फ्रांस में नए पेंशन नियमों के खिलाफ मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल

फ्रांस में पेंशन नियमों में बदलाव को लेकर रेलवे, मेट्रो, चिकित्सा, वकालत और एयरलाइन कर्मचारी तथा विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
फ्रांस की सरकार ने अलग-अलग सेवाओं की करीब 42 पेंशन योजनाओं को खत्म करते हुए एक पॉइंट बेस्ड सिंगल पेंशन स्कीम की घोषणा की है। इसके मुताबिक ज्यादा उम्र तक काम करने पर ही पूरी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। कम उम्र में रिटायर होने पर कम पेंशन मिलेगी।
इस नई पेंशन योजना से सबसे ज्यादा नुकसान मेट्रो कर्मचारियों को होगा, इसलिए सबसे ज्यादा विरोध मेट्रो कर्मचारी ही कर रहे हैं। मेट्रो कर्मचारियों को पेंशन सेवा का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए 53 साल तक और अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों को 63 साल तक काम करना होता है।
हड़ताल के दौरान 16 में से 10 मेट्रो लाईने और 2 क्षेत्रीय रेल सेवाएं पूरी तरह ठप्प हैं। फ्रांस में 2007 के जनआंदोलन के बाद के बाद यह सबसे तीखा आंदोलन हो सकता है। नेतृत्वकारी यूनियनों का कहना है कि आंदोलन अभी और तीखा होगा। पिछले संशोधनों में रेलवे कर्मचारियों के बहुत से अधिकारों में कटौती की है फ़िर भी मजदूरों पर हमले लगातार जारी है।
राष्ट्रपति मैंक्रो की जनविरोधी नीतियों की वजह से फ्रांस की जनता लगातार सरकार का विरोध कर रही हैं। गिरते रहन-सहन और अन्य नागरिक सुविधाओं में कटौती के खिलाफ पिछले दिनों फ्रांस में येलो वेस्ट आंदोलन हुआ था जिसने काफी हिंसक रूप ले लिया था। फ्रांस में हुए एक सर्वे के अनुसार 4 में से 3 लोग मानकर चल रहे हैं कि मैंक्रो की सरकार जनहित में कोई भी फैसले नहीं लेने वाली।
फिलहाल मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल से यातायात पर काफी प्रभाव पड़ा है और इस दौरान उबेर और अन्य निजी टैक्सी सेवा प्रदान करने वाली कंपनियां मनचाहे दर पर किराया वसूल रही है और बस स्टैंड पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।

न्यूज़ एजेंसी ब्लूमबर्ग से साभार

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