संघर्ष से माइंस में रोजगार देने की माँग हुई पूरी

महामाया माइंस के लाल पानी से प्रभावित किसान व जन मुक्ति मोर्चा ने गणतंत्र दिवस पर काला झंडा फहराने की दी थी चेतावनी

दल्लीराजहरा (छत्तीसगढ़)। महामाया माइंस के लाल पानी प्रभावितो को माइंस में रोजगार देने की माँग को लेकर 8 जनवरी से जारी अनशन के 17 वे दिन 24 जनवरी को माँग पुर्ण हुआ। 20 किसानो को तत्काल व बाकी 22 किसानो को जून 2020 तक स्थाई प्रवृत्ति का रोजगार देने का लिखित समझौता हुआ। एडीएम अनिल वाजपेयी, एएसपी पोर्ते साहब बालोद, सीजीएम माइंस तपन सुत्रधार व ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षा श्रीमती संगीता शिबु नायर द्वारा अनशनरत साथी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में महामाया माइंस के लाल पानी से प्रभावित कुमुडकट्टा, कोटागांव के 42 आदिवासी-वनवासी किसानो द्वारा माइंस में रोजगार देने की संवैधानिक अधिकार की माँग को लेकर शांतिपूर्ण-लोकतांत्रिक आंदोलन चला। इस आन्दोलन को पूरी संवेदनशीलता के साथ क्षेत्र के मजदूरो, किसानो, छात्र, बेरोजगार नवजवानों, महिलाओं, बुद्धिजीवियों, कलाकारो व व्यापारी बंधुओ ने समर्थन दिया।

ज्ञात हो कि कलेक्टर द्वारा 8 अगस्त, 2019 को जारी आदेश में 10 किसानों को तत्काल कार्य पर रखे जाने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बाद शेष 32 प्रभावित किसानों को दिसंबर के अंत कर रखा जाना था, किन्तु बीएसपी प्रबंधन की हठधर्मिता से एक भी प्रभावित किसानों को नौकरी नहीं दी गई। इस कारण किसानों ने जन मुक्ति मोर्चा के साथ दल्लीराजहरा के एसडीएम कार्यालय के सामने 8 जनवरी को अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू किया।

इस बीच प्रभावित किसान व जन मुक्ति मोर्चा ने गणतंत्र दिवस पर काला झंडा फहराने की चेतावनी दी थी। इससे प्रशासन सक्रिय हुआ और समझौत संपन्न हुआ।

इस आन्दोलन में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा उपाध्यक्ष कामरेड भीमराव बांगड़े, डॉक्टर शैबाल जाना, कामरेड जयप्रकाश नायर, सफाई कामगार यूनियन भिलाई, कामरेड कलादास डहरिया छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (कार्यकर्ता कमेटी व रेला भिलाई), ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीमती संगीता शिबु नायर, नगर पालिका परिषद् के पूर्व उपाध्यक्ष भाई रवि जायसवाल, विक्र ध्रुव, कृष्णा सिंग, रमन्ना राव, पार्षद नोईमुद्दीन खान राजा जी आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सबके समवेत प्रयास से बने दबाव से प्रशासन व बीएसपी मैंनेजमेंट को ग्रामीणों की संवैधानिक माँगों को पूरा करने के लिए बाध्य होना पड़ा।

जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ आन्दोलन के सभी सहयोगियों और समर्थकों को धन्यवाद देते हुए लाल जोहार व शहीदो को लाल सलाम बोला।

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