गुलियान में गूँजी मारुति मज़दूरों की आवाज़

कलायत हल्के से मज़दूर अपना प्रत्याशी खड़ा कर चुनावी मदारियों को देंगे चुनौती

हर 5 साल में होने वाले चुनाव में जनता के वोटों के नाम पर जनता से होने वाली धोखाधड़ी, सार्वजनिक संसाधनों की बंदरबांट के अंत और विधानसभा में मेहनतकश जनता के मुद्दों को उजागर करने के लिए समतावादी जन मुक्ति मंच ने गुलियाना में जनसभा में अपनी आवाज बुलंद की और कलायत हल्के से मारुति के बर्खास्त व संघर्षशील नेता रामनिवास प्योदा को प्रत्याशी घोषित किया।

यह जन सभा चुनाव के इस दौर में समतावादी जनमुक्ति मंच द्वारा चलाए जा रहे अभियान का पहला कदम था। इसके आगे 15 अक्टूबर तक मंच के कार्यकर्ता रोज़ाना गाँव-गाँव जा कर मज़दूरों के मुद्दे उठाते हुए, पूंजीवादी सत्ता के खिलाफ़ मेहनतकश जनता के वोट लामबंद करने का काम करेंगे, व कैथल-कलायत क्षेत्र में मेहनतकश मज़दूर किसान को संगठित करने का काम करेंगे। 

सभा में कलायत हल्के के विभिन्न गांव,जैसे प्यौदा, देवबंद, कैलरम, कलायत, लांबा खेड़ी, मटौर, कमालपुर, खेड़ी सिंबलवाली, सोंगरी, गुलियाना, फरियाबाद, राजौंद, सिसमौर, किछाना और सेरहधा की जनता व समर्थन में आए मज़दूर युनिनों और जन संगठनों की भागीदारी भी रही। इकट्ठा हुए यूनियनों व संगठनों में मारुति सुज़ुकी के मानेसर और गुड़गांव प्लांट की यूनियन, गुड़गाव स्थित संग्रामी मज़दूर यूनियन, जन संघर्ष मंच, हरियाणा, मज़दूर क्रांति परिषद, पश्चिम बंगाल भी शामिल थे।  मंच में बर्खास्त मारुति मज़दूरों और उनके परिजनों की ख़ास पहल और सहयोग है। मंच की इस पहली जन सभा का आयोजन भी 2012 से जेल में बंद, सरकार और प्रबंधन की साज़िश के तहत उम्र कैद की सज़ा काट रहे मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन के प्रधान राम मेहर के गाँव में किया गया। भगत सिंह और उनके साथियों को अपनी प्रेरणा मानते हुए मज़दूरों द्वारा ली गयी पहल अपने संघर्ष को एक राजनैतिक रूप से स्थापित करने की ओर एक कदम है। 

जन संघर्ष मंच, हरियाणा, के नेता कॉम. फूल सिंह ने आज के समय में मेहनतकश जनता के संघर्ष के महत्व को रखते हुए मंच को पूरी तरह अपने संगठन का समर्थन देने का वादा किया। मारुति के दोनों प्लांटों से आए हुए नेताओं ने आंदोलन के लम्बे सफ़र में प्रोविजनल कमेटी के साथियों द्वारा जेल में बंद मज़दूरों, उनके परिवारों के पक्ष में निरंतर भूमिका को व्यक्त किया और कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इस कदम से ये साथी इस क्षेत्र की जनता के लिए भी पूरी लगन से काम करेंगे। मज़दूर क्रांति परिषद्, पश्चिम बंगाल के साथियों ने मंच को क्रांतिकारी अभिनन्दन देते हुए कहा कि मारुति आन्दोलन ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वर्ग संघर्ष को आगे ले जाने में भूमिका निभाई है और चुनाव में भागीदारी भी इस संघर्ष का एक पड़ाव है, जहाँ मज़दूरों की अपनी वर्गीय आवाज़ दर्ज करने की ज़रुरत है।   

खुशीराम, प्रवक्ता

समतावादी जनमुक्ति मंच

भूली-बिसरी ख़बरे

%d bloggers like this: