फ्रांस में सरकारी नीतियों के खिलाफ आम हड़ताल

फ्रांस में राष्ट्रपति द्वारा पेंशन सुविधा में जनविरोधी बदलाव करने के विरोध में फ्रांस की जनता 6 दिसंबर से सड़कों पर है।

फ्रांस में पेंशन नियमों में बदलाव को लेकर रेलवे, मेट्रो, चिकित्सा, वकालत और एयरलाइन कर्मचारी तथा विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। आम जनता पूरी तरीके से हड़ताल के समर्थन में है।

फ्रांस की सरकार ने अलग-अलग सेवाओं की करीब 42 पेंशन योजनाओं को खत्म करते हुए एक पॉइंट बेस्ड सिंगल पेंशन स्कीम की घोषणा की है। इसके मुताबिक ज्यादा उम्र तक काम करने पर ही पूरी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। कम उम्र में रिटायर होने पर कम पेंशन मिलेगी। सरकार ने रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 62 साल कर दी है

इस नई पेंशन योजना से सबसे ज्यादा नुकसान मेट्रो कर्मचारियों को होगा, इसलिए सबसे ज्यादा विरोध मेट्रो कर्मचारी ही कर रहे हैं। मेट्रो कर्मचारियों को पेंशन सेवा का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए 53 साल तक और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों को 63 साल तक काम करना होता है।

40 शहरों में करीब साढ़े चार लाख लोग पहले दिन हड़ताल के विरोध में सड़कों पर उतरे। सिर्फ पेरिस में ढाई लाख लोग हड़ताल में शामिल हुए हड़ताल में शामिल लोगों की औसत उम्र 18 से 35 वर्ष है तथा इस हड़ताल को देश की 70% जनता समर्थन कर रही है। पहले दिन 80 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

फिर इस हड़ताल से यातायात सेवा सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। 16 में से सिर्फ पांच मेट्रो लाइन में चल रही है तथा 8 में से 7 रिफाइनरी में उत्पादन बंद है। फ्रांस में मेक्रों की सरकार ने सत्ता में आते ही श्रम सुधार किए थे।

इससे पहले सितंबर 2019 में भी मेट्रो तथा रेल कर्मचारियों सहित पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों की व्यापक हड़ताल हुई थी और नवंबर 2018 में इंधन पर टैक्स वृद्धि के खिलाफ येलो वेस्ट आंदोलन काफी चर्चा में रहा था।

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