‘लोगों को लूटा जा रहा है’: इराक़ में गूंजती बगावत की आवाजें

इराकी राजधानी में प्रदर्शनकारी ने किया पीछे न हटने का वादा! नौकरियों, बेहतर सेवाओं और भ्रष्टाचार के खात्मे की मांगें प्रमुख।

इराकी राजधानी में प्रदर्शनकारी ने किया पीछे न हटने का वादा! नौकरियों, बेहतर सेवाओं और भ्रष्टाचार के खात्मे की मांगें प्रमुख।

इराक की सरकार और व्यापक राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों ने इस सप्ताह देश के विभिन्न हिस्सों को पस्त कर दिया है। लंबे समय से संकट ग्रस्त अर्थव्यवस्था और सरकारी भ्रष्टाचार के कारण हजारों लोगों सड़कों पर उतर पड़े हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सत्ताधारी राजनीतिक वर्ग जनता को आवश्यक सेवाएं, मूलभूत संरचना और रोज़गार के अवसर प्रदान करने में पूरी तरह विफल रहा है।

सरकार ने एक प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। ऐसे सरकारी दमन में मंगलवार से दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इस बीच, इराक की राजधानी बगदाद और कई दक्षिणी शहरों में कर्फ्यू घोषित कर दिया गया है।

यहां, बगदाद में प्रदर्शनकारियों – जिनमें से कुछ गुमनाम रहना चाहते हैं या केवल अपना पहला नाम देते हैं – अपनी मांगों और चिंताओं को साझा करते हैं।

अब्दुल्ला वालिद, 27

“हम नौकरी और बेहतर सार्वजनिक सेवाएं चाहते हैं। हम उनसे सालों से मांग कर रहे हैं और सरकार ने कभी जवाब नहीं दिया है।”

अहमद हैदर, बगदाद

“हम दहेश नहीं हैं [इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट, आईएसआईएल या आईएसआईएस], हम शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हमारे सामान्य अधिकारों की मांग उठा रहे हैं – वे हम पर गोलीबारी क्यों कर रहे हैं? उन्होंने युवकों को मार डाला। क्यों? क्यों?”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“[यहाँ] कोई बिजली, कोई नौकरी नहीं है, लोग भुखमरी से मर रहे हैं, और लोग बीमार हैं।”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“कर्फ्यू के बावजूद, हम अपने अधिकारों की मांग उठाएंगे, हम शासन को बदलना चाहते हैं। उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार किया है, उन्होंने हमारे लोगों के साथ ऐसा सलूक किया हैं जो उन्होंने दहेश के साथ भी नहीं किया – उन्होंने हमें मारा और अपमानित किया है। गोलाबारी की है। हमने क्या किया? क्या हम “सुसाइड बॉम्बर” हैं? हम यहां अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। “

अली, बेरोजगार विश्वविद्यालय स्नातक, बगदाद

“हम तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक कि सरकार गिर नहीं जाती। मेरी जेब में मात्र 250 लिरा [20 यूएस सेंट] है, जबकि सरकारी अधिकारियों की जेब में लाखों की रकम हैं।”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“कर्फ्यू के बावजूद भी, मैं ख़ुदा की कसम खाता हूं कि हम पीछे नहीं हटेंगे। हम अपने सबसे सरल अधिकारों की मांग कर रहे हैं … हम अपने देश के लिए खुद को बलिदान कर रहे हैं, इराक के लिए बलिदान होने के लिए यहां आए हैं। लोग, अपने लिए नहीं, बल्कि अपने बच्चों के लिए बाहर आएं।  “

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“मेरे सभी भाइयों और रिश्तेदारों ने विश्वविद्यालयों से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है, लेकिन बेरोज़गार हैं। अगर मेरा कोई भविष्य नहीं है तो मै किस लिए पढ़ाई करूं?”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“गोलियां हमें डराती नहीं हैं। वे इराकियों को नहीं डराते हैं। यह सब उनके सिर पर आएगा।”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“लोगों को लूटा जा रहा है। लोग अब सड़क पर भीख मांग रहे हैं। कोई काम नहीं है, आप विरोध करने के लिए आते हैं, वे आप पर गोली चलाते हैं।”

सैय्यद, 32, बगदाद

“हमने कल [प्रधान मंत्री] आदेल अब्दुल महदी का भाषण सुना। ये ऐसे वादे हैं जिन्हें हम 15 साल से अधिक समय से सुन रहे हैं। वे कुछ भी नहीं बदलेंगे, किंतु वे हमें सड़कों से पीछे नहीं हटा सकते। या तो हम मर जाएंगे, या हम शासन बदलेंगे।”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“हमारी मांग। हम काम चाहते हैं, हम काम चाहते हैं। अगर वे हमारे साथ इराकियों के रूप में व्यवहार नहीं करना चाहते हैं तो हमें बता दें कि हम इराकी नहीं हैं और हम अन्य राष्ट्रीयताएं पाएंगे और दूसरे देशों में पलायन करेंगे।”

प्रदर्शनकारी, बगदाद

“यह सरकार नहीं है, यह पार्टियों और मिलिशिया का एक समूह है जिसने इराक को नष्ट कर दिया है।”

साभार: अल जज़ीरा अंग्रेज़ी

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