माइक्रोमैक्स प्रबंधन को हाईकोर्ट का एक और झटका

नैनीताल हाईकोर्ट ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल को 6 हफ्ते में छँटनी विवाद के निस्तारण का दिया निर्देश

उत्तराखंड के पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित भगवती प्रौडक्टस (माइक्रोमैक्स) द्वारा 11 महीने से गैरकानूनी छँटनी का दंश झेल रहे 303 संघर्षरत श्रमिकों के संबंध में नैनीताल उच्च न्यायालय ने औद्योगिक न्यायाधिकरण हल्द्वानी को निर्देश दिया है। अपने आदेश में कहा है कि पूरे मामले को 6 हफ्ते के भीतर निस्तारित करें। साथ ही यह मामला उच्च न्यायालय की निगरानी में भी रहेगा।

दूसरी ओर औद्योगिक न्यायाधिकरण हल्द्वानी ने श्रमिकों की ओर से अंतरिम अनुतोष के तौर पर गुजारे भत्ते के आवेदन को निरस्त कर दिया।

ज्ञात हो कि पीड़ित श्रमिक को अपनी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए अनुतोष सहायता राशि व गुजारा भत्ता देने का प्रावधान है। लेकिन आज के दौर में जहां एक के बाद एक कानूनी अधिकार छीने जा रहे हैं, वहां पर मजदूरों को कोई कानूनी राहत मिलेगी, वह भी जिससे मालिकों की पाॅकेट पर प्रभाव पड़ेगा, संभव नहीं है।

11 माह से संघर्षरत हैं मजदूर

27 दिसंबर 2018 को भगवती माइक्रोमैक्स प्रबंधन ने गैरकानूनी रूप से 303 श्रमिकों की छँटनी कर दी थी। शेष श्रमिकों में से यूनियन अध्यक्ष का गेट बंद रखा और बाद में निलंबित कर दिया। अन्य श्रमिकों को गैरकानूनी लेऑफ से बाहर बैठा रखा है। ऐसे में पिछले 11 महीने से मजदूरों का कंपनी गेट पर लगातार धरना व क्रमिक अनशन जारी है। जमीनी स्तर पर आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई हाईकोर्ट से इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल तक चल रहा है।

माइक्रोमैक्स मजदूरों का यह संघर्ष एक ऐसे दौर में चल रहा है जब पूरे देश में श्रम कानूनी अधिकारों को मजदूरों से छिनने लिए मोदी सरकार पूरी तरह से आक्रामक है। उसी के अनुरूप स्थानीय शासन, प्रशासन, श्रम विभाग, सभी मजदूरों के दमन पर खुलेआम उतारू हैं। मजदूरों पर फर्जी मुकदमे लगे हैं।

इन सबके बावजूद भयानक गर्मी, विकट बारिश व ठंड सब कुछ झेलते हुए मजदूर संघर्षरत हैं। 6 सप्ताह में हाई कोर्ट द्वारा मामले को निस्तारित करने के निर्देश से मजदूरों का हौसला और बढ़ा है।

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