यूपी में होमगार्ड वेतन घोटाला की फ़ाइलें आग के हवाले

वह रे योगी का रामराज्य, सुबूत मिटाने के लिए जला दीं फाइलें !

लखनऊ। बिजली विभाग के कर्मचारियों की भविष्य निधि में हुआ घोटाले व यूपी सिडको के कर्मचारियों के पीएफ में से 5.5 करोड़ रुपये के घोटालों के साथ अब उत्तर प्रदेश के योगी सरकार के राम राज्य में होमगार्ड के वेतन घोटाले की जांच पूरी होने से पहले ही रेकॉर्ड जला दिए गए। बड़े ही खूबसूरती से अपराधियो ने रेकॉर्ड रूम के गेट का ताला तोड़ा, जिस बॉक्स में मस्टररोल रखे गए थे उसका ताला तोड़कर उसे खोला, 2 अन्य अलमारियों का ताला तोड़कर भी मस्टररोल निकाले और उसी बक्से में डालकर पूरे बक्से को आग के हवाले कर दिया!

गौतमबुद्धनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ऑफिस में होमगार्ड के वेतन घोटाले की जांच पूरी होने से पहले ही सोमवार रात रेकॉर्ड जला दिए गए। ऑफिस का ताला तोड़कर मस्टररोल (अटेंडेंस रजिस्टर) को एक बक्से में डालकर आग लगाई गई। बक्से में 2014 से अब तक के मस्टररोल रखे गए थे। इस मामले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लेते हुए एक फरेंसिक टीम को तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही सीएम ने होमगार्ड विभाग के महानिदेशक से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले में डीजी होमगार्ड्स जीएम मीना ने मामले की प्राथमिक जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। फिलहाल असिस्टेंट कमांडेंट और 2 होमगार्डों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि जले हुए दस्तावेजों की जांच गुजरात की फरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) करेगी। सिंह ने बताया कि सीएम के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। पुलिस और फरेंसिक टीम ने जले दस्तावेजों को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है।

इस तरह रेकॉर्ड को किया आग के हवाले

एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने पहले रेकॉर्ड रूम के गेट का ताला तोड़ा। इसके बाद जिस बॉक्स में मस्टररोल रखे गए थे उसका ताला तोड़कर उसे खोला। 2 अन्य अलमारियों का ताला तोड़कर भी मस्टररोल निकाले गए और उसी बक्से में डाल दिया। इसके बाद पूरे बक्से को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने बचे दस्तावेज को कब्जे में लिया

एसएसपी के मुताबिक, दोनों अलमारियों से कुछ बचे हुए मस्टररोल को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। एक होमगार्ड ड्यूटी के समय एक कमरे में था। उसके गेट को बाहर से लॉक किया गया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए उस होमगार्ड को भी हिरासत में लिया है। एसएसपी ने कहा कि किस होमगार्ड की ड्यूटी थी और रात में आसपास के कमरे में कौन-कौन था, सबकी जांच हो रही है।

मस्टररोल छांटने के बाद किया आग के हवाले

शुरुआती जांच में पता चला कि आग लगाने वाला रेकॉर्ड से पूरी तरह से वाकिफ था। उसने 2 अलमारियों में से छांटकर केवल जांच से संबंधित मस्टररोल को ही बाहर निकाला। इसके बाद जिस बॉक्स में 2014 से अब तक के रेकॉर्ड रखे थे, उसकी भी जांच की। जांच से जुड़े मस्टररोल का इत्मीनान होने के बाद बक्से में सभी फाइलों को डाला और आग लगा दी। सुबह सूचना मिलने पर जब तक दमकल विभाग के कर्मचारी पहुंचे, पूरा रेकॉर्ड जल चुका था।

ऐसे किया गया वेतन घोटाला

जिले में तैनात होमगार्डों की ड्यूटी थानों के अलावा ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक दफ्तरों में लगाई जाती है। इसके लिए उन्हें 600 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जाता है। होमगार्ड विभाग के अधिकारी ड्यूटी पर जाने वाले जवानों का मस्टररोल तैयार करते हैं। इस पर संबंधित थाने के एसएचओ या ऑफिस के अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ मुहर लगती है। होमगार्ड विभाग के अधिकारियों ने फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल करके मस्टररोल तैयार किए। इनमें असल तैनाती की जगह ज्यादा संख्या में होमगार्डों की ड्यूटी दिखाई गई। फर्जी तरीके से लगी ड्यूटी का जो वेतन मिला, उसका कुछ हिस्सा संबंधित होमगार्ड को देकर अधिकारियों ने डकार लिया। सूत्रों के अनुसार यह घोटाला कई वर्षों से चल रहा था।

इस तरह से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

होमगार्ड के प्लाटून कमांडर ने जुलाई में एसएसपी वैभव कृष्ण से फर्जीवाड़े के बारे में शिकायत की थी। एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी विनीत जायसवाल ने जांच की। जांच में पता चला कि मई और जून में 8 लाख रुपये के वेतन का घोटाला हुआ है। शासन से केस दर्ज करने की एसएसपी ने अनुमति मांगी तो शासन ने एक जांच कमिटी बनाकर भेज दी। पूरे प्रदेश में ऐसे मामले की जांच के प्रदेश के होमगार्ड मंत्री ने आदेश दे दिए। जिला पुलिस ने घोटाले से संबंधित कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे। सोमवार को भी कुछ दस्तावेज पुलिस ने कब्जे में लिए थे।

नवभारत टाइम्स से साभार

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