 4 साल के लिए 6 हजार रुपए मासिक ग्रास में हुआ है। (पहले साल 2000 रुपए, दूसरे व तीसरे साल 1500-1500 तथा चौथे साल 1000 रुपए)। अबतक के वेतन बृद्धि की बकाया राशि का पूरा एरियर 15 दिन में मिल जाएगा।

  • प्रत्येक श्रमिक को माह में चार घन्टे का आउट पास मिलेगा।
  • साल में एक जोड़ी यूनिफार्म और मिलेगी, जो बढ़कर सालाना तीन जोड़ी हो गयी है।
  • स्कूल प्रवेश के लिये सालाना 10,000 रुपए अग्रिम राशि मिलेगी, जिसका मासिक 1000 रुपए किश्त कटेगा।
  • यूनियन सदस्यो पर लगाये गये सारे आरोप, चेतावनी पत्र देकर निरस्त होंगे।
  • भविष्य में कोई विवाद उत्पन्न होने पर यूनियन के साथ द्वीपक्षीय वार्ता में समाधान होगा।
  • साथी ललित बोरा और गोविंद सिंह की कार्य बहाली हो गई, वे 15 दिन की ट्रेनिंग पर कोयंबटूर जाएँगे, फिर पंतनगर प्लांट में वापसी होगी और समझौते के पूरे लाभ के भागी होंगे।
  • महत्वपूर्ण यह भी है कि यूनियन से समझौता हुआ, यूनियन को मनाना पड़ा और दोनों प्लांटों को इसका लाभ मिलेगा।

एलजीबी के साथियो को मज़दूर सहयोग केंद्र ने जीत की बधाई दी है!

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