महानदी पॉवर प्लांट मजदूरों का भारी दमन

आधी रात अनशनकरियों पर पुलिसिया हमला, 67 मजदूरों को भेजा जेल

जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़)। अकलतरा क्षेत्र के नरियरा-तरौद स्थित केएसके महानदी पॉवर प्लांट की नीति के खिलाफ मजदूरों द्वारा किए जा रहे आमरण अनसन के दूसरे दिन ही आधी रात को आंदोलन कर रहे मजदूरों को बिना नोटिस दिए ही प्रशासन ने पंडाल को उखाड़कर फेंक दिया। आमरण अनशन कर रहे मजदूरों के समर्थन में बैठे 67 मजदूरों को पुलिस उठाकर जांजगीर ले गई और जमे हुए अन्य ग्रामीणों को भी खदेड़ा गया। रात में पुलिस लाइन में मजदूरों को रखने के बाद 67 मजदूरों को धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया है।

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गौरतलब है कि पिछले 38 दिनों से केएसके महानदी पावर प्लांट के मजदूर अपने नेताओं सहित 35 मजदूरों को निलंबित किए जाने के खिलाफ अनशन पर बैठे थे। वहीं 17 अक्टूबर से आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया था। इस आंदोलन की वजह से महानदी पावर प्लांट में 38 दिनों से कामकाज ठप पड़ा था।

आंदोलनकारी मजदूर, प्लांट प्रबन्धन द्वारा निलम्बित 35 मजदूरों को बहाल करने, किसानों को मुआवजा देना की माँग करते धरना, फिर क्रमिक भूख हड़ताल और फिर आमरण अनशन कर रहे थे।

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मजदूरों द्वारा किये जा रहे आंदोलन को तेज करने से सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा था, इसी के चलते आधी रात आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और मजदूरों पर आमरण अनशन खत्म करने का दबाव डाला। मजदूरों द्वारा माँगें पूरी करने की बात हुई, जिसके ज़वाब में प्रशासन ने मजदूरों के आंदोलन को कुचलने के लिए दमन का सहारा लिया।

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प्रशासन की कार्रवाई के वक्त जांजगीर एसडीएम, एएसपी, डीएसपी और कई थानों के टीआई समेत सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े केएसके बिजली उत्पादक पावर प्लांट के प्रबंधन ने 17 सितम्बर को प्लांट के गेट पर लॉक आउट का बोर्ड लगा दिया गया है। यह प्लांट जांजगीर चाँपा जिले के नरियरा अकलतरा में स्थित है। इस संयंत्र में 3500 श्रमिक और 600 कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रबंधन के लॉक आउट के एक बोर्ड ने करीब 4 हजार से अधिक कर्मचारियों को सड़क पर ला दिया है। इन्हीं परिस्थितिओं में मजदूरों का आन्दोलन तेज हुआ था, जिसे अब दमन का शिकार होना पड़ा।

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