नाइजरः संशोधित न्यूनतम वेतन लागू न करने पर श्रमिकों ने दी हड़ताल की चेतावनी

नाइजीरियाई संघीय सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाया लेकिन राज्य सरकारों ने नहीं दिया

अफ़्रीकी देश नाइजीरिया के नाइजर की राज्य सरकार को ट्रेड यूनियनों ने न्यूनतम वेतन के मुद्दे पर 4 फ़रवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। इन यूनियनों ने कहा है कि अगर सरकार पिछले आठ महीनों से अपने कर्मचारियों को बकाए के साथ-साथ संशोधित न्यूनतम वेतन देने में विफल रहती है तो वे इस पर सख़्त क़दम उठाएंगे। नए न्यूनतम वेतन को 18 अप्रैल 2019 को नाइजीरिया की संघीय सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था।

पिछले सप्ताह नाइजर की राजधानी मिन्ना में यूनियनों के राज्य कार्यकारी परिषद (एसईसी) की एक आपात बैठक के बाद राज्य के राज्यपाल को “अनिश्चित हड़ताल की कार्रवाई के 21 दिनों के अल्टीमेटम की नोटिस” नाम का एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र पर नाइजीरियाई लेबर कांग्रेस (एनएलसी) और ट्रेड यूनियन कांग्रेस (टीयूसी) के नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे।

सरकार को पहले भेजे गए पत्र में उठाए गए मुद्दे पर पर्याप्त रुप से जवाब देने को लेकर नाइजर राज्य की सरकार की “अक्षमता” के बारे में शिकायत करते हुए शुक्रवार को लिखे गए पत्र में कहा गया कि “राज्य के संगठित श्रमिकों ने 4 फ़रवरी 2020 यानी सोमवार से पहले बकाया राशि के भुगतान, संगत समायोजन और नए न्यूनतम वेतन एन 30,000 (यूएसडी 82.27) को लागू करने के लिए सरकार से समाधान कर लिया है।” यदि सरकार इन मांगों को पूरा करने में विफल रहती है तो यूनियनें हड़ताल शुरू करेंगी।

वर्ष 2018 से लेबर यूनियनों के दबाव का सामना करने के बाद ऑल प्रोग्रेसिव्स कांग्रेस (एपीसी) के अध्यक्ष मुहम्मदु बुहारी ने 18 अप्रैल 2019 को अंततः विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिया जिसमें नाइजीरियाई करेंसी (एन) 18,000 (यूएसडी 49.36) से एन 30 000 [यूएसडी 82.27] तक न्यूनतम वेतन में वृद्धि को लेकर तत्काल प्रभाव से लागू करने का प्रावधान था।

हालांकि, यूनियनों और सरकार के बीच असहमति इस बात पर बनी रही कि न्यूनतम वेतन से ऊपर कमाने वालों के वेतन में क्या संगत वृद्धि होनी चाहिए। इन विवादों को आंशिक रूप से अक्टूबर में हल किया गया था क्योंकि यूनियनों ने एक बड़ा हड़ताल करने की धमकी दी थी जो नाइजीरिया को पंगु बना सकती थी।

हालांकि अक्टूबर समझौते ने संघीय सरकार द्वारा नियोजित लोगों के वेतन को लेकर मुद्दों को हल कर लिया लेकिन राज्य सरकारों के लिए काम करने वाले लोक सेवकों को अपनी बढ़ी वेतन को प्राप्त करना बाकी है। द नेशनल ने रिपोर्ट किया कि नाइजर सहित 15 राज्य “नए न्यूनतम वेतन के परिणामस्वरूप वेतन के वृद्धि पर अभी तक सहमत नहीं हैं।”

केवल कुछ राज्य जिनमें लागोस, कडुना, बाउची, कस्तिना और बोर्नो शामिल हैं उन्होंने ट्रेड यूनियनों के साथ समझौते किए हैं और कुछ राज्यों ने इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। पिछले महीने, 2020 के बजट का विश्लेषण पेश करते हुए नाइजर राज्य के वित्त आयुक्त अल्हाजी ज़कारी अबुबकर ने कहा कि ये राज्य सरकार संघ द्वारा अनुमोदित एन 30,000 का वेतन भुगतान करने में सक्षम होगी। उन्होंने बताया, “हम पहले से ही एन22,500 [यूएसडी 61.90] का भुगतान कर रहे हैं, अब हमें एन7,500 [यूएसडी 20.57] की आवश्यकता है, हमने बजट में इसका ध्यान रखा है। संसाधन निवेश से न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ेंगे।”

हालांकि, अबुबकर ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि राज्य के श्रमिकों के लिए संशोधित न्यूनतम वेतन का भुगतान कब से शुरू होगा, केवल उन्होंने कहा कि, “यह 2020 का बजट है। बजट में सब कुछ 2020 में लागू किया जाएगा।“ उन्होंने कहा कि ये सब विधानसभा के सदन द्वारा राजकोषीय अनुमानों की मंजूरी के बाद और राज्यपाल की सहमति प्राप्त करने के बाद लागू किया जाएगा।हालांकि इस बीच श्रमिक अपना धैर्य खो रहे हैं क्योंकि 11% की मुद्रास्फीति दर उनके वास्तविक आय को डकार रही है। 23% की चिंताजनक बेरोज़गारी की दर एक ऐसे देश में मज़दूरी दरों में गिरावट का दबाव बढ़ा रही है जहां 86.9 मिलियन लोग अत्यधिक ग़रीबी में जी रहे हैं जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है।

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