एलजीबी यूनियन ने दिया आन्दोलन का नोटिस

एलजीबी प्रबन्धन द्वारा मज़दूरों के दमन के खिलाफ मज़दूर आक्रोशित, झालना (महाराष्ट्र) प्लाण्ट के मज़दूर भी संघर्षरत

पन्तनगर (उत्तराखण्ड)। एलजीबी वर्कर्स यूनियन ने प्रबन्धन को नोटिस देकर कहा है कि यूनियन नेताओं की सवेतन कार्यबहाली, उत्पीड़न रोकने, नियुक्त पत्र देने, आदि के साथ गैर कानूनी गतिविधियों तथा अनुचित श्रम व्यवहार पर प्रबंधन विराम नहीं लगाता है तो कम्पनी के समस्त श्रमिक 3 जनवरी .2020 से दो घंटे का वैधानिक टूल डाउन आन्दोलन और 7 जनवरी से वैधानिक हड़ताल शुरू करने के लिये मजबूर होगे।

दूसरी ओर यूनियन बनाने के बाद से ही एलजीबी के झालाना (महाराष्ट्र) के मज़दूर भी लगातार संघर्षरत हैं। मज़दूरों को तरह-तरह से दबाने-तोड़ने, माँगपत्र पर वार्ता ना करने, गैरकानूनी गेटबन्दी, गैरकानूनी बांड भरवाने आदि के खिलाफ मज़दूर आन्दोलन को बाध्य हुए।

एलजीबी वर्कर्स यूनियन, ऊधम सिंह नगर ने प्रबन्धन को दिये गये पत्र में लिखा है कि यूनियन द्वारा दिनांक 30.01.17 को दिये गये माँग पत्र के बाद से पिछले करीब 3 साल से एलजीबी प्रबधन द्वारा श्रमिकों का शोषण उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। प्रबंधन ने बगैर किसी सूचना के गैर कानूनी रूप से दिनांक 12.11.19 को यूनियन के कोषाध्यक्ष श्री ललित सिंह बोरा तथा संगठन मंत्री श्री गोविन्द सिंह की गैर कानूनी गेट बंदी कर दी। यह उ.प्र. औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 6-ई का खुला उल्लंघन भी है और संराधन अधिकारी उपश्रमायुक्त द्वारा कार्यबहाली के लिए दिये गये निर्देश का भी उल्लंघन है।

अपने पत्र में यूनियन ने लिख है कि यूनियन अध्यक्ष श्री विरेन्द्र सिंह के प्रकरण में श्रम न्यायालय काशीपुर, उच्च न्यायालय नैनीताल, उच्चतम न्यायालय दिल्ली पुनः उच्च न्यायालय नैनीताल से प्रबंधन की याचिकायें खारिज होने तथा उपश्रमायुक्त द्वारा नियुक्ति पत्र देने और अन्य श्रमिकों के समान सुविधायें देने आदि का प्रबंधन द्वारा लगातार उल्लघन किया जा रहा है।

यूनियन का कहना है कि कम्पनी के रुद्रपुर के प्लांट के श्रमिकों का तरह-तरह से उत्पीड़न जैसे अवकाश न देना, गेट पास न देना, बार-बार शिफ्ट बदलना, आर्थिक क्षति पहुँचना लगातार जारी है। पंतनगर प्लांट में तमाम श्रमिकां को कथित नोटिसों तथा कथित घरेलू जाँच के बहाने मानसिक उत्पीड़न की प्रक्रिया लगातार जारी है। प्रबंधन यूनियन को तोड़ने के लिये लगातार तरह-तरह के तिगड़म रच रहा है।

नोटिस में लिखा है कि चूंकि उपरोक्त समस्त गतिविधियों गैर कानूनी होने के साथ ही साथ अनुचित श्रम व्यवहार है जोकि सन 2012 में यूनियन के गठन से ही जारी है। इसलिये यूनियन और कम्पनी के दोनों प्लांट के समस्त श्रमिक/यूनियन सदस्य वैधानिक शांतिपूर्ण आन्दोलन करने के लिये बाध्य हो रहे है।

दिये गये पत्र के माध्यम से यूनियन ने कहा है कि यदि उपश्रमायुक्त की मध्यस्ता में होने वाली वार्ता तक उपरोक्त दोनों श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली, उत्पीड़न रोकने, नियुक्त पत्र देने, आदि के साथ गैर कानूनी गतिविधियों तथा अनुचित श्रम व्यवहार पर प्रबंधन विराम नहीं लगाता है तो कम्पनी के समस्त श्रमिक 3 जनवरी .2020 से प्रत्येक पाली में दो घंटे का वैधानिक टूल डाउन आन्दोलन शुरू करने के लिये बाध्य होगे। यदि फिर भी प्रबंधन की हठधर्मिता बनी रही तो समस्त श्रमिक 7 जनवरी से शांतिपूर्ण वैधानिक हड़ताल शुरू करने के लिये मजबूर होगे। इस सबसे पैदा होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी कम्पनी प्रबंधन की होगी।

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