जादवपुर विश्वविद्यालय छात्रों पर हमले के खिलाफ कोलकाता में हुआ विशाल प्रदर्शन

भाजपा नेताओं ने किया विश्वविद्यालय पर बालाकोट जैसे हमले का ऐलान!

विश्वविद्यालय से कोलकाता के गोल पार्क तक आयोजित ‘धिक्कार जुलूस’

जब संघ से सम्बंधित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने एक कार्यक्रम के लिए भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो को जादवपुर विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया तो छात्रों के बड़े समुदाय में इसके खिलाफ़ विरोध भी पनपने लगा। भाजपा की राजनीति व सुप्रियो के विभिन्न विवादास्पद बयानों की खिलाफत करते हुए, क़रीब 500 की तादात में छात्रों ने सुप्रियो के कैंपस में प्रवेश के विरोध में प्रदर्शन किया। सुप्रियो व उनके साथ आए दल बल और छात्रों में कहा सुनी के बाद सुप्रियो द्वारा बलपूर्वक कैंपस में प्रवेश करने की कोशिश से मामला और गरम हो गाया। छात्र छात्राओं का कहना है कि मंत्री के सुरक्षा बल ने छात्रों पर पहला आघात किया, व स्वयं सुप्रियो ने छात्रों के साथ हाथापाई व छात्राओं के कपड़ों व चरित्र के बारे में अपशब्द कहे और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों को नौकरी से निकलवा देने की धमकी दी।

हमले में घायल छात्र

जहां एक ओर सुप्रियो के कैंपस में प्रवेश करने के खिलाफ प्रदर्शन चल ही रहा था, दूसरी ओर भाजपा के करीब डेढ़ सौ कार्यकर्त्ताओं ने कैंपस के अंदर घुस कर छात्र संघ के कार्यालय में फर्नीचर, कंप्यूटर इत्यादि की तोड़फोड़ व आगजनी शुरू कर दी। छात्रों के वहां पहुंचने पर बाहर से आई भीड़ ने छात्रों पर भी हमला किया और कई छात्रों को गहरी चोटें आईं। विश्वविद्यालय के कुलपति व बंगाल के राज्यपाल ने मौके पर पहुंचकर सुप्रियो के कैंपस से निकलने का इंतजाम किया।

छात्र संघ कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद का दृश्य

घटना की प्रतिक्रिया में भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय को देशद्रोहीयों का गढ़ करार करते हुए कहा कि जिस तरह पाकिस्तान के आतंकवादियों को बालाकोट के सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा खत्म किया गया है उसी तरह उनके कार्यकर्ता इस ‘गढ़’ को भी खत्म करेंगे। वहीं तृणमूल नेताओं ने विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ करने वालों पर कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया।

आज 20 सितंबर को 3000 से अधिक तादात में छात्रों ने कोलकाता की सड़कों पर उतर कर कल हुए घटना के खिलाफ प्रतिरोध दर्ज कराया। जुलूस में छात्रों को नागरिक समाज के एक हिस्से का समर्थन भी मिला।

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