अन्याय : महिंद्रा सीआईई के मज़दूर को भेजा जेल

5 और मज़दूरों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार


दो साल पुराने आंदोलन के दौरान प्रबंधन द्वारा दर्ज फ़र्जी मुकदमे पर हुई कार्रवाई


रुद्रपुर (उत्तराखंड)। महिंद्रा सीआईई ऑटोमोटिव लिमिटेड के पंतनगर प्लांट के एक मजदूर राजेन्द्र जोशी को 3 सितंबर को कोर्ट ने जेल भेज दिया और पांच अन्य साथियों के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।


दरअसल,  2 साल पहले महिंद्रा सीआईई के पंतनगर प्लांट में मांग पत्र को लेकर एक लंबा और जुझारू संघर्ष चला था। जिसमें प्रबंधन ने चार अगुआ मजदूरों को बर्खास्त कर दिया था।


संघर्ष के उसी दौर में मैनेजमेंट ने पुलिस की मिलीभगत से फर्जी मुकदमे मजदूरों का ठोक दिए थे, जिसके एक मुकदमे में पंतनगर प्लांट के छह मजदूर अभियुक्त बने थे। तीन मजदूरों ने जमानत ले ली थी।


इस बीच महेंद्र सीआईई के लालपुर प्लांट में 10 महीने पहले यूनियन ने मांग पत्र दिया था, जिसको लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसीलिए प्रबंधन ने इस पुराने मुकदमे को उभड़वा दिया और जमानत लिए हुए मज़दूर की कोर्ट में उपस्थित ना होने के बहाने पुलिस द्वारा प्रेशर बनाया गया। जब इनमें से एक मजदूर कोर्ट में उपस्थित हुआ तो उसको कोर्ट ने जेल भेज दिया।


अभी बाकी पाँच मजदूरों पर भी जेल भेजे जाने की तलवार लटकी है। प्रबन्धन पुलिस की मिलीभगत से कुछ और पुराने मुक़दमों को उभार कर यूनियन व मज़दूरों पर दबाव बनाना चाहती है।


ज्ञात हो कि महिंद्रा सीआईई के दोनों प्लांटों की एक ही यूनियन है। प्रबन्धन दोनों प्लांटों की एकता से भी ख़फ़ा चल रहा है।


यही है न्यायतंत्र का असली चेहरा


यह है पूँजीवाद का न्याय तंत्र, जहाँ प्रबंधन द्वारा सीधे आपराधिक कार्रवाई करने और उसके ख़िलाफ़ कई तहरीर देने के बावजूद 2 सालों से प्रबंधन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके विपरीत निर्दोष मजदूरों पर प्रबंधन द्वारा लगाए गए फर्जी मुकदमे पर कार्रवाई हो रही थी।

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