होंडा मज़दूरों के समर्थन में यूनियनों का लंच बहिष्कार

होंडा मानेसर के ठेका मज़दूरों के समर्थन में गुड़गांव से बावल तक की विभिन्न यूनियनों ने मंगलवार को लंच बहिष्कार किया।

एक महीने से ज्यादा समय से अवैध छँटनीके ख़िलाफ़ लड़ रहे होंडा के मज़दूरों के समर्थन में कल मारुति सुज़ुकी के गुड़गांव और मानेसर स्थित तीनों प्लांटों, मानेसर स्थित होंडा, बेलसोनिका ऑटो कंपोनेंट, सत्यम ऑटो, नप्पिनो ऑटो, मुंजाल शॉवा, हाईलेक्स इंडस्ट्रीज, रीको धारूहेड़ा ने लंच बायकॉट किया और प्रदर्शन किया।

ट्रेड यूनियन काउंसिल गुड़गांव और रेवाड़ी के आहृवान पर भारी संख्या में मज़दूरों ने प्रदर्शन में भाग लिया। होंडा के 2000 ठेका मज़दूर 43 दिनों से अवैध छँटनी के ख़िलाफ़ धरने पर बैठें हैं।

होंडा मानेसर प्रबंधन आर्थिक मंदी और बाज़ार में मांग ना होने के बहाने 10-12 साल से कार्यरत अपने 500 ठेका मज़दूरों को पिछले महीने निकाल दिया था। जिसके विरोध में प्लांट में 2 सप्ताह से अधिक समय तक हड़ताल रही।

मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर दो बार मानेसर से लेकर गुड़गांव तक रैली निकली, 12 km लंबी मानव श्रृंखला बनाई, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिले लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। होंडा मानेसर प्रबंधन किसी प्रकार का समझौता करने को तैयार नहीं है।

होंडा के मज़दूरों ने जामिया के छात्रों का किया समर्थन

होंडा के संघर्षरत मज़दूरों ने नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी का विरोध कर रहे जामिया और दूसरे विश्वविद्यालय के छात्रों का समर्थन किया है छात्रों पर दिल्ली पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज का विरोध किया है। मज़दूरों का कहना है कि ये कानून जनता को बांटने वाला है और जन विरोधी है। सरकार महंगाई, बेरोजगारी से ध्यान हटाने और मजदूरों के आंदोलनों को दबाने के लिए इस तरह से साम्प्रदायिक मुद्दे उछाल कर देश में तनाव पैदा कर रही है।

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