नीमराना औद्योगिक क्षेत्र: मजदूरों की एक और जीत !

निसिन ब्रेक इंडिया कंपनी में यूनियन पंजीकृत हुई।

राजस्थान, नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जापानी जोन की मजदूरों की एक और जीत हुई है। जापानी जोन स्थित कम्पनी निसिन ब्रेक इंडिया के मज़दूर अपनी यूनियन बनाने में सफल हुए हैं।

निसिन ब्रेक इंडिया मुख्य रूप से हौंडा की वेंडर कंपनी है और होंडा के लिए डिस्क ब्रेक और क्लच बनाती है।

मजदूरों ने 2 अक्टूबर 2018 को यूनियन पंजीकरण के लिए ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार जयपुर के पास आवेदन किया था और 1 साल से अधिक समय के बाद 26 नवंबर 2019 को यूनियन का पंजीकरण हासिल हुआ।

इस बीच निसिन ब्रेक प्रबंधन ने मजदूरों को तोड़ने के बहुत प्रयास किए । प्लांट के अंदर वर्कस कमेटी बनाई गई, मजदूरों को ऊपर दबाव डाला गया कि वह अपना नाम वापस ले ले। इसके अलावा 8 जनवरी के बाद जब डाइकिन के मजदूरों का आंदोलन चल रहा था उस वक्त निस्सिन ब्रेक प्रबंधन ने यूनियन की प्रक्रिया धीमी करने के लिए मार्च 2018 में प्लांट में अच्छा वेतन समझौता किया था ताकि मजदूर शांत हो जाए।

राजस्थान में नीमराना औद्योगिक क्षेत्र स्थित जापानी जोन में यह मजदूरों की दूसरी यूनियन है। इससे पहले डाइकिन एयरकंडीशनिंग नीमराणा के मजदूरों ने यूनियन बनाई थी। टोयोडा गोसाई के मजदूरों ने यूनियन बनाने का प्रयास किया था जो अब भी जारी है।

यूनियन बनाने से नाराज निस्सिन ब्रेक प्रबंधन ने यूनियन पंजीकरण प्रक्रिया पर स्टे लेने की कोशिश की जिसमें वह अभी तक नाकाम रही है। मगर यूनियन प्रतिनिधियों के ऊपर दमन बढ़ाते हुए करीब यूनियन के पदाधिकारी सहित 15 श्रमिकों का बेंगलुरु और गुजरात स्थित वेयरहाउस में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके अलावा करीब 20 ट्रेनी श्रमिकों का गेट बंद कर दिया गया है। निस्सिन ब्रेक में 200 स्थाई कर्मचारी, 100 ट्रेनी और 500 ठेका मजदूर काम करते हैं।
अधिकारों की लड़ाई बताती है कि संघर्ष, संगठन और एकता के बल पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। डर कर रहने से कुछ हासिल नहीं होगा जो हासिल होगा लड़ने से हासिल होगा।

निसिन के साथियों को बधाई।

लड़ेंगे जीतेंगे।

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