चीन में बेरोगजारी संकट बढ़ा

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक साल में 19 लाख नौकरियां गईं

नई दिल्ली। अमेरिका से चल रहे ट्रेड वॉर के चलते चीन की अर्थव्यवस्था संकट में पड़ गई है। चायना इंटरनेशनल कैपिटल कॉर्प (सीआईसीसी) के मुताबिक चीन में जुलाई 2018 से मई 2019 के बीच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 19 लाख नौकरियां चली गईं।
पिछले महीने में अमेरिका ने बारी-बारी से चीन के उत्पादों पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी की थी।

अमेरिकी थिंकटैंक पीटरसन इंस्टिीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल इकोनोमिक्स ने कहा है कि चीन में नौकरियों की गिरावट तो आई है लेकिन यह गिरावट पहले से आ रही है। इसका कारण है चीन का सेवा आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ना। इसलिए बदलाव का यह दौर पहले से ही शुरू हो चुका होना चाहिए। फिर भी यह सच है कि चीन में नौकरियों की हालत बेहद खराब है।


चीन सरकार द्वारा विकसित सामाजिक ऋण प्रणाली की सफलता पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। आलोचकों ने चेतावनी दी कि है 2020 तक लागू होने वाली यह प्रणाली अधिकारियों को वांछनीय और अवांछनीय व्यवहार परिभाषित करने में सक्षम बनाती है और इसके लागू होने से नागरिकों के जीवन के अभूतपूर्व नियंत्रण की अनुमति भी मिल जाती है। इसलिए इसके प्रभावी ढंग से लागू होने में संदेह है। जून में खत्म हुई तिमाही में चीन की विकास दर 6.2 फीसदी रही, जो पिछले 26 साल में सबसे निचले स्तर पर है।

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