शिरडी में गैरकानूनी गेटबंदी के खिलाफ श्रम भवन पर धरना शुरू

यूनियन का आरोप, शिरडी कंपनी द्वारा राज्य से पलायन की तैयारी, संघर्ष होगा तेज

पंतनगर (उत्तराखंड) 31 दिसंबर। साल का अंत होते-होते शिरडी इंडस्ट्रीज कंपनी ने मज़दूरों की गैरकानूनी गेट बंदी कर दी। जिससे नाराज मज़दूरों ने शिरडी श्रमिक संगठन के बैनर तले श्रम भवन रुद्रपुर में अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी है।

शिरडी श्रमिक संगठन के अध्यक्ष मनोज कुमार जोशी ने बताया कि शिरडी प्रबंधन उत्तराखंड सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी और टैक्स में छूटों, सस्ती बिजली आदि का दोहनकर व लाभ उठाकर सैकड़ों मज़दूरों की छँटनी पर आतुर है और हजारों लोगों का भविष्य बर्बाद कर उत्तराखंड प्लांट को बंद कर राज्य से पलायन करना चाहता है। अपनी इसी गलत मंशा को पूरा करने के लिए प्रबंधन गैर कानूनी हथकंडे अपनाकर मज़दूरों का मानसिक उत्पीड़न कर रहा है।

यूनियन महामंत्री आनंद सिंह नेगी ने बताया कि कि आज 31 दिसंबर को कंपनी ने 29 स्थाई मज़दूरों सहित लगभग 90 से अधिक मज़दूरों को अवैधानिक रूप से कंपनी से निकाल दिया है, जिनमें दान सिंह मेहता, मनमोहन भंडारी, धर्मेंद्र जौहरी, मनीष, दिनेश, दान सिंह, त्रिलोचन देवतल्य, श्याम पाल, विपिन त्रिपाठी, मनोज बनकोटी, रामबाबू, मदन मोहन कांडपाल सहित दर्जनों श्रमिकों की गैरकानूनी छँटनी कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है। उसने 10 जनवरी 2014 को उत्तराखंड शासन से श्रमिकों की छँटनी एवं प्लांट बंद करने की अनुमति मांगी थी, जिसे 22 मार्च 2014 को प्रमुख सचिव श्रम एवं संयोजन द्वारा खारिज कर दिया गया था और उसमें प्रबंधन का काफी फर्जीवाड़ा पाया गया था।

मज़दूर नेताओं का कहना है कि मज़दूरों की अवैधानिक गेट बंदी के खिलाफ हजारों कामगार एवं उनके परिजन सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि आज कंपनियों का यह धंधा बन गया है कि एक राज्य से सब्सिडी और तमाम रियायतों के साथ फ़ैक्ट्री लगाओ और सारे लाभों का लाभ उठाकर मज़दूरों के पेट पर लात मारकर पलायन कर जाओ। मोदी सरकार ने मालिकों के इस धंधे को और बढ़ावा दिया है। साथ ही पूँजीपतियो की लाडली भाजपा सरकार मज़दूरों की ताक़त कमजोर करने के लिए उनको झूठे व कथित राष्ट्रवाद के मुद्दों पर बाँट कर मुनाफाखोरों को लाभ पहुँचा रही है। मज़दूरों को इस साजिश को समझना पड़ेगा।

ज्ञात हो कि पिछले साल वर्ष का अंत होते-होते भगवती प्रोडक्ट (माइक्रोमैक्स) के मज़दूरों की भी गैरकानूनी छँटनी और बंदी कर दी गई थी, जिसके खिलाफ मज़दूरों का संघर्ष अभी भी जारी है। अब इस वर्ष के समाप्त होते-होते शिरडी इंडस्ट्रीज के मज़दूरों के साथ भी ऐसा ही शातिराना खेल खेला गया है।

आज श्रम भवन पर धरने पर यूनियन अध्यक्ष मनोज कुमार जोशी, नवीनचंद्र कापड़ी, कुंदन सिंह नयाल, आनंद सिंह, के सी भट्ट, कृष्ण चंद पांडे, रामकुमार यादव, दान सिंह, मनीष, दिनेश जोशी, सुशील कुमार, भीम सिंह, पूरन सिंह, अरुण कुमार यादव, त्रिलोचन देवतल्य, सुनील कुमार, मनमोहन भंडारी, अजय पाठक, विनीत दुमका, पंकज कोरंगा, पुष्कर सिंह कोरंगा, लक्ष्मण सिंह नेगी, कपिल सिंह, गोधन सिंह, सोहन सिंह, गिरीश जोशी, धर्मेंद्र जौहरी, विपिन त्रिपाठी, कमलेश, मदनमोहन कांडपाल सहित सैकड़ों मज़दूर उपस्थित रहे।

%d bloggers like this: