खाद्य महंगाई दर छह साल में पहली दर दो अंकों में

औद्योगिक उत्पादन दर घटकर 3.8 फ़ीसदी पर

एक तरफ महंगाई दर बढ़ती जा रही है तो वहीं दूसरी ओर औद्योगिक उत्पादन दर घटता जा रहा है। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी की सरकार लोगों को नागरिकता संसोधन बिल में उलझाए है। लोगों को हिंदू मुस्लिम के झगड़े से निकलने का मौका ही नहीं दे रही है। एक के बाद एक ऐसे बिल पेश कर रही है, जिससे लोगों का ध्यान बुनियादी जरूरतों से हट जाए।

पिछले छह वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब नवंबर महीने में खाने-पीने की चीज़ों में महंगाई दर दो अंकों में पहुंच गई है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसो) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2013 के बाद से पहली बार पिछले महीने नवंबर में खाद्य महंगाई दर 10.1 फ़ीसदी हो गया.

इसके अलावा नवंबर महीने में खुदरा महंगाई दर 5.54 फ़ीसदी पर पहुंच गई और औद्योगिक उत्पादन दर घटकर 3.8 फ़ीसदी पर आ गया. खाद्य मंहगाई दर पर नज़र डालें तो अगस्त के बाद से इसमें तेज़ी से बढ़त देखी गई है. अगस्त महीने में यह 2.99 फ़ीसदी था जो सितंबर में बढ़कर 5.11 फ़ीसदी, अक्टूबर में 7.89 फ़ीसदी और नवंबर 10.1 फ़ीसदी तक पहुंच गया.

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