बेख़ौफ़ भगवा गुंडों के आतंक का एक और खेल

30 जनवरी, 1948 गाँधी जी की हत्या : 30 जनवरी, 2020 को गोडसे के मानस पुत्र द्वारा गोलीकांड

गृह मंत्री सहित मोदी सरकार के तमाम मंत्रियो के घातक बयानों के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों पर फायरिंग क्या सुनियोजित नहीं मना जाना चाहिए? तमाम जनवादी पोस्टों, को मानक विरोधी बताकर ब्लॉक मारने व प्रतिबंधित करने वाला फेसबुक गोपाल ​जैसे दंगाइयों की पोस्ट लगातार बिना बाधा चलने देता है. यह क्या बताता है…

नई दिल्ली: जामिया यूनिवर्सिटी के पास हो रहे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन में भारी पुलिस की मौजूदगी में रामभक्त गोपाल नमक संघी खुलेआम बंदूक लेकर घुसा और फिर फायरिंग करते हुए ‘ये लो आजादी’ के नारे लगाए. हमलावर की गोली से एजेके जनसंचार शोध सेंटर (एजेकेएमसीआर) के पहले साल के छात्र शादाब फ़ारुखी घायल है. जिसे निकटवर्ती होली फैमिली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. घटना दोपहर लगभग 1:40 बजे की है.

दरअसल, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र राजघाट तक पदयात्रा निकालने की तैयारी कर रहे थे. तभी एक युवक आया और उसने ‘ये लो आज़ादी’ और दिल्ली पुलिस ज़िंदाबाद के नारे लगाते हुए गोली चलाई. इस रैली के दौरान गोपाल लगातार फेसबुक पर लाइव कर रहा था. उसने पिछले दो घंटे के भीतर एक के बाद एक न केवल कई वीडियो डाले हैं बल्कि वह बार-बार लिख रहा था कि मैं यहां अकेला हिंदू हूं और आज़ादी देने आया हूं.

शाहीन बाग़ में पिस्तौल लहराए जाने की घटना के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय में यह घटना सामने आई है.

वरिष्ठ विश्लेषक गिरीश मालवीय ने फेसबुक पर लिखा….

गोड़से सफल सिद्ध हो रहा है हमने जॉम्बी पैदा कर लिए हैं जो सड़को पर लाशें बिछा देना चाहते है……..

यह व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ही छात्र है जो खुलेआम दिल्ली की सड़कों पर पिस्टल लहरा रहा है गोलियां चला रहा हैं, हमलावर अपना नाम पुलिस से गोपाल बता रहा है. साथ ही खुद को रामभक्त भी बता रहा है.
प्रत्यक्षदर्शियों बता रहे हैं कि युवक गोली चलाने के दौरान ओर ले लो आजादी, भारत मां की जय, दिल्ली पुलिस जिंदाबाद और वन्दे मातरम का नारा लगा रहा था.

अब यह तो तय है कि यह व्यक्ति आतंकवाद की मानक ओर स्वीकृत परिभाषा से बाहर है.

आज CAA और NRC के विरोध में दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक की ओर जो मार्च निकाला जा रहा था उस मार्च के दौरान इस शख्स ने फायरिंग की है

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि आदमी ने खुलेआम हथियार लेकर आया, लेकिन सैकड़ों की संख्या में आर्म्ड पुलिस मौजूद थी लेकिन इस शख्स को गोली चलाने से रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया.

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