मोदी सरकार का सार्वजानिक कम्पनियां बेचने में तेजी

सेल की झारखंड और उत्तर प्रदेश में दो अनुषंगी कंपनियों होंगी बंद

मोदी सरकार सार्वजानिक कंपनियो को बेचने या बंद करने के खेल में पूरी तरह से उतर पड़ी है. रेलवे कारखानों, आयुध कारखानों आदि के निगमीकरण/निजीकरण, बीएसएनएल आदि को बेचने/बंद करने के क्रम में अब सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की बारी है.

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ख़बर के मुताबिक़ सेल उत्तर प्रदेश और झारखंड में स्थित अपनी दो अनुषंगी इकाइयों को बंद करने जा रही है.

कंपनी की एक रपट में कहा गया है, ‘सेल ने बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वाली या परिचालन नहीं कर रही अनुषंगियों के साथ-साथ कुछ संयुक्त उपक्रमों से बाहर आने या उन्हें बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए कंपनी ने अपनी दो अनुषंगियों सेल जगदीशपुर पावर प्लांट लिमिटेड और सेल सिंदरी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.’

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सेल ने कंपनी कानून-2013 की धारा-248(2) और कंपनी (कंपनी पंजीयक से कंपनियों का नाम हटाना) नियम-2016 के नियम-4(1) के प्रावधानों के मुताबिक, तेजी से बाहर आने की प्रक्रिया के तहत इन दो अनुषंगियों को बंद करने के दस्तावेज दाखिल किये हैं. हालांकि, कंपनी ने इन दोनों अनुषंगियों की कोई वित्तीय जानकारी साझा नहीं की है.

सेल की अनुषंगी आइआइएससीओ-उज्जैन पाइप एंड फाउंड्री कंपनी लिमिटेड कोलकाता के परिसमापन की प्रक्रिया पहले से चल रही है. सेल की दो अन्य अनुषंगियां सेल रीफ्रैक्टरी कंपनी लिमिटेड, सलेम (तमिलनाडु) और छत्तीसगढ़ मेगा स्टील लिमिटेड, भिलाई (छत्तीसगढ़) में हैं.

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