उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप पीड़िता को ज़िंदा जलाने की कोशिश

गंभीर हालत में दिल्ली लाया गया, चार गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप पीड़ित एक लड़की को अभियुक्तों ने ज़िंदा जलाने की कोशिश की है. लड़की को लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लखनऊ से दिल्ली लाया गया है.

लखनऊ से एयर एम्बुलेंस से दिल्ली पहुँचीं पीड़िता को सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उधर लखनऊ सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने मीडिया को बताया कि पीड़ित लड़की का शरीर आग में 90 फ़ीसदी तक झुलस चुका है और उसकी हालत बेहद नाजुक है.

पुलिस ने इस मामले में नामज़द चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है जबकि एक अन्य अभी भी फ़रार बताए जा रहे हैं. उन्नाव के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने मीडिया को बताया कि लड़की ने इसी साल मार्च में दो लोगों के ख़िलाफ़ रेप का मामला दर्ज कराया था.

उन्होंने कहा, “हमें सुबह सूचना मिली थी की बिहार थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है. पीड़ित लड़की ने अस्पताल में अभियुक्तों के नाम बताए.” हालांकि कुछ देर बाद पुलिस महानिरीक्षक एसके भगत ने मीडिया को बताया कि सभी से गहन पूछताछ की जा रही है.

आईजी एसके भगत का कहना था, “पीड़ित लड़की ने जिन लोगों को अभियुक्त बनाया है उनमें वह लड़का भी शामिल है जिसके ख़िलाफ़ पीड़ित लड़की ने बलात्कार का मुक़दमा दर्ज कराया था.”  “यह लड़का जेल भी गया था और अभी कुछ दिन पहले ही ज़मानत पर छूट कर वापस आया है. पीड़ित के परिवार ने किसी तरह की धमकी की सूचना नहीं दी थी. बाक़ी चीज़ों की जांच की जा रही है.”

स्थानीय पत्रकार विशाल सिंह ने बीबीसी को बताया कि पीड़ित लड़की के साथ मार्च महीने में गैंगरेप की घटना हुई थी और उसी मामले में मुक़दमे के सिलसिले में वह रायबरेली जा रही थी. स्टेशन जाते समय पांच लोगों ने रास्ते में उसे पकड़ लिया और पेट्रोल डालकर ज़िंदा जलाने की कोशिश की.

लखनऊ में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक़ “लड़की नब्बे फ़ीसदी से ज़्यादा जल चुकी है और उसकी हालत काफ़ी गंभीर है.” वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीड़ित लड़की का हरसंभव इलाज कराया जाए और उसका सारा ख़र्च सरकार वहन करेगी.

मुख्यमंत्री ने ज़िले के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियुक्तों को अदालत में सख़्त सज़ा दिलाने के लिए हरसंभव कार्रवाई करें. मुख्यमंत्री ने लखनऊ के मंडलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को तत्काल घटना स्थल पर जाकर जांच करने और आज शाम तक रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है.

इस बीच, पीड़ित परिवार का कहना है कि अभियुक्त जेल से छूट कर आने के बाद उन्हें लगातार धमकी दे रहे थे और इससे पहले भी कई बार हमले की कोशिश की थी. लड़की के पिता ने मीडिया को बताया कि कम से एक दर्जन बार उन लोगों ने केस वापस लेने की धमकी दी थी और घर पर हमले की भी कोशिश की थी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, आग लगाए जाने के बाद लड़की की चीखें सुनकर वहां कई लोग इकट्ठा हो गए. बताया जा रहा है कि घटना सुबह पांच बजे की है इसलिए अँधेरे का फ़ायदा उठाते हुए अभियुक्त वहां से फ़रार हो गए लेकिन बाद में जब पुलिस के सामने लड़की ने अभियुक्तों का नाम बताया तो उनकी तलाश में पुलिस टीमें लग गईं.

घटना स्थल पर इकट्ठा हुए राहगीरों ने ही इसकी सूचना पुलिस को दी थी. मौक़े पर पहुंची पुलिस लड़की को लेकर सबसे पहले सुमेरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची लेकिन गंभीर हालत की वजह से पहले उसे उन्नाव के ज़िला अस्पताल भेजा गया लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने लखनऊ के लिए रेफ़र कर दिया.

वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार के ऊपर एक बार फिर हमला बोला है. प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है, “कल देश के गृह मंत्री (अमित शाह) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने साफ़-साफ़ झूठ बोला कि यूपी की क़ानून व्यवस्था अच्छी हो चुकी है. यहां हर रोज़ ऐसी घटनाओं को देखकर मन में रोष होता है. बीजेपी नेताओं को अब फ़र्ज़ी प्रचार से बाहर निकलना चाहिए.”

उन्नाव में इससे पहले भी रेप पीड़ित एक लड़की को कथित तौर पर ट्रक से कुचलकर मारने की कोशिश हो चुकी है. इस मामले में स्थानीय विधायक कुलदीप सेंगर समेत कुछ अन्य लोग जेल में बंद हैं. पीड़ित लड़की महीनों अस्पताल में भर्ती रहने के बाद अभी कुछ दिन पहले ही घर वापस आई है.

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