मज़दूर जामिया के समर्थन में, CAA और NRC के विरोध में

मानेसर से लेकर नीमराना तक के कई मजदूरों और मज़दूर संगठनों ने नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी का विरोध किया है। मजदूरों ने जामिया के छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज का भी विरोध किया है।

बेलसोनिका यूनियन का बयान

मजदूरों का यह कहना है कि ये बिल आम जनता के धर्म के नाम पर विभाजित करता है और मजदूर और मेहनतकश आवाम को असल मुद्दे से भटकाने का काम करेगा। मजदूर अपनी रोजी रोटी के सवाल को लेकर परेशान हैं और सरकार नागरिकता साबित करने के लिए उसे एक बार फिर से लाइन में लगाना चाहती है। नोटबंदी की वजह से कई मजदूरों की नौकरीयां गई अभी तक उसका जवाब मोदी सरकार ने दिया है।

इस विभाजनकारी कानून के खिलाफ आज जब देशभर के छात्र सड़क पर उतर रहे हैं तो सरकार पुलिस के ज़रिए उनको लाठियों से पिटवा रही है। जामिया और एएमयू के छात्रों पर जिस तरीके से लाठीचार्ज किया गया उनको हॉस्टल और लाइब्रेरी में घुसकर मारा गया यह दिखाता है कि यह सरकार अपने छात्रों के दुश्मन है।

हौंडा, बेलसोनिका, डाइकिन, ट्योडा गोसाईं के के मजदूरों ने जामिया के छात्रों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है और छात्र मजदूर एकता के साथ संघर्ष में साथ आने का आह्वान किया है ।

%d bloggers like this: