नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विचार गोष्ठी

आजादी आंदोलन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सोच और आज के हालातपर हुई चर्चा

कुरुक्षेत्र, 23 जनवरी|  नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 123 वीं जयंती पर स्थानीय कश्यप राजपूत धर्मशाला में जन संघर्ष मंच हरियाणा द्वारा ‘आजादी आंदोलन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सोच और आज के हालात’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ| वक्ताओं ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रौशनी में आज के दौर में साम्प्रदायिक विद्वेष से लड़ने का आह्वान किया|

विचार गोष्ठी के मुख्य वक्ता कामरेड श्याम सुंदर ने कहा कि नेताजी की गैर समझौतावादी धारा गांधीजी की धारा से अलग मजदूरों किसानों के संश्रय के आधार पर सशस्त्र क्रांति की धारा थी| नेता जी द्वारा आजाद हिंद फौज का गठन धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और सांप्रदायिक सौहार्द के आधार पर किया गया था| उनकी फौज के आला अफसरों में हिंदू और मुसलमान दोनों थे। आज देश की मौजूदा भाजपा सरकार ने सेना और पुलिस तक का सांप्रदायिकीकरण कर दिया है और भाजपा सारे देश को हिंदू और मुसलमान के नाम पर ध्रुवीकरण करने की साजिश कर रही है| असल में भाजपा अपने आदर्श वी डी सावरकर के हिंदुत्ववादी एजेंडे को लागू करने पर तुली है|

उन्होंने कहा कि एक तरफ तो भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का ढोंग रचती है, दूसरी तरफ वह सीएए, एनआरसी, एनपीआर आदि काले कानूनों के जरिए देश के मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाना चाहती है| उन्होंने कहा कि सीएए असल में तमाम गरीबों , दलितों,  आदिवासियों के खिलाफ है| भाजपा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के कानून ला रही है जिससे पूरे देश को दंगों की आग में झोंक दिया जाए| देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जनता को बेवकूफ बनाने के लिए तरह-तरह के झूठ बोल रहे हैं| आज भाजपा के फासीवादी हिंदुत्ववादी एजेंडे के खिलाफ देश का दलित, गरीब और नौजवान तबका व महिलाएं डटकर खड़े है और वह भाजपा व आरएसएस के बहकावे में नहीं आ रहे है|

का• श्यामसुन्दर ने नेताजी की क्रांतिकारी सोच पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आज देश के शोषित-पीड़ित वर्ग को एकजुट हो कर फासीवाद के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा|

एसओएसडी की संयोजिका कविता विद्रोही ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि आज देश के छात्रों नौजवानों को नेताजी से प्रेरणा लेते हुए देश की राजनीति में सक्रिय भाग लेना होगा और जनवादी अधिकारों व धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर चल रहे हमले के खिलाफ डटकर एकजुट होकर संघर्ष करना होगा|

विचार गोष्ठी को जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी, मंच सचिव सोमनाथ, सी.पी.एम. के जिला सचिव भीम सिंह सैनी, दलसिंह पाई आदि ने भी संबोधित किया| विचार गोष्ठी की अध्यक्षता मंच के नेता डॉक्टर लहना सिंह ने की|

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